कोरोना की दूसरी लहर की मार! लॉकडाउन और कर्फ्यू से 6.25 लाख करोड़ रुपये के कारोबार का हुआ नुकसान

CAIT के मुताबिक, कोरोना प्रतिबंधों के कारण देश के 8 करोड़ कारोबारियों को नुकसान हुआ है. (सांकेतिक फोटो)

CAIT के मुताबिक, कोरोना प्रतिबंधों के कारण देश के 8 करोड़ कारोबारियों को नुकसान हुआ है. (सांकेतिक फोटो)

कोरोना वायरस की दूसरी लहर (Coronavirus Second Wave) को काबू करने के लिए लगाए गए लॉकडाउन और कर्फ्यू (Lockdown & Curfew) के कारण भारत में करीब 8 करोड़ व्यापारियों को तगड़ा झटका लगा है. कैट (CAIT) के अनुसार, अप्रैल 2021 में 6.25 लाख करोड़ रुपये के कारोबार का नुकसान (Business Loss) हुआ है.

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नई दिल्‍ली. कोरोना वायरस के हर दिन 4 लाख से ज्‍यादा नए मामले सामने आ रहे हैं. ऐसे में ज्‍यादातर राज्‍य सरकारों ने कोविड की इस दूसरी लहर की रफ्तार को घटाने के लिए कर्फ्यू या लॉकडाउन जैसी पाबंदियां लगा दी हैं. इससे थमीं कारोबा‍री गतिविधियों (Business Activities) के कारण करीब 8 करोड़ व्यापारियों को तगड़ा झटका लगा है. व्यापारियों के संगठन कंफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) के मुताबिक, अप्रैल 2021 के दौरान कारोबारियों को 6.25 लाख करोड़ रुपये के व्‍यापार का नुकसान (Business Loss) झेलना पड़ा है. कैट का दावा है कि उसने 8 करोड़ व्यापारियों का प्रतिनिधित्व करने वाले 40 हजार से ज्यादा संगठनों से ये डाटा जुटाया है.

सरकार को हुआ है 75 हजार करोड़ रुपये के राजस्‍व का नुकसान

कैट ने कहा कि कारोबारियों को हुए नुकसान के कारण सरकार को कुल 75 हजार करोड़ रुपये के राजस्व की क्षति हुई है. कैट के अध्यक्ष आरसी भरतिया और महासचिव प्रवीण खंडेलवाल के मुताबिक, कुल नुकसान में करीब 4.25 लाख करोड़ के कारोबार की क्षति रिटेल कारोबार को हुई है. वहीं, होलसेल कारोबार को करीब 2 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है. कैट ने कहा कि कारोबार को हुए नुकसान के आंकड़े ज्यादा ही नहीं हैं, बल्कि ये बड़ी तबाही के बारे में बात करते हैं. हालांकि, कारोबार को नुकसान के करण कोविड से होने वाली मौतों की संख्या को भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है.

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कैट ने पीएम से की बाल चिकित्‍सकों की टास्‍क फोर्स बनाने की मांग

व्‍यापारी संघ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को रविवार को भेजे संवाद में महामारी को काबू में करने के लिए राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन की अपील की. उसने तीसरी लहर से निपटने के लिए बाल चिकित्सकों की टास्क फोर्स के गठन का आग्रह किया है. दरअसल, विशेषज्ञों का कहना है कि तीसरी लहर बच्‍चों के लिए ज्‍यादा खतरनाक होगी. देश में करीब 4 करोड़ सूक्ष्म, छोटे और मझोले व्यापारियों का प्रतिनिधित्व करने वाले फेडरेशन ऑफ रिटेलर एसोसिएशन ऑफ इंडिया (FRAI) ने पिछले साल बताया था कि लॉकडाउन प्रतिबंधों से छोटे व्यापारियों की मासिक कमाई में करीब 40 फीसदी कमी आ सकती है.

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