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मोदी सरकार ने ग्राहकों को दिए ये अधिकार, अब बिना वकील आप लड़ सकते हैं केस

News18Hindi
Updated: August 27, 2019, 5:22 PM IST
मोदी सरकार ने ग्राहकों को दिए ये अधिकार, अब बिना वकील आप लड़ सकते हैं केस
कंज्यूमर प्रोटेक्शन बिल संसद में पास, ग्राहकों की दूर होगी परेशानी

कंज्यूमर प्रोटेक्शन बिल 2019 (Consumer Protection Bill 2019) संसद के दोनों सदनों में पास होने और राष्ट्रपति (President) से मंजूरी मिल जाने के बाद एक्ट बन गया है.

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  • Last Updated: August 27, 2019, 5:22 PM IST
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कंज्यूमर प्रोटेक्शन बिल 2019 (Consumer Protection Bill 2019) को संसद (Parliament) की मंजूरी मिलने के बाद अब सरकार (Government) इसे लागू करने की तैयारी कर रही है. कंज्यूमर प्रोटेक्शन बिल 2019 (Consumer Protection Bill 2019) संसद के दोनों सदनों में पास होने और राष्ट्रपति (President) से मंजूरी मिल जाने के बाद एक्ट बन गया है. कंज्यूमर अफेयर सचिव अविनाश श्रीवास्तव ने कहा कि अगस्त महीने के आखिर तक नियम बनाने का काम करेंगे. 3 महीने में सारे रूल्स तैयार होंगे. नए बिल में ग्राहकों को बिना वकील के लड़ने का अधिकार मिला है.

CCPA को मिले कई अधिकार
कंज्यूमर प्रोटेक्शन बिल में सेंट्रल कंज्यूमर प्रोटेक्शन अथॉरिटी (CCPA) को कई अधिकार दिए गए हैं. इससे ग्राहकों की परेशानियां दूर होंगी. CCPA में इन्वेस्टिगेशन विंग भी होगा. CCPA में से सरकार कंपनियों पर कार्रवाई करेगी. इन्वेस्टिगेशन विंग का हेड डीजी होगा, जबकि एडिशनल डीजी समेत कई अधिकारी इस विंग में शामिल होंगे. सीसीपीए स्वत: संज्ञान ले सकता है. सीसीपीए भ्रामक प्रचार पर रोक के लिए भी काम करेगा.

अब जिला में 1 करोड़ रुपये तक की शिकायत और राज्य स्तर पर 10 करोड़ रुपये की शिकायत कर सकते हैं. पहले वकील रखना पड़ता था, अब बिना वकील के आप लड़ सकते हैं केस. ये भी पढ़ें: पंजाब के इस CA को हर महीने मिलती है 89 लाख रुपए सैलरी, जानें कौन है ये शख्स?



अब विज्ञापनों में झूठे दावे करने पर जेल जाएंगे सेलेब्रिटीज
अब विज्ञापनों में झूठे वादे करने या गलत जानकारी देने पर कंपनियां, सर्विस प्रोवाइडर्स और तक कि उस विज्ञापन को एंडोर्स करने वाले सेलेब्रिटीज को भी सजा हो सकती है. इन चीजों का दोषी पाए जाने पर जुर्माना या जेल की सजा हो सकती है. इस बिल में प्रावधान रखा गया है कि कोई भी विज्ञापन चाहे वो- प्रिंट, रेडियो, टेलीविजन, आउटडोर, ई-कॉमर्स, डायरेक्ट सेलिंग या टेलीमार्केटिंग किसी भी माध्यम से किया जा रहा हो, अगर इसमें गलत जानकारी दी जाएगी तो ये अपराध की श्रेणी में आएगा.
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इस बिल में ऐसे विज्ञापन या मिसलीडिंग ऐड्स को ऐसे परिभाषित किया गया है, जिसमें किसी भी प्रॉडक्ट या सर्विस की झूठी जानकारी देना, झूठी गारंटी देना, कंज्यूमर्स को प्रॉडक्ट के नेचर, सब्सटेंस, क्वांटिटी या क्वालिटी को लेकर फुसलाना या जानबूझकर सर्विस प्रोवाइडर या मैन्युफैक्चरर की ओर से कोई जानकारी छुपाई जाए. इस बिल के तहत दिल्ली में सरकार की ओर से नियुक्त किए गए एक चीफ कमिश्नर की अध्यक्षता में एक सेंट्रल कंज्यूमर प्रोटेक्शन अथॉरिटी का गठन किया जाएगा, जो उपभोक्ता के अधिकारों के हनन, विज्ञापन के अनैतिक तरीके या गलत दावे करने वाले मिसलीडिंग ऐड्स को रेगुलेट करेगी.

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ये है सजा का प्रावधान
इस बिल के प्रावधान के मुताबिक, सर्विस प्रोवाइडर्स को 10 लाख रुपये के जुर्माने के साथ अधिकतम 2 साल की जेल की सजा हो सकती है. वहीं सेलेब्रिटीज को 10 लाख रुपये का जुर्माना झेलना पड़ सकता है. वहीं, बार-बार ये गलती करने पर अथॉरिटी उन पर 50 लाख रुपये के जुर्माने के साथ-साथ 5 साल तक जेल की सजा दे सकती है.

इतना ही नहीं, अथॉरिटी किसी सेलेब्रिटी के विज्ञापन एंडोर्स करने पर एक साल तक की रोक भी लगा सकती है. वहीं बार-बार यह गलती करने पर यह रोक तीन साल तक बढ़ाई जा सकती है.

(असीम मनचंदा, संवाददाता- CNBC आवाज़)

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First published: August 14, 2019, 7:32 AM IST
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