लाइव टीवी

इन किसानों को नहीं मिलेगी 6000 रुपये की सहायता, कहीं आप तो नहीं हैं इनमें?

ओम प्रकाश | News18Hindi
Updated: February 8, 2019, 11:03 AM IST
इन किसानों को नहीं मिलेगी 6000 रुपये की सहायता, कहीं आप तो नहीं हैं इनमें?
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना से आय और बढ़ाने में मिलेगी मदद

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का फायदा लेने के लिए कंडीशन अप्लाई, ताकि असली किसानों को ही मिले लाभ...

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 8, 2019, 11:03 AM IST
  • Share this:
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत सालाना  6000  रुपये की सहायता लेने के लिए सरकार ने कंडीशन अप्लाई कर दिया है. ताकि जो असल में खेती-किसानी करते हैं उन्हीं को इसका लाभ मिले. इसका लाभ उन किसानों  को मिलेगा जिनका नाम 2015-16 की कृषि जनगणना में आता है. सरकार ने पिछले साल इसे जारी किया था.  (ये भी पढ़ें: मोदी सरकार का दावा, बढ़ गई किसानों की आय, इनकम डबलिंग कमेटी की ये है रिपोर्ट)

लघु एवं सीमांत किसान परिवार की परिभाषा में ऐसे परिवारों को शामिल किया गया है, जिनमें पति-पत्नी और 18 वर्ष तक की उम्र के नाबालिग बच्चे हों और ये सभी सामूहिक रूप से दो हेक्टेयर यानी करीब 5 एकड़ तक की जमीन पर खेती करते हों. यानी पति-पत्नी और बच्चों को एक इकाई माना जाएगा. जिन लोगों के नाम 1 फरवरी 2019 तक लैंड रिकॉर्ड में पाया जाएगा वही इसके हकदार होंगे.

कृषि विभाग से जुड़े एक सूत्र ने बताया कि भूतपूर्व या वर्तमान में संवैधानिक पद धारक, वर्तमान या पूर्व मंत्री, मेयर या जिला पंचायत अध्यक्ष, केंद्र या राज्य सरकार में अधिकारी एवं 10 हजार से अधिक पेंशन पाने वाले किसानों को इसका लाभ नहीं मिलेगा. पेशेवर, डॉक्टर, इंजीनियर, सीए, आर्किटेक्ट, जो कहीं खेती भी करता हो उसे इस लाभ का हकदार नहीं माना जाएगा. (ये भी पढ़ें: खेती से बंपर मुनाफा चाहिए तो इन 'कृषि क्रांतिकारी' किसानों से लें टिप्स!)

 farmer, kisan, PM kisan samman nidhi scheme, union budget 2019, Budget, Modi Government, agriculture, farmer welfare, kisan, Doubling of Farmers' Income, agriculture loan waiver, debt relief scheme for former, agriculture loan fund, किसान, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना, यूनियन बजट 2019, मोदी सरकार, कृषि, किसान कल्याण, किसानों की आय दोगुनी, कृषि कर्जमाफी, कृषि कर्ज फंड, 2019 loksabha election, लोकसभा चुनाव 2019       सरकार की कोशिश, असली किसानों को मिले फायदा

लाभ के लिए कृषि विभाग में रजिस्ट्रेशन करवाना होगा. प्रशासन उसका वेरीफिकेशन करेगा. इसके लिए जरूरी कागजात होने चाहिए. जिसमें रेवेन्यू रिकॉर्ड में जमीन मालिक का नाम, सामाजिक वर्गीकरण (अनुसूचित जाति/जनजाति), आधार नंबर, बैंक अकाउंट नंबर, मोबाइल नंबर देना होगा.

यह योजना एक दिसंबर 2018 से लागू है, इसलिए 31 मार्च से पहले 2000 रुपये की पहली किस्त किसानों के अकाउंट में आ जाएगी. केंद्र सरकार का दावा है कि इससे 12 करोड़ किसानों को लाभ होगा. इस योजना पर सरकार 75 हज़ार करोड़ रुपए खर्च कर रही है.

कृषि कर्जमाफी की काट
Loading...

मोदी सरकार का मानना है कि कृषि कर्जमाफी किसानों की समस्या का हल नहीं है. रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन भी कृषि कर्जमाफी की पिछले दिनों आलोचना की थी. यही नहीं हरित क्रांति के जनक माने जाने वाले एमएस स्वामीनाथन भी कर्जमाफी का समर्थन नहीं किया. इसीलिए मोदी सरकार ने कर्ज माफी की बजाय किसानों को  सीधे फायदा देने का फैसला किया. कृषि कर्जमाफी के मसले पर मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में कांग्रेस से मात खाने के बाद सरकार पर इसकी काट में कोई योजना ले आनेे का दबाव था.

यह तेलंगाना और ओडिशा जैसा मॉडल है, जहां किसानों को सीधे कैश में सहायता की जा रही है. हमने पहले ही लिखा था कि सरकार ओडिशा या तेलंगाना मॉडल की तर्ज पर किसानों की सहायता का बड़ा ऐलान कर सकती है जो कर्जमाफी से अलग होगी. सरकार ने ऐसा ही किया.

यह दोनों सरकारें किसानों को केंद्र सरकार की इस योजना से अधिक सहायता दे रही हैं. तेलंगाना में किसानों को 8000 रुपये सालाना मिल रहा है. ओडिशा में 10,000 रुपये दिए जाने का ऐलान हुआ है. कृषि अर्थशास्त्री देविंदर शर्मा ने सवाल उठाया है कि जब दो राज्य सरकारें आठ से 10 हजार रुपये सालाना दे रही हैं तो केंद्र सरकार इतनी कम रकम क्यों प्रस्तावित कर रही है. हालांकि बीजेपी यह कह कर इस योजना को भुना रही है कि अब तक किसी भी सरकार नेेे राष्ट्रीय स्तर पर किसानों को ऐसी मदद नहीं की है. भविष्य में इसकी रकम बढ़ाई जा सकती है.

कितने करोड़पति किसान

सीबीडीटी के मुताबिक 2006-07 से 2014-15 तक  1 करोड़ से ज्यादा कृषि आय दिखाने वाले 2746 मामले आए हैं. बताया गया है कि इनमें से ज्यादातर नेता हैं, जो अपनी आय कृषि में दिखते हैं. हमारे 15.85 फीसदी सांसद खुद को किसान बताते हैं. विशेषज्ञों का दावा है कि ऐसे किसान 6000 वाली सहायता के हकदार नहीं होंगे.

 

 

इसे भी पढ़ें:

देश के इतिहास में किसानों को पहली बार मिलेगा पद्मश्री, 2013 में उठी थी आवाज

किसानों का अब सहारा बनेगा 'कालिया', हर साल करेगा 10 हजार की मदद!

बंजर ज़मीन पर खेती के लिए मजबूर हैं किसान, कैसे दोगुनी होगी आय?

हरित क्रांति के जनक स्‍वामीनाथन बोले- चुनावी फायदे के लिए कर्ज माफी के बीज मत बोइए

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए Delhi से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: February 6, 2019, 2:06 PM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...