Coronavirus Vaccine को लेकर बढ़ी उम्मीदें, दवा कंपनी Pfizer की वैक्सीन का जल्द होगा रिव्यु

Coronavirus Vaccine को लेकर बढ़ी उम्मीदें, दवा कंपनी Pfizer की वैक्सीन का जल्द होगा रिव्यु
फाइजर इंक और जर्मनी की बायोएनटेक कोविड-19 (Covid-19) की वैक्सीन को समीक्षा के लिए अक्टूबर में रेग्यूलेटरी बॉडी के समक्ष प्रस्तुत करेगा.

फाइजर इंक और जर्मनी की बायोएनटेक कोविड-19 (Covid-19) की वैक्सीन को समीक्षा के लिए अक्टूबर में रेग्यूलेटरी बॉडी के समक्ष प्रस्तुत करेगा.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 21, 2020, 9:28 AM IST
  • Share this:
मुंबई. अमेरिका की बड़ी दवा कंपनी फाइजर इंक (Pfizer) और जर्मनी की बायोएनटेक (Pfizer Inc. and BioNTech SE) ने कोरोना वायरस संक्रमण से बचाने के लिए संयुक्त रूप से विकसित वैक्सीन का ट्रायल शुरू कर दिया है. कंपनी ने कहा कि कोविड-19 की वैक्सीन (Coronavirus Vaccine) को समीक्षा के लिए अक्टूबर में रेग्यूलेटरी बॉडी के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा. कंपनी द्वारा ये बताया गया कि फिलहाल 20% प्रतिभागियों में ये वैक्सीन निम्न से मध्यम स्तर के बुखार में असरदार साबित हुई है. इसी के साथ कंपनी अमेरिका और जर्मनी में किए गए फेस 1 ट्राइल की समीक्षा कर रही है. कंपनी ने प्रारंभिक चरण के अध्ययन का डेटा जारी करते हुए कहा कि अक्टूबर की शुरुआत में नियामक समीक्षा के लिए वैक्सीन को पेश किया जाएगा.

आपको बता दें कि दूसरे और तीसरे चरण के इन परीक्षणों में 18 से 85 वर्ष उम्र के 30 हजार लोगों ने भाग लिया था. वैक्सीन बीएनटी162बी2 को तेजी से विकसित करने के लिए हाल ही में अमेरिकी फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एफडीए) ने मंजूरी दी गई थी. वैक्सीन के दूसरे और तीसरे चरण के परीक्षण में एफडीए के सारे प्रोटोकॉल का पालन किया गया.

ये भी पढ़ें : कोरोना वैक्सीन ट्रायल के लिए ICMR की स्टडी में शामिल हुआ बृहन्मुंबई नगर निगम



2 अरब डॉलर का हुआ सौदा-
फाइजर के अनुसार, वह साल के खत्म होने से पहले वैक्सीन के लिए अप्रूवल और साल के खत्म होने तक वैक्सीन प्राप्त कर लेगी. फाइजर और बायोएनटेक ने पिछले महीने 10 करोड़ डोज देने के लिए अमेरिकी सरकार के साथ लगभग 2 अरब डॉलर का सौदा भी किया है. कुछ विश्लेषकों को उम्मीद है कि अमेरिका में नवंबर तक वैक्सीन के इस्तेमाल को मंजूरी मिल जाएगी.

मॉडर्ना की वैक्सीन का हुआ फाइनल ट्रायल-
फार्मा कंपनी मॉडर्ना की वैक्सीन परीक्षण के आखिरी चरण की ओर बढ़ गई है. कंपनी ने 30,000 वयस्कों के साथ परीक्षण की शुरुआत की है. इसमें ऐसे लोगों को शामिल किया गया है, जिन्हें सांस से जुड़ी कोई परेशानी नहीं रही है. अमेरिका सरकार ने इस वैक्सीन प्रोजेक्ट को करीब एक अरब डॉलर का सहयोग दिया है. कंपनी के अधिकारियों का कहना है कि साल के आखिर तक टीका बाजार में आ सकता है.

ये भी पढ़ें : कोरोना काल में बढ़ा आयुर्वेद का चलन, 50 हजार लगाकर हम महीने कमाएं मोटा मुनाफा

रूस ने बनाया कोरोना का टीका-
गौरतलब है कि पिछले सप्ताह रूस दुनिया का ऐसा पहला देश बन गया जिसने कोरोना वायरस के एक टीके को, राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन द्वारा मंजूरी की घोषणा किए जाने के बाद लाइसेंस दे दिया है. रूसी प्रत्यक्ष निवेश कोष के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) किरिल दमित्रिएव ने गुरुवार को कहा कि रूस कोविड-19 के टीके स्पूतनिक 5 के उत्पादन के लिये भारत के साथ साझेदारी पर विचार कर रहा है. रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने घोषणा की थी कि उनके देश ने कोविड-19 का दुनिया का पहला टीका बना लिया है जो काफी प्रभावी तरीके से काम करता है और इस बीमारी के खिलाफ स्थिर प्रतिरक्षा देता है.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज