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कोरोना की दूसरी लहर का असर! विदेशी निवेशकों ने इक्विटी मार्केट से 5,936 करोड़ रुपये निकाले

कोरोना की दूसरी लहर का असर! विदेशी निवेशकों ने इक्विटी मार्केट से 5,936 करोड़ रुपये निकाले

विदेशी निवेशकों में मौजूदा हालात के कारण भारतीय अर्थव्‍यवस्‍था पर पड़ रहे असर को लेकर चिंता बढ़ी है.

विदेशी निवेशकों में मौजूदा हालात के कारण भारतीय अर्थव्‍यवस्‍था पर पड़ रहे असर को लेकर चिंता बढ़ी है.

वर्ष 2020 के दौरान कोरोना वायरस फैलने के कारण इक्विटी मार्केट में आई भारी गिरावट के बाद विदेशी निवेशकों (Foreign Investors) ने पूंजी बाजार में जमकर पैसा लगाया. इससे भारतीय शेयर बाजारों (Stock Markets) में तेजी का रुख शुरू हुआ. अब कोरोना की दूसरी लहर के कारण भारतीय अर्थव्‍यवस्‍था (Indian Economy) पर पड़े असर से विदेशी निवेशकों में चिंता बढ़ गई है.

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    नई दिल्‍ली. कोरोना वायरस की दूसरी लहर (Covid-19 Second Wave) के कारण हो रही बर्बादी और इससे भारतीय अर्थव्‍यवस्‍था (Indian Economy) पर पड़ रहे असर से चिंतित विदेशी निवेशकों (Foreign Investors) ने मई 2021 के पहले सप्ताह में भारतीय शेयर बाजारों (Indian Share Markets) से 5,936 करोड़ रुपये निकाल लिए हैं. इससे पहले विदेशी निवेशकों ने अप्रैल में 9,659 करोड़ रुपये निकाले थे. हालांकि, अप्रैल से पहले के छह महीनों में विदेशी निवेशकों ने भारतीय पूंजी बाजार में जमकर निवेश किया था.

    एफपीआई की ओर से बना रह सकता है बिकवाली का सिलसिला
    मॉर्निंगस्टार इंडिया के एसोसिएट डायरेक्टर ने हिंमाशु श्रीवास्तव ने कहा कि विदेशी निवेशकों के बीच कोरोना का डर है. आगे भी इन निवेशकों की ओर से बिकवाली की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता. आंकड़ों के मुताबिक, फॉरेन पोर्टफोलियो इनवेस्टर्स (FPI) ने 3-7 मई के दौरान देश के इक्विटी मार्केट से 5,936 करोड़ रुपये की कुल रकम निकाली है. अप्रैल के आउटफ्लो से पहले एफपीआई अक्टूबर 2020 से मार्केट में जमकर निवेश कर रहे थे. उन्होंने अक्टूबर 2020 से मार्च 2021 के दौरान इक्विटीज में करीब 1.97 लाख करोड़ रुपये लगाए थे. इसमें इस वर्ष के पहले तीन महीनों में 55,741 करोड़ रुपये का नेट इंवेस्टमेंट शामिल है.

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    मुनाफावसूली भी हो सकता है FPI के पूंजी निकालने का कारण
    बजाज कैपिटल के चीफ रिसर्च ऑफिसर आलोक अग्रवाल ने मनीकंट्रोल से कहा कि देश में कोरोना के मामले बढ़ने, राज्यों में लॉकडाउन लगने और ग्रोथ की रफ्तार कम होने के साथ एफपीआई बिकवाली कर रहे हैं. साथ ही कमजोर करेंसी से भी एफपीआई की ओर से आउटफ्लो बढ़ा है. हालांकि, ऑनलाइन इनवेस्टमेंट पोर्टल ग्रो (Groww) के को-फाउंडर हर्ष जैन ने कहा कि विदेशी निवेशकों की ओर से हाल की बिकवाली का कारण मुनाफावसूली हो सकता है. उन्होंने बताया कि विदेशी निवेशकों ने अप्रैल 2020 से भारी निवेश करना शुरू किया था. उसके बाद से मार्केट में काफी तेजी आई है. उनके निवेश वाले कुछ स्टॉक्स ने इस दौरान अच्छा रिटर्न दिया है.

    Tags: Business news in hindi, FPI, Investment and return, Share market, Stock Markets

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