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Pfizer की कोरोना वैक्सीन का 18-55 साल के लोगों में दिखा बेहतर असर, पैदा की मजबूत रोगप्रतिरोधक क्षमता

फाइजर कंपनी ने यह दावा किया 2020 के अंत तक अमेरिकियों को कोरोना टीका लग जाएगा.

फाइजर कंपनी ने यह दावा किया 2020 के अंत तक अमेरिकियों को कोरोना टीका लग जाएगा.

अमेरिका (US) की कंपनी फाइजर (Pfizer) और जर्मनी (Germany) की जैव प्रौद्योगिकी कंपनी बायोएनटेक (BioNtech) संयुक्त रूप से ...अधिक पढ़ें

    नई दिल्‍ली. कोरोना वायरस के प्रकोप से परेशान दुनियाभर के लोग कोविड-19 वैक्‍सीन (COVID-19 Vaccine) का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं. इस बीच रूस (Russia) ने दुनिया की पहली कोरोना वैक्‍सीन तैयार कर ली है. रूस कोरोना वैक्‍सीन का सितंबर 2020 से बड़े पैमाने पर उत्पादन शुरू कर देगा. इसके बाद अक्‍टूबर से वहां वैक्‍सीनेशन (Vaccination) अभियान शुरू कर दिया जाएगा. अब अमेरिका (America) से भी कोरोना वायरस वैक्‍सीन को लेकर अच्छी खबर सामने आई है.

    वैक्‍सीन ने पैदा की मजबूत रोग प्रतिरोधक क्षमता
    अमेरिका की कंपनी फाइजर (Pfizer) और जर्मनी की जैव प्रौद्योगिकी कंपनी बायोएनटेक (BioNtech) संयुक्त रूप से कोविड-19 वैक्सीन बना रहे हैं. इस वैक्‍सीन के शुरुआती परीक्षण में अच्‍छे नतीजे सामने आ रहे हैं. वैक्‍सीन का स्वस्थ व्यस्कों पर काफी अच्‍छा असर दिखाई दे रहा है. ये वैक्‍सीन फिलहाल क्लिनिकल ट्रायल (Clinical Trial) के चरण में है. क्‍लीनिकल ट्रायल के शुरुआती चरण में वैक्सीन ने 18 से 55 साल तक की उम्र के स्वस्थ लोगों में कोरोना संक्रमण के खिलाफ मजबूत रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) पैदा की है.

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    शोधकर्ताओं के मुताबिक, ये आरएनए वैक्‍सीन है
    हेल्थ रिसर्च जर्नल 'नेचर' में प्रकाशित एक रिपोर्ट में शोधकर्ताओं ने बताया है कि बीएनटी162बी1 एक आरएनए वैक्‍सीन है. यह नए कोरोना वायरस द्वारा संक्रामक प्रोटीन बनाने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले एमआरएनए अणु के सहारे व्यक्ति के शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता पैदा करती है. शोधकर्ताओं ने कहा कि इस तरह की वैक्‍सीन को आमतौर पर सुरक्षित माना जाता है. यह वैक्‍सीन उन कई आरएनए वैक्‍सीन में से एक है, जिनका परीक्षण आगे बढ़ाने के लिए अध्ययन किया जा रहा है.

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    भारत में दो वैक्‍सीन ह्यूमन ट्रायल के चरण में हैं
    फाइजर-बायोएनटेक की वैक्‍सीन के शुरुआती परीक्षण में 18 से 55 साल तक की उम्र के 45 स्वस्थ लोगों को शामिल किया गया. बता दें कि भारत, ब्रिटेन, अमेरिका, चीन समेत कई देश कोरोना की वैक्सीन बनाने के काफी करीब हैं. भारत में दो वैक्सीन ह्यूमन ट्रायल (Human Trials) में बेहतर नतीजे दे रही हैं. वहीं, ब्रिटेन की ऑक्‍सफोर्ड यूनिवर्सिटी (Oxford University) की वैक्‍सीन का भारतीय कंपनी सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया 'कोविशील्ड' नाम से बड़े पैमाने पर उत्पादन करने वाली है. इनके अलावा कई देशों में वैक्सीन के ट्रायल में अच्‍छे नतीजे सामने आ रहे हैं.

    Tags: America, Coronavirus vaccine, Covid-19 vaccine, Germany, India, Pfizer, Russia

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