...तो क्या अब HDFC और ICICI बैंक चीन के सेंट्रल बैंक People's Bank of China का पैसा लौटाएंगे?

...तो क्या अब HDFC और ICICI बैंक चीन के सेंट्रल बैंक People's Bank of China का पैसा लौटाएंगे?
आईसीआईसीआई बैंक

अखिल भारतीय कारोबारी महासंघ (कैट) ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Finance Minister of India) से अनुरोध किया कि वे आईसीआईसीआई बैंक और एनबीएफसी इकाई एचडीएफसी को चीन का निवेश वापस लौटाने का आदेश दें

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 19, 2020, 11:11 AM IST
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नई दिल्ली. भारत में लगातार हो रहे चीनी सामान (China Products Boycott) के बहिष्कार के बीच मंगलवार को चीन के सेंट्रल बैंक (The People's Bank of China) की ओर से भारतीय निजी बैंक ICICI Bank में हिस्सा खरीदने की खबर आई. इसको लेकर अखिल भारतीय कारोबारी महासंघ (कैट) ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से अनुरोध किया कि वे आईसीआईसीआई बैंक और एनबीएफसी इकाई एचडीएफसी को चीन का निवेश वापस लौटाने का आदेश दें. आपको बता दें कि चीन के केंद्रीय बैंक पीपल्स बैंक ऑफ चाइना (पीबीओसी) ने HDFC और ICICI बैंक में हिस्सा खरीदा हुआ है.

आपको बता दें कि आईसीआईसीआई बैंक ने हाल ही में क्यूआईपी (QIP-Qualified Institutional Placement) के जरिये 350 निवेशकों से 15,000 करोड़ रुपये जुटाए. इन निवेशकों में एक एक पीपल्स बैंक ऑफ चाइना है. PBoC ने ICICI बैंक में 15 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे है. इससे पहले पीबीओसी ने एचडीएफसी में भी 0.2 फीसदी हिस्सेदारी खरीद कर अपने निवेश को 1 फीसदी के ऊपर पहुंचा दिया था.

सरकार ने निवेश के नियम सख्त किए- सरकार ने अप्रैल में पड़ोसी मुल्कों से आने वाले निवेश को लेकर नियम सख्त कर दिए. अब कोई भी पड़ोसी देश भारत में पैसा लगाता है तो उसे सरकार से मंजूरी लेनी होगी. इस फैसले में वे देश शामिल थे, जिनकी सीमा भारत से मिलती है. यह फैसला चीन से आने वाले निवेश पर रोक लगाने के लिए लिया गया था.

बैंक People's Bank of China का पैसा वापस लौटाएं-कैट के महासचिव प्रवीण खंडेलवाल (CAIT — The Confederation of All India Traders) ने इस पूरे मामले को लेकर कहा है कि यह स्पष्ट नजर आता है कि चीन की मंशा भारतीय बैंकिंग और वित्तीय सेक्टर में घुसपैठ करने की है, जो काफी मजबूत है और देश के आर्थिक स्वास्थ के लिए काफी अहम है.

उन्होंने कहा- सरकार ने विदेशी निवेश की प्रणाली पर नजर रखने की प्रयास किए थे, मगर रिजर्व बैंक की तरफ से चीन से आने वाले फंडों और निवेश पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है.

जुलाई में भारत ने चीन के 59 ऐप्स को बैन कर दिया था, जिसमें टिकटॉक, हेलो और वीचैट शामिल थे. भारत सरकार ने यह फैसला भारत की एकता और संप्रभुता पर मंडरा रहे खतरे के मद्देनजर लिया था.
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