कोरोना के इस मुश्किल दौर में भी यह 8 शेयर्स दे सकते है दमदार रिटर्न! जानें क्या कहते हैं एक्सपर्ट?

 कोरोना की दूसरी लहर को रोकने के लिए लगाए गए प्रतिबंधों से अर्थव्यवस्था पर कुछ असर पड़ सकता है

कोरोना की दूसरी लहर को रोकने के लिए लगाए गए प्रतिबंधों से अर्थव्यवस्था पर कुछ असर पड़ सकता है

रेटिंग एजेंसी इकरा ने अब जीडीपी ग्रोथ और कॉरपोरेट सेक्टर के रेवेन्यू में कुछ कटौती का अनुमान लगाना शुरू कर दिया है. इकरा ने 2021-22 में देश के जीडीपी की ग्रोथ को अनुमान घटाकर 10-10.5 प्रतिशत किया है, जो पहले 10-11 प्रतिशत का था.

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नई दिल्ली. यह बात किसी से छिपी नहीं है कि भारत में कोरोना वायरस (covid -19 cases )के बढ़ते मामलों और फिर से कई शहरों में आंशिक लॉकडाउन (lockdown) लगने से अर्थव्यवस्था (Economy ) और कंपनियों के रेवेन्यू (Revenue) पर इसका असर हो ही रहा है. जिसका प्रभाव शेयर बाजार (Share market )पर पड़ना भी लाजमी है. जैसा कि बताया जा रहा है कि कोरोना की दूसरी लहर अगर इस साल मई के बाद भी जारी रह सकती है तो ऐसी स्थिति में लोगों के मन में भी निवेश को लेकर डर का माहौल है. इस आशंका को देखते हुए एक्सपर्ट्स (Experts) ने लंबी अवधि में अच्छे रिटर्न के लिए कुछ स्टॉक्स को चुना है. आंशिक लॉकडाउन और कई राज्य सरकारों की ओर से कोरोना की दूसरी लहर को रोकने के लिए लगाए गए प्रतिबंधों से अर्थव्यवस्था पर कुछ असर पड़ सकता है.



रेटिंग एजेंसी इकरा ने अब जीडीपी ग्रोथ और कॉरपोरेट सेक्टर के रेवेन्यू में कुछ कटौती का अनुमान लगाना शुरू कर दिया है. इकरा ने 2021-22 में देश के जीडीपी की ग्रोथ को अनुमान घटाकर 10-10.5 प्रतिशत किया है, जो पहले 10-11 प्रतिशत का था. इससे पहले ग्लोबल इनवेस्टमेंट कंपनियों गोल्डमैन सैक्स और नोमुरा ने 1 अप्रैल से शुरू हुए मौजूदा फाइनेंशियल ईयर के लिए जीडीपी के अपने अनुमान में कटौती की थी.



जेएसडब्ल्यू एनर्जी (JSW Energy)


सरकार रिन्यूएबल एनर्जी पर जोर दे रही है और इनवेस्टर्स को भी इस सेगमेंट के स्टॉक्स के साथ अपने पोर्टफोलियो में बदलाव कर सकते हैं. कंपनी की बैलेंस शीट मजबूत है और इसके प्रॉफिट में भी बढ़ोतरी हो रही है. 



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जुबिलेंट इनग्रेविया (Jubilant Ingrevia)



जुबिलेंट इनग्रेविया हाल ही में ज्यूबिलेंट लाइफसाइंसेज से डीमर्ज हुई है. यह स्टॉक 17 की प्राइस-टु-अर्निंग्स (PE)रेशियो पर उपलब्ध है, जो केमिकल स्टॉक्स के लिए बहुत आकर्षक है. 



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सीईएससी (CESC)



केंद्र सरकार की योजना बहुत से राज्यों की डिस्कॉम्स को प्राइवेटाइज करने की है और सीईएससी पहले ही कोलकाता जैसे कुछ शहरों में डिस्कॉम्स को चला रही है. कंपनी के लिए बिजनेस बढ़ाने के अच्छे मौके बन रहे हैं.



टाटा कंज्यूमर (Tata Consumer)



इस कंपनी में मौजूदा लेवल्स पर भी इनवेस्टमेंट किया जा सकता है क्योंकि इसके प्रॉडक्ट्स की बिक्री लगातार बढ़ रही है. 



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आरती ड्रग्स (Aarti Drugs)



कंपनी की एपीआई में मौजूदगी, स्पेशिलिटी केमिकल्स जैसे सेगमेंट में अच्छी मौजूदगी है. मार्केट का फोकस मेडिकल केयर की ओर शिफ्ट होने के साथ कंपनी का प्रदर्शन भी अच्छा रहने का अनुमान है.



डॉ रेड्डीज लैबोरेट्रीज (Dr Reddy Laboratories)



देश की बड़ी फार्मास्युटिकल कंपनियों में शामिल डा रेड्डीज का कोविड की वैक्सीन में भी योगदान है. इसका वैल्यूएशन अभी अच्छे लेवल पर है और इनवेस्टर्स के लिए इसमें मौका है. 



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डॉ लाल पैथलैब्स (Dr Lal Path Labs)



कोरोना के बढ़ते मामलों से डायग्नोस्टिक कंपनियों के बिजनेस में तेजी आई है. डा लाल पैथलैब्स इस सेगमेंट की एक बड़ी कंपनी है. कैपिटलविआ ग्लोबल के गौरव गर्ग का कहना है कि यह स्टॉक इस वर्ष भी बहुत अच्छा प्रदर्शन कर सकता है.



हिंदुस्तान यूनिलीवर (HUL)



एफएमसीजी सेक्टर की इस जानी पहचानी कंपनी पर कोरोना की दूसरी लहर से नेगेटिव असर होने की उम्मीद कम है. कंपनी के पास मजबूत सप्लाई चेन है और इसकी डिमांड भी बरकरार रह सकती है. यह स्टॉक अपनी महत्पूर्ण मूविंग एवरेज से उछला है और इसमें तेजी आने के संकेत दिख रहे हैं.


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