कोरोना वायरस संकट भी नहीं रोक पाया खेती की रफ्तार, पिछले साल से अधिक हुई बुवाई

कोरोना वायरस संकट भी नहीं रोक पाया खेती की रफ्तार, पिछले साल से अधिक हुई बुवाई
कोरोना के बावजूद इस साल बुवाई की रफ्तार पिछले साल से तेज है

पिछले साल के मुकाबले अब तक 10 फीसदी अधिक बारिश, 21.2 प्रतिशत अधिक हुई खरीफ फसलों की बुवाई

  • News18Hindi
  • Last Updated: July 18, 2020, 12:11 PM IST
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चनई दिल्ली. कोरोना वायरस संकट (Corona crisis) की वजह से ज्यादातर क्षेत्रों की रफ्तार थम गई है. लेकिन खेती-किसानी पिछले साल से भी अधिक तेजी से हो रही है. आज की तारीख तक खरीफ फसलों (Kharif Crop)  की बुवाई के रकबे पर कोविड-19 का कोई प्रभाव नहीं पड़ा है. उल्टे इस वर्ष खरीफ फसलों का बुवाई क्षेत्र पिछले वर्ष की तुलना में 21.2 प्रतिशत अधिक है. 17 जुलाई तक खरीफ फसलों की बुवाई 691.86 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में की गई है, जबकि पिछले वर्ष की इसी अवधि में यह रकबा सिर्फ 570.86 लाख हेक्टेयर था. कोविड-19 संकट की वजह से शहर छोड़कर गांव गए ज्यादातर लोग खेती में जुटे हुए हैं. ऊपर से डीजल की महंगाई (Diesel price) के बीच हुई अच्छी बारिश (Rain) ने बुआई में और तेजी ला दी है.

ग्रामीण अर्थव्यवस्था के जानकार पुष्पेंद्र सिंह का कहना है कि मानसून (Monsoon) अच्छा रहना और श्रमिकों की पर्याप्त उपलब्धता खेती के लिए अच्छा संकेत है. यही ग्रामीण अर्थव्यवस्था (Rural economy) को उबारेगा. रिवर्स पलायन के बाद गांवों में लोगों की संख्या बढ़ गई है. ये सब लोग खेती और उससे जुड़े कार्यों से अपना काम चला रहे हैं.





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कितनी हुई बारिश 

-देश में एक जून से 16 जुलाई तक तक 308.4 मिमी सामान्य बारिश होनी चाहिए. जबकि इस बार 338.3 मिमी हुई है. करीब 10 प्रतिशत अधिक बारिश हुई है.

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धान की बुवाई में करीब 19 फीसदी की तेजी है


फसलों के कितनी हुई बुवाई? 

-किसानों ने पिछले वर्ष के 142.06 लाख हेक्टेयर क्षेत्र के मुकाबले इस साल 168.47 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में धान की बुवाई की है, यानी रकबे में 18.59 प्रतिशत की वृद्धि.

-किसानों ने पिछले साल के 61.70 लाख हेक्टेयर क्षेत्र के मुकाबले इस साल 81.66 लाख हेक्टेयर में दलहन की खेती की है यानी रकबे में 32.35 प्रतिशत की वृद्धि.

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-किसानों ने पिछले वर्ष के 103.00 लाख हेक्टेयर क्षेत्र के मुकाबले इस साल 115.60 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में मोटे अनाज की बुवाई की है यानी रकबे में 12.23 प्रतिशत की वृद्धि.

-किसानों ने पिछले साल के 110.09 लाख हेक्टेयर क्षेत्र के मुकाबले इस साल 154.95 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में तिलहन की खेती की है यानी रकबे में 40.75 प्रतिशत की वृद्धि.



-किसानों ने पिछले साल 50.82 लाख हेक्टेयर क्षेत्र के मुकाबले इस साल 51.29 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में गन्ने की खेती की है यानी रकबे में 0.92 प्रतिशत की वृद्धि.

-किसानों ने पिछले साल 96.35 लाख हेक्टेयर क्षेत्र के मुकाबले इस साल 113.01 लाख हेक्टेयर क्षेत्र पर कपास की खेती की है यानी रकबे में 17.28 प्रतिशत की वृद्धि हुई है.

-किसानों ने पिछले साल 6.84 लाख हेक्टेयर क्षेत्र के मुकाबले इस साल 6.88 लाख हेक्टेयर क्षेत्र पर जूट और मेस्टा की खेती की है यानी रकबे में 0.70 प्रतिशत की वृद्धि.
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