जुलाई के मुकाबले अगस्त में फिर से बढ़ी बेरोज़गारी, भारत का Unemployment Rate 8.35% हुआ-रिपोर्ट

जुलाई के मुकाबले अगस्त में फिर से बढ़ी बेरोज़गारी, भारत का Unemployment Rate 8.35% हुआ-रिपोर्ट
भारत में बेरोजगारी दर

Unemployment Rate: भारत में बेरोजगारी दर के आंकड़ें एक बार फिर डराने लगे हैं. जुलाई के मुकाबले अगस्त में आंकड़ों ने फिर लोगों की चिंता को बढ़ा दिया है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 2, 2020, 9:44 AM IST
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नई दिल्ली. कोरोना वायरस महामारी (Coronavirus) के कारण दुनियाभर में लाखों लोगों ने अपनी नौकरी गंवाई है. भारत भी इससे अछूता नहीं रहा है. कमजोर डिमांड के कारण देश में लाखों लोगों की नौकरियां गई हैं. ऐसे में भारत में बेरोजगारी (Unemployment Rate) दर जुलाई के मुकाबले अगस्त में फिर एक बार बढ़ गई. अगस्त में बेरोजगारी दर 8.35 फीसदी दर्ज की गई. जबकि पिछले महीने जुलाई में इससे कम 7.43 फीसदी थी. ग्रामीण भारत में भी स्थिति खराब है. सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनॉमी की रिपोर्ट में ये आंकड़ें सामने आए हैं.

ऐसे रहे बेरोजगारी दर के आंकड़ें
सीएमआईई (Centre of Monitoring Indian Economy- CMIE) के आंकड़ों के मुताबिक, अगस्त में बेरोजगारी की दर बढ़ी है. आंकड़ों के अनुसार, भारत में ओवरऑल अगस्त में बेरोजगारी दर 8.35 फीसदी दर्ज की गई. जबकि पिछले महीने जुलाई में इससे कम 7.43 फीसदी थी. अगस्त में शहरी बेरोजगारी दर 9.83 फीसदी दर्ज की गई है, जबकि ग्रामीण इलाकों में बेरोजगारी दर का आंकड़ा 7.65 फीसदी रहा. जुलाई में शहरी बेरोजगारी दर 9.15 फीसदी थी, और ग्रामीण बेरोजगारी दर 6.6 फीसदी थी.

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अगस्त में घट गए रोजगार


अगस्त में रोजगार की स्थिति बेहतर होने की बजाए और घट गई. जून के मुकाबले जुलाई में शहरी और ग्रामीण दोनों ही बेरोजगारी दरों में मामूली गिरावट दर्ज की गई थी. जुलाई में शहरी बेरोजगारी दर घटकर 9.15 फीसदी रह गई थी, जो जून में 12.02 प्रतिशत थी. जबकि ग्रामीण बेरोजगारी दर जून में 10.52 प्रतिशत से घट कर जुलाई में 6.66 प्रतिशत रह गई थी. इससे पहले कुल बेरोजगारी दर जून में 10.99 फीसदी पर पहुंच गई थी.

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इन वजहों से बढ़ी बेरोजगारी
विशेषज्ञों का कहना है कि एग्रीकल्चर सेक्टर में काम की कमी के कारण प्रवासी मजदूर शहरों की तरफ लौटने लगे हैं. लेकिन मैन्युफैक्चरिंग और टेक्सटाइल सेक्टर की सुस्त चाल ने बेरोजगारी की समस्या को और बढ़ाया है. डिमांड कम होने के कारण उत्पादन में गिरावट आई है. कोराना वायरस के बढ़ते मामलों के कारण कई राज्यों ने मिनी लॉकडाउन लगाए हैं. इन वजहों से बेरोजगारी दर में बढ़ोतरी हुई है. विशेषज्ञों का कहना है कि बिजनेस पर कोरोना का बहुत ही व्यापक असर पड़ा है. इस वजह से फॉर्मल सेक्टर में बेरोजगारी की दर 10 से 12 फीसदी है.
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