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भारत में इस साल मनेगी स्‍वदेशी दिवाली, कैट का अनुमान, चीन को लगेगा बड़ा झटका

भारत में इस साल मनेगी स्‍वदेशी दिवाली, कैट का अनुमान, चीन को लगेगा बड़ा झटका

इस बार में स्‍वदेशी दिवाली मनाई जाएगी. जिससे चीन को घाटा होगा.

इस बार में स्‍वदेशी दिवाली मनाई जाएगी. जिससे चीन को घाटा होगा.

कैट का कहना है कि पिछले साल की तरह इस साल भी कैट ने 'चीनी सामानों के बहिष्कार' का आह्वान किया है और निश्चित रूप से देश के व्यापारियों एवं आयातकों ने चीन से आयात बंद कर दिया है जिसके कारण इस दिवाली त्यौहारी सीजन में चीन को करीब 50 हजार करोड़ रुपये का व्यापार घाटा होने वाला है.

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    नई दिल्‍ली. कोरोना के बाद से लगातार चीनी सामानों के बहिष्‍कार (Boycott Chinese Product) का आह्वान कर रहे व्‍यापारी इस बार चीन को बड़ा झटका देने का अनुमान लगा रहे हैं. देश भर के व्यापारी कोविड महामारी (Covid Pandemic) के कारण पहले से ही काफी दवाब में थे लेकिन अब दिवाली के त्यौहारी सीजन के मद्देनजर देश भर के बाजारों में ग्राहकों की संख्या में हो रही वृद्धि से बड़े कारोबार की उम्मीद जता रहे हैं. इतना ही नहीं इस बार व्‍यापारियों का मानना है कि देश में स्‍वदेशी दिवाली मनेगी.

    कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT)का कहना है कि दिवाली त्‍यौहार की बिक्री अवधि के दौरान उपभोक्ताओं द्वारा खर्च के माध्यम से अर्थव्यवस्था में लगभग 2 लाख करोड़ रुपये की पूंजी का प्रवाह हो सकता है. कैट ने कहा कि पिछले साल की तरह इस साल भी कैट ने ‘चीनी सामानों के बहिष्कार’ का आह्वान किया है और निश्चित रूप से देश के व्यापारियों एवं आयातकों ने चीन से आयात बंद कर दिया है जिसके कारण इस दिवाली त्यौहारी सीजन में चीन को करीब 50 हजार करोड़ रुपये का व्यापार घाटा होने वाला है. इसके साथ ही एक और महत्वपूर्ण बदलाव यह है कि पिछले साल से उपभोक्ता भी चीनी सामान खरीदने में दिलचस्पी नहीं ले रहे हैं जिसके कारण भारतीय सामान के मांग बढ़ने की पूरी सम्भावना है.

    कैट राष्ट्रीय अध्यक्ष बी सी भरतिया और राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीन खंडेलवाल ने कहा कि कैट की रिसर्च शाखा कैट रिसर्च एंड ट्रेड डेवलपमेंट सोसाइटी की ओर से हाल ही में विभिन्न राज्यों के 20 शहरों को जिन्हें कैट ने वितरण शहर का दर्जा दिया हुआ है, में किए गए एक सर्वेक्षण में यह तथ्य सामने आया है कि इस वर्ष अभी तक भारतीय व्यापारियों या आयातकों की ओर से दिवाली के सामान, पटाखों या अन्य समान वस्तुओं का कोई ऑर्डर चीन को नहीं दिया गया है. लिहाजा इस साल दीवाली को विशुद्ध रूप से हिंदुस्तानी दिवाली के रूप में मनाया जाएगा. ये 20 शहर नई दिल्ली, अहमदाबाद, मुंबई, नागपुर जयपुर, लखनऊ, चंडीगढ़, रायपुर, भुवनेश्वर, कोलकाता, रांची, गुवाहाटी, पटना, चेन्नई, बंगलुरू, हैदराबाद, मदुरै, पांडिचेरी, भोपाल और जम्मू हैं.

    कैट का कहना है कि हर साल राखी से नए साल तक के 5 महीने के त्‍यौहारी सीजन के दौरान भारतीय व्यापारी और निर्यातक चीन से लगभग 70 हजार रुपये का माल आयात करते हैं. चीनी सामानों के बहिष्कार का कैट का आह्वान इस साल चीनी व्यापार के लिए एक बड़ा झटका होने वाला है और इस मांग की पूर्ति के लिए देश भर के व्यापारियों ने अपने प्रतिष्ठानों में भारतीय सामान का पर्याप्त बंदोबस्त कर लिया है.

    कैट का कहना है कि इस साल राखी उत्सव के दौरान चीन को लगभग 5000 करोड़ रुपये का भारी नुकसान हुआ और गणेश चतुर्थी में 500 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ और यही प्रवृत्ति दिवाली में भी देखे जाने के चलते यह स्पष्ट रूप पता चल रहा है कि यह न केवल व्यापारी हैं जो चीनी सामानों का बहिष्कार कर रहे हैं बल्कि उपभोक्ता भी चीन से बने उत्पादों को खरीदने के इच्छुक नहीं हैं. यह प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में व्यापारिक समुदाय का एक मजबूत और ठोस योगदान है.

    इन भारतीय सामानों का किया गया है स्‍टॉक
    भरतिया और खंडेलवाल ने बताया कि प्रमुख रिटेल सेक्टर जैसे एफएमसीजी सामान, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, खिलौने, कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रिकल अप्लायंसेज और सामान, किचन के सामान और एक्सेसरीज, गिफ्ट आइटम, पर्सनल कंज्यूमेबल्स, कन्फेक्शनरी आइटम, होम फर्निशिंग, टेपेस्ट्री, बर्तन, बिल्डर्स हार्डवेयर, फुटवियर, घड़ियां, फर्नीचर और फिक्सचर,वस्त्र, फैशन परिधान, कपड़ा, घर की सजावट के सामान, मिट्टी के दीयों सहित दिवाली पूजा के सामान, देवता, दीवार पर लटकने वाले, हस्तशिल्प के सामान, वस्त्र, शुभ-लाभ,ओम जैसे सौभाग्य के प्रतीक, गृह सज्जा के लिए देवी लक्ष्मी और अन्य देवी देवताओं के बनाए गए सामान, सजावटी वस्तुएं आदि प्रमुख क्षेत्र हैं जहां चीनी सामानों के स्थान पर व्यापारियों ने उपभोक्ताओं की मांगो के अनुरूप भारतीय सामान को पर्याप्त मात्रा में स्टॉक कर लिया है.

    Tags: Confederation of All India Traders, Diwali, Diwali 2021, Diwali Sale

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