एशिया में भारत समेत बड़ी अर्थव्यवस्था को लगेगा 60 साल का बड़ा झटका, गिरेगी आर्थिक ग्रोथ

एशिया में भारत समेत बड़ी अर्थव्यवस्था को लगेगा 60 साल का बड़ा झटका, गिरेगी आर्थिक ग्रोथ
मौजूदा वित्त वर्ष 2020-21 में भारतीय अर्थव्यवस्था में 9 फीसदी की गिरावट का अनुमान लगाया है.

एशियाई विकास बैंक (ADB-Asian Development Bank ) की ओर से जारी रिपोर्ट में बताया गया है कि इस साल एशिया-पेसेफिक के 45 देशों में आर्थिक ग्रोथ में 0.7 फीसदी की गिरावट आ सकती है. ऐसा 60 साल में पहली बार होगा.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 15, 2020, 10:27 PM IST
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मुंबई. एशियाई विकास बैंक (ADB-ADB-Asian Development Bank) ने मौजूदा वित्त वर्ष 2020-21 में भारतीय अर्थव्यवस्था में 9 फीसदी की गिरावट का अनुमान लगाया है. एडीबी की ओर से मंगलवार को जारी एशियाई डेवलपमेंट आउटलुक (ADO)-2020 अपडेट में कहा गया है कि भारत में कोरोना वायरस की वजह से आर्थिक गतिविधियां बुरी तरह प्रभावित हुई हैं. इसका असर उपभोक्ता धारणा पर भी पड़ा है, जिससे चालू वित्त वर्ष में सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में 9 फीसदी की गिरावट आएगी. हालांकि, एडीबी का अनुमान है कि अगले वित्त वर्ष 2021-22 में भारतीय अर्थव्यवस्था में बड़ा उछाल आएगा.

60 साल में पहली बार गिर सकती है एशिया में आर्थिक ग्रोथ-एशियाई विकास बैंक (ADB-Asian Development Bank ) की ओर से जारी रिपोर्ट में बताया गया है कि इस साल एशिया-पेसेफिक के 45 देशों में आर्थिक ग्रोथ में 0.7 फीसदी की गिरावट आ सकती है. ऐसा 60 साल में पहली बार होगा.

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अगले साल भारत में लौटेगी आर्थिक तेजी- एडीबी ने कहा कि आवाजाही तथा कारोबारी गतिविधियां खुलने से अगले वित्त वर्ष में भारत की आर्थिक वृद्धि दर आठ प्रतिशत रहेगी.एडीबी के मुख्य अर्थशास्त्री यासुयुकी सवादा ने कहा कि भारत ने महामारी के प्रसार को रोकने के लिए सख्त लॉकडाउन लगाया. इससे आर्थिक गतिविधियां बुरी तरह प्रभावित हुईं.उन्होंने कहा, 'अगले वित्त वर्ष और उससे आगे अर्थव्यवस्था की वृद्धि के लिए महामारी पर अंकुश के उपाय, जांच, निगरानी और इलाज की क्षमता का विस्तार महत्वपूर्ण है. इन उपायों को प्रभावी तरीके से कार्यान्वित करने की जरूरत है, तभी अर्थव्यवस्था आगे उबर पाएगी.'
जीडीपी ग्रोथ को लेकर आईएमएफ का अनुमान




अमेरिकी रेटिंग एजेंसी S&P ने कहा 9% गिर सकती है भारत की GDP ग्रोथ: एसएंडपी ग्लोबल रेटिंग ने चालू वित्त वर्ष में भारतीय अर्थव्यवस्था में 9 फीसदी की गिरावट का अनुमान लगाया है. इससे पहले रेटिंग एजेंसी ने भारतीय अर्थव्यवस्था में 5 फीसदी कमजोरी का अनुमान लगाया था. अमेरिकी रेटिंग एजेंसी का कहना है कि कोरोना महामारी की वजह से भारत में निजी खर्च और निवेश लंबे समय तक निचले स्तर पर रह सकता है.

कोरोना महामारी के लगातार बढ़ते संकट की वजह से रेटिंग एजेंसी एसएंडपी ने सोमवार को 2020-21 के लिए भारत के विकास दर के अनुमान को घटाकर -9 फीसदी कर दिया है.

एसएंडपी ग्लोबल रेटिंग के अर्थशास्त्री (एशिया-प्रशांत) विश्रुत राणा के मुताबिक कोरोना संकट की वजह से निजी आर्थिक गतिविधियां रफ्तार नहीं पकड़ पाई है. रेटिंग एजेंसी के अनुसार चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में जीडीपी में 23.9 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है जो अनुमान से कहीं ज्यादा है.

रेटिंग एजेंसी का कहना है कि लॉकडाउन में छूट के बावजूद लोग घर से निकलने से परहेज कर रहे हैं, क्योंकि कोरोना के मामले बढ़ते जा रहे हैं.साल 2021-22 के लिए रेटिंग एजेंसी ने भारत की जीडीपी में 10 फीसदी की तेजी आने का अनुमान लगाया है.

'जब तक कोरोना पर काबू नहीं पाया जाएगा तब तक तेज रिकवरी नहीं'-रेटिंग एजेंसी ने कहा कि जब तक कि कोरोना पर काबू नहीं पाया जाता, तब तक अर्थव्यवस्था में तेजी से रिवकरी की उम्मीद नहीं है. इसके पहले रेटिंग एजेंसी मूडीज और फिच ने भी भारत की आर्थिक वृद्धि दर का अनुमान घटा दिया है. मूडीज ने चालू वित्त वर्ष में भारतीय अर्थव्यवस्था में 11.5 फीसदी और फिच ने 10.5 फीसदी की कमजोरी की आशंका जताई है.

स्टैंडर्ड एंड पुअर्स ने कहा है कि भारत के अनौपचारिक सेक्टर में रिकवरी की रफ्तार बहुत धीमी है और माइक्रो एवं स्मॉल एंटरप्राइजेज को कोरोना महामारी की वजह से बहुत तगड़ी आर्थिक चोट पहुंची है.

रेटिंग एजेंसी ने कहा है कि लोन मोरेटोरियम की अवधि खत्म होने के बाद अगर क्रेडिट क्वालिटी बिगड़ती है तो भारत की आर्थिक रिकवरी और स्लो हो सकती है. भारत की अर्थव्यवस्था में तेजी तभी संभव है जब कोरोना की वैक्सीन का देशव्यापी स्तर पर बंटवारा सुनिश्चित किया जाए.
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