Companies Amendment Bill: संसद से मंजूर हुआ नया कानून, खेती-किसानी से जुड़ी कंपनियों को होगा फायदा

वित्‍त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में कहा कि कंपनी संशोधन विधेयक 2020 में कई गतिविधियों को अपराध के दायरे से बाहर कर दिया गया है.
वित्‍त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में कहा कि कंपनी संशोधन विधेयक 2020 में कई गतिविधियों को अपराध के दायरे से बाहर कर दिया गया है.

वित्‍त मंत्री निर्मला सीतारमण (FM Nirmala Sitharaman) ने कंपनी संशोधन विधेयक 2020 (Companies Amendment Bill, 2020) पर राज्‍यसभा (Rajya Sabha) में बताया कि इसके जरिये मूल कानून की 48 धाराओं में संशोधन किया गया है. कृषि उत्‍पादकों को फायदा पहुंचाने के लिए ग्रामीण क्षेत्र की उत्‍पादक कंपनियों के लिए अलग से अध्‍याय जोड़ा गया है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 22, 2020, 7:52 PM IST
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नई दिल्‍ली. कोरोना संकट के बीच चल रहे संसद के मानसून सत्र (Parliament Monsoon Session) के दौरान केंद्र सरकार एक के बाद एक संशोधन विधेयकों (Amendment Bills) को दोनों सदनों से पारित करा रही है. इसी क्रम में आज संसद के उच्‍च सदन यानी राज्‍यसभा (Rajya Sabha) ने कंपनी कानून में बदलाव के लिए लाए गए कंपनी संशोधन विधेयक, 2020 (Companies Amendment Bill, 2020) को ध्‍वनिमत से पारित कर दिया. लोकसभा (Lok Sabha) से इस संशोधन विधेयक को शनिवार को ही मंजूरी मिल गई थी. केंद्र ने बताया कि नए कानून के तहत कई समाधेय (Compoundable) गतिविधियों को अपराध के दायरे से बाहर कर दिया (Decriminalize) गया है. ये संशोधन देश में कारोबार की सुगमता (Ease of Doing Business) को बढ़ावा देने के लिए किया गया है. इससे बड़ी कंपनियों ही नहीं अपना कारोबार करने वाली छोटी कंपनियों को भी फायदा मिलेगा.

भारतीय कंपनियों को विदेशी बाजारों में सूचीबद्ध कराने की मिली छूट
नए कंपनी कानून में विभिन्‍न दंड वाले प्रावधानों (Penal Provisions) को अपराध की श्रेणी से बाहर करने का प्रावधान है. साथ ही इंडियन कॉरपोरेट्स (Indian Corporates) को विदेशी शेयर बाजारों में सीधे सूचीबद्ध करवाने (Listed) की छूट दे दी गई है. कृषि उत्‍पादकों को फायदा पहुंचाने के लिए ग्रामीण क्षेत्र की उत्‍पादक कंपनियों के लिए अलग से अध्‍याय जोड़ा गया है. विधेयक पर उच्च सदन में हुई चर्चा का जवाब देते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (FM Nirmala Sithraman) ने कहा कि सरकार संशोधनों को लेकर संसद में आती रही है, क्योंकि कंपनी कानून 2013 में अभी तक कुछ मुद्दे बाकी हैं.

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कंपनीज एक्‍ट 2013 की 48 धाराओं में कर दिया गया है संशोधन


सीतारमण ने चर्चा के दौरान कहा कि विभिन्‍न पक्ष अपनी प्रतिक्रिया और अनुभव बताते रहते हैं. उनका कहना कि कानून अभी तक उनकी मदद नहीं कर पा रहा है. इनका पालन करने में कुछ दिक्कतें आ रही हैं. संशोधन विधेयक के जरिये मूल कानून की 48 धाराओं में संशोधन का प्रवाधान है, ताकि कई गतिविधियों को अपराध की श्रेणी से बाहर किया जा सके. उन्‍होंने कहा कि कंपनी कानून के तहत वर्तमान में करीब 124 दंडात्मक प्रावधान हैं, जबकि मूल कानून में 134 ऐसे प्रावधान थे. बता दें कि चर्चा के दौरान ज्यादातर विपक्षी दलों के सदस्य सदन में नहीं थे. विपक्ष के आठ सदस्यों को शेष सत्र के लिए सस्‍पेंड करने के विरोध में विपक्ष के कई दलों के सदस्य सदन की कार्यवाही में हिस्सा नहीं ले रहे हैं.

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धोखाधड़ी, फर्जीवाड़ा करने वालों से कड़ाई के साथ निपटा जाएगा
वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा कि कंपनी कानून के दायरे में छोटी कंपनियां भी हैं और उनकी छोटी गलतियों को फौजदारी श्रेणी से हटाने का उन्‍हें फायदा मिलेगा. ऐसे अपराधों के लिए उन पर सिर्फ जुर्माना लगाया जा सकेगा. कंपनियों के अधिकारियों को जेल नहीं भेजा जा सकेगा. हालांकि, दस दौरान उन्‍होंने जोर दिया कि धोखाधड़ी (Fraud), फर्जीवाड़ा और जनहित (Public Interest) को नुकसान पहुंचाने वाले लोगों के साथ कड़ाई से निपटा जाएगा. उन्‍होंने कहा कि घोटाले, ऐसी दुर्घटनाएं जिनमें कोई हताहत हो और ऐसे ही 35 दूसरे बड़े अपराधों को कंपनीज एक्‍ट 2013 की ही तरह गंभीर अपराधों की श्रेणी रखा गया है. विधेयक पर हुई चर्चा में अधिकतर सदस्यों ने जोर दिया कि व्यापारियों पर गैरजरूरी कानूनी दबाव नहीं डाले जाने चाहिए और कारोबारी सुगमता को बढ़ावा देना चाहिए.
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