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जीएसटी काउंसिल का फैसला, 1 जनवरी से मंथली GST रिटर्न दाखिल नहीं करने पर जमा नहीं कर सकेंगे GSTR-1

जीएसटी काउंसिल ने जीएसटी रजिस्ट्रेशन के लिए आधार ऑथेंटिकेशन को अनिवार्य कर दिया है.

जीएसटी काउंसिल ने जीएसटी रजिस्ट्रेशन के लिए आधार ऑथेंटिकेशन को अनिवार्य कर दिया है.

जीएसटी काउंसिल (GST Council) ने एक जनवरी, 2022 से सेंट्रल जीएसटी नियम के नियम 59 (6) में संशोधन करने का फैसला किया है.

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    नई दिल्ली. नए साल यानी एक जनवरी से समरी रिटर्न और मंथली जीएसटी के भुगतान में चूक करने वाली कंपनियों को आगे के महीने के लिए जीएसटीआर-1 (GSTR-1) बिक्री रिटर्न दाखिल करने की अनुमति नहीं होगी. जीएसटी काउंसिल (GST Council) की लखनऊ में शुक्रवार को हुई बैठक में कंप्लायंस को सुसंगत बनाने की दृष्टि से कई फैसले किए गए. इसमें कंपनियों या कारोबारियों द्वारा रिफंड का दावा करने के लिए आधार ऑथेंटिकेशन (Aadhaar Authentication) को अनिवार्य किया जाना भी शामिल है.

    माना जा रहा है कि इन कदमों से जीएसटी की चोरी से रेवेन्यू में होने वाले नुकसान को रोका जा सकेगा. जीएसटी सिस्टम एक जुलाई, 2017 को लागू हुई थी.

    सेंट्रल जीएसटी नियम के नियम 59 (6) में संशोधन
    जीएसटी काउंसिल ने एक जनवरी, 2022 से सेंट्रल जीएसटी नियम के नियम 59 (6) में संशोधन करने का फैसला किया है. इसके तहत यदि किसी पंजीकृत व्यक्ति ने पिछले महीने का फॉर्म जीएसटीआर-3बी में रिटर्न दाखिल नहीं किया है, तो उसे जीएसटीआर-1 जमा करने की अनुमति नहीं होगी. अभी कंपनियां यदि पिछले दो माह का जीएसटीआर-3बी जमा करने में चूक जाती हैं, तो उन्हें बाहरी आपूर्ति या जीएसटीआर-1 जमा कराने की अनुमति नहीं होती.

    कंपनियों को किसी महीने के लिए जीएसटीआर-1 बाद के महीने के 11वें दिन तक जमा कराना होता है. वहीं जीएसटीआर-3बी जिसके जरिए कंपनियां टैक्स का भुगतान करती हैं, उसके बाद के माह के 20वें से 24वें दिन जमा कराना होता है.

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    जीएसटी रजिस्ट्रेशन के लिए आधार ऑथेंटिकेशन को अनिवार्य 
    इसके अलावा जीएसटी काउंसिल ने जीएसटी रजिस्ट्रेशन के लिए आधार ऑथेंटिकेशन को अनिवार्य कर दिया है तभी कोई कंपनी रिफंड के लिए दावा कर सकेगी. सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्‍ट टैक्‍सेज एंड कस्टम्स यानी सीबीआईसी (CBIC) ने जीएसटी रजिस्ट्रेशन के लिए आधार ऑथेंटिकेशन को 21 अगस्त, 2020 से अनिवार्य किया था. काउंसिल ने अब फैसला किया है कि कंपनियों को अपने जीएसटी रजिस्ट्रेशन को बायोमीट्रिक आधार से जोड़ना होगा, तभी वे रिफंड के लिए दावा कर सकेंगी या रद्द रजिस्ट्रेशन को फिर बहाल करने के लिए आवदेन कर सकेंगी.

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