Coronavirus Vaccine: समय पर लगवा लें वैक्सीन नहीं तो हो सकता है नुकसान, जानें कैसे

Coronavirus Vaccine

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किसी भी बीमारी से छुटकारा पाने के लिए वैक्सीन ही एकमात्र उपाय होता है. वैक्सीन ने प्राचीन समय में भी चेचक और पोलियो जैसी कई खतरनाक बीमारियों को खत्म किया है. कोरोना संकट में भी वैक्सीन लगवाना सभी के लिए जरूरी है.

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नई दिल्ली: किसी भी बीमारी से छुटकारा पाने के लिए वैक्सीन ही एकमात्र उपाय होता है. वैक्सीन ने प्राचीन समय में भी चेचक और पोलियो जैसी कई खतरनाक बीमारियों को खत्म किया है. कोरोना संकट में भी वैक्सीन लगवाना सभी के लिए जरूरी है. वैक्सीन ही सिर्फ एकमात्र रास्ता है, जिसके जरिए हम इस बीमारी से छुटकारा पा सकते है. वैक्सीन की प्रभावकारिता और जरूरत के बारे में सबूत होते हुए भी कुछ लोगों के मन में इसे लेकर संदेह है जो वैक्सीन की उपयोगिता को कम करते हैं.

मौजूदा दौर में भारत कोरोना की खतरनाक दूसरी लहर से जूझ रहा है, ऐसे में पहले से कहीं ज़्यादा ज़रूरी हो गया है कि लोगों को वैक्सीन लगवाने के लिए प्रेरित किया जाए ताकि भारत जल्दी सामान्य स्थिति में आ सके. यही कारण है कि हम बता रहे हैं कि क्यों किसी को वैक्सीन से डरने की ज़रूरत नहीं है और क्यों बिना देरी के हर किसी को टीका लगवाना चाहिए.

वैक्सीन वहां बीमारियों को रोकते हैं जहां मेडिकल देखभाल संभव नहीं है

कोविड-19 संकट के दौरान भारत में सबसे बड़ी चुनौती बेड और मेडिकल सुविधाओं की कमी की रही. समय पर टीकाकरण करने से देश की स्वास्थ्य सेवाओं के इस बोझ को कम किया जा सकता है और सुनिश्चित किया जा सकता है कि संभावित मरीजों को अंदर से सुरक्षित किया जा सके.
वैक्सीन आपके प्रियजन और कम्यूनिटी की रक्षा करता है

बहुत से लोग जिन्हें वैक्सीन नहीं लगी है वह घातक बीमारी के वाहक बनकर अपने प्रियजनों को भी खतरे में डाल देते हैं. यह बीमारी को फैलाने वाला मकैनिज़्म है जो खासतौर पर कोविड-19 संकट के दौरान प्रभावी रहा, बहुत से परिवार के बुज़र्ग युवा असिम्पटोमैटिक सदस्यों से संक्रमित हुए.

वैक्सीन इलाज का खर्च कम करती है



यह कहा जा सकता है कि वैक्सीन देश की सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली के बोझ को कम करती है और साथ ही बीमारी के इलाज के खर्च को भी इसके कई सकारात्मक आर्थिक परिणाम भी है, क्योंकि एक स्वस्थ आबादी ज़्यादा प्रोडक्टिव और समृद्ध होती है.

वैक्सीन का वितरण आसान है

Network18 Sanjeevani – A Shot Of Life (नेटवर्क18 संजीवनी - ए शॉट ऑफ लाइफ) जैसे बड़े पैमाने पर टीकाकरण अभियानों के जरिए देश की बड़ी आबादी तक वैक्सीन जल्दी पहुंचाई जा सकती है, इस अभियान का मकसद कोविड-19 के खिलाफ सभी भारतीयों का टीकाकरण करना है. इसके अलावा हेल्थ केयर लीडर्स दुनिया के गरीब इलाकों में भी जल्दी वैक्सीन पहुंचाने के लिए अपने तरीके इजाद कर रहे हैं.

वैक्सीन दूसरी बीमारियों का खतरा भी कम करती है

वैक्सीन का एक सुखद साइड इफेक्ट यह है कि यह दूसरी बीमारियों से भी सुरक्षा प्रदान करते हैं. दरअसल, यह शरीर के इम्यून सिस्टम को मज़बूत करते हैं. यह शरीर को उसी तरह के अन्य वायरस स्ट्रेन से लड़ने में मदद करते हैं जिसे टारगेट करके वैक्सीन बनाई गई है.

यही वजह है कि यदि सभी भारतीयों को कोविड-19 वैक्सीन लग जाए तो हम कोविड-19 को पूरी तरह से खत्म कर सकते हैं. हमें टीकाकरण को अपनाना चाहिए और सभी तक सही जानकारी पहुंचाने की कोशिश करनी चाहिए क्योंकि सही जानकारी के साथ ही हम बीमारी मुक्त, खुशहाल भारत के निर्माण के रास्ते पर आगे बढ़ सकते हैं.

भारत के सबसे बड़े टीकाकरण अभियान Network18 ‘Sanjeevani – A Shot Of Life’ (नेटवर्क18 संजीवनी - ए शॉट ऑफ लाइफ) जो Federal Bank (फेडरल बैंक) की एक सीएसआर पहल है, के पीछे यही प्रेरणा है. भारत के स्वास्थ्य और इम्यूनिटी के लिए इस आंदोलन का हिस्सा बनिइए और सभी भारतीयों तक कोविड -19 टीकाकरण और जानकारी पहुंचाने में मदद करें.

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