लाइव टीवी

RBI ने 3 महीने तक होम और कार लोन की EMI नहीं चुकाने की छूट दी

News18Hindi
Updated: March 27, 2020, 1:11 PM IST
RBI  ने 3 महीने तक होम और कार लोन की EMI नहीं चुकाने की छूट दी
लॉकडाउन में लोगों को राहत देने के लिए आरबीआई ने किए बड़े ऐलान

RBI (RBI-Reserve Bank of India) ने पहले से चल रहे लोन होम, ऑटो और पर्सनल लोन की ईएमआई के भुगतान को भी 3 महीने के लिए टालने का फैसला किया है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 27, 2020, 1:11 PM IST
  • Share this:
नई दिल्ली. आरबीआई (RBI-Reserve Bank of India) गवर्नर शक्तिकांत दास (RBI Governor Shakthikant Das) ने MPC की बैठक के बाद फैसलों की जानकारी देते हुुए बताया कि बैंकों, NBFC (हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों सहित) और दूसरे फाइनेंशियल संस्थानों को EMI पर तीन महीने के मोरोटोरियम (Moratorium) की अनुमति दे दी है. इसका मतलब यह है कि अगर कोई इन तीन महीनों तक लोन की EMI नहीं भर पाता है तो उसकी क्रेडिट हिस्ट्री पर इसका नेगेटिव असर नहीं होगा. वहीं, RBI ने पहले से चल रहे लोन होम, ऑटो और पर्सनल लोन की ईएमआई के भुगतान को भी 3 महीने के लिए टालने का फैसला किया है.

अब क्या होगा- फैसला सभी कमर्शियल, रूरल, सहकारी बैंकों से लिए गए लोन पर प्रभावी होगा. वहीं, किसी हाउंसिंग फाइनेंस कंपनी से लिए गए होम लोन पर भी ईएमआई से 3 महीने की राहत मिलेगी. हालांकि यह सिर्फ 3 महीने ईएमआई टालने का विकल्प है. ऐसा नहीं है कि आपकी ईएमआई से 3 किश्तें कम दी जाएंगी. अगर कोई कारोबारी वर्किंग कैपिटल पर लोन की EMI नहीं चुका पाता है तो उसे डिफॉल्ट नहीं माना जाएगा.



ये भी पढ़ें: कोरोना जैसे बुरे हालात में यहां लगाएं पैसा, हर माह मिलेंगे गारंटीड 5700 रुपये

बैंकों को मिली बड़ी छूट-CRR में 1 फीसदी की कटौती-RBI ने सभी बैंकों के लिए अनिवार्य कैश रिवर्स रेश्यो (CRR) को 4 फीसदी से घटाकर 3 फीसद करने का निर्णय किया है.



बैंकों के पास अधिक नकदी सुनिश्चित करने के लक्ष्य के साथ यह निर्णय किया गया है. यह फैसला 28 मार्च से शुरू हो रहे पखवाड़े से लागू होगा.RBI ने बैंकों को CRR सीमा में एक साल के लिए राहत देने का ऐलान किया है. सीआरआर में 100 बीपीएस की कटौती से बाजार में 1.37 लाख करोड़ रुपये आएंगे.

पीएम ने भी अपने देशव्यापी संबोधन में की थी चर्चा 
पीएम नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को 21 दिनों के देशव्यापी लॉकडाउन का ऐलान किया था. कई कंपनियां और लोग हो सकता है कि लॉकडाउन के कारण लोन की किस्तें न चुका पाएं. ऐसा होने पर बैंक उनके खिलाफ एक्शन ले सकते हैं. इससे क्रेडिट प्रोफाइल पर भी आंच आएगी. आरबीआई के नियमों के तहत पेमेंट में किसी भी डिफॉल्ट को 30 दिनों के भीतर दर्ज करना होता है और ऐसे अकाउंट्स को स्पेशल मेंशन अकाउंट की कैटिगरी में डालना होता है.

ये भी पढ़ें: भारत, चीन, US समेत इन देशों को मिला कोरोना से लड़ने के लिए 5000 अरब डॉलर

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए मनी से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: March 27, 2020, 11:22 AM IST
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर