कोरोना से देश में दूसरा लॉकडाउन लगा, तो फिर बेपटरी हो सकती है उद्योगों की रफ्तार: रिपोर्ट

कोरोना वायरस को बढ़ने से रोकने के लिए देश में लगे 14 घंटे लंबे कर्फ्यू के दौरान दिल्ली की खाली सड़कों का नजारा. (Reuters/March 22, 2020)

कोरोना वायरस को बढ़ने से रोकने के लिए देश में लगे 14 घंटे लंबे कर्फ्यू के दौरान दिल्ली की खाली सड़कों का नजारा. (Reuters/March 22, 2020)

India Coronavirus Lockdown: देश में कोरोना के जितने भी नए मामले आ रहे हैं, उनमें से 78.56 प्रतिशत केस छह राज्यों (महाराष्ट्र, पंजाब, कर्नाटक, मध्यप्रदेश, तमिलनाडु और गुजरात) राज्यों से हैं.

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नई दिल्ली. कोरोना वायरस की दूसरी लहर से गुजर रहे भारत के कुछ राज्यों में लॉकडाउन की जरूरत महसूस होने लगी है और उद्योगों पर इसका असर दिखना भी शुरू हो गया, खासतौर से सेवा क्षेत्रों पर. सरकार द्वारा बुधवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक देश में आठ आधारभूत उद्योगों का उत्पादन इस वर्ष फरवरी माह में सालाना आधार पर 4.6 प्रतिशत संकुचित हुआ है, जबकि इन बुनियादी क्षेत्र के उद्योगों-कोयला, कच्चा तेल, खनिज गैस, परिशोधित पेट्रोलियम उत्पाद, उर्वरक, इस्पात, सीमेंट और बिजली का उत्पादन फरवरी 2020 में साल भर पहले की तुलना में 6.4 प्रतिशत बढ़ा था.



छह राज्यों (महाराष्ट्र, पंजाब, कर्नाटक, मध्यप्रदेश, तमिलनाडु और गुजरात) में कोरोना वायरस के मामलों में लगातार इजाफा हो रहा है. देश में कोरोना के जितने भी नए मामले आ रहे हैं, उनमें से 78.56 प्रतिशत केस इन्हीं राज्यों से हैं. कोरोना से सबसे अधिक प्रभावित राज्य महाराष्ट्र ने लॉकडाउन जैसे सख्त प्रतिबंधों के संकेत दिए हैं, लेकिन पूरी तरह से लॉकडाउन लगाने की घोषणा से परहेज किया है. इसके बदले में भीड़भाड़ वाली जगहों जैसे रेस्तरां, गार्डंस, पार्क, मॉल्स और समुद्री किनारों पर एक अप्रैल से कड़ी पाबंदी लगाई जा सकती है. छत्तीसगढ़ और गुजरात जैसे राज्यों में नाइट कर्फ्यू का ऐलान किया गया है, जबकि उत्तराखंड और गुजरात में दूसरे स्थानों से आने वालों के लिए कोरोना टेस्टिंग को अनिवार्य बनाया गया है.



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इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक, नोमुरा इंडिया बिज़नेस रिज्यूमेनेशन इंडेक्स 21 मार्च को 95.1 पर पहुंच गया, जबकि पिछले सप्ताह में यह 95.4 और 28 फरवरी को 98.5 था. वहीं, कोरोना के पहले की तुलना में औद्योगिक गतिविधियां फिलहाल 4.9 प्रतिशत अंक कम हैं. अपनी हालिया रिपोर्ट में बार्कलेज इंडिया ने भी कहा है कि अगर मौजूदा प्रतिबंध दो महीने तक लगे रहते हैं, तो यह मामूली जीडीपी विकास दर में 0.17 प्रतिशत अंक की कटौती कर सकता है.


देश में इस साल एक दिन में कोरोना के सर्वाधिक 72,330 नए मामले आए

दूसरी ओर, भारत में एक दिन में कोविड-19 के 72,330 नए मामले सामने आने के बाद देश में संक्रमितों की संख्या बढ़कर 1,22,21,665 हो गई. इस वर्ष सामने आए संक्रमण के ये सर्वाधिक मामले हैं. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से बृहस्पतिवार सुबह आठ बजे जारी किए गए अपडेट आंकड़ों में यह जानकारी दी गई. इससे पहले 11 अक्टूबर 2020 को एक दिन में 74,383 नए मामले सामने आए थे. अपडेट आंकड़ों के अनुसार, 459 और मरीजों की मौत के बाद मृतक संख्या बढ़कर 1,62,927 हो गई. करीब 116 दिन बाद एक दिन में संक्रमण से मौत के इतने अधिक मामले सामने आए हैं. आंकड़ों के अनुसार, पिछले 22 दिनों से लगातार बढ़ते नए मामलों के साथ ही उपचाराधीन मरीजों की संख्या भी बढ़कर 5,84,055 हो गई, जो कुल मामलों का 4.78 प्रतिशत है. इस साल 12 फरवरी को उपचाराधीन मरीजों की संख्या सबसे कम 1,35,926 थी, जो तब के कुल मामलों का 1.25 प्रतिशत थी. देश में अभी तक कुल 1,14,74,683 लोग संक्रमण मुक्त हो चुके हैं और मरीजों के ठीक होने की दर 93.89 प्रतिशत है. वहीं, कोविड-19 से मृत्यु दर 1.33 प्रतिशत है. आंकड़ों के अनुसार, देश में कोविड-19 से पिछले 24 घंटे में जिन 459 लोगों की मौत हुई, उनमें से महाराष्ट्र के 227, पंजाब के 55, छत्तीसगढ़ के 39, कर्नाटक के 26, तमिलनाडु के 19, केरल के 15, दिल्ली और उत्तर प्रदेश के 11-11 लोग थे. (इनपुट भाषा से भी)


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