व्हिसिल ब्लोअर ने Edelweiss पर लगाया 1800 करोड़ रुपये के फ्रॉड के आरोप, कंपनी की बैलेंस शीट की होगी जांच

व्हिसिल ब्लोअर और पूर्व एडिशनल सॉलिसीटर जनरल पारस कुहद ने एडलवाइस ऐसेट रीकंस्ट्रक्शन कंपनी के खिलाफ आरोप लगाया है.

व्हिसिल ब्लोअर और पूर्व एडिशनल सॉलिसीटर जनरल पारस कुहद ने एडलवाइस ऐसेट रीकंस्ट्रक्शन कंपनी के खिलाफ आरोप लगाया है.

Edelweiss ARC ने अपने ऊपर लगे आरोपों का खंडन करते हुए कहा है कि उसने सभी नियमों का पालन किया है. उसने कोई भी कानून नहीं तोड़ा है.

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नई दिल्ली. व्हीसल ब्लोअर ने एडलवाइस ऐसेट रीकंस्ट्रक्शन कंपनी (Edelweiss ARC) में कथित फ्रॉड को लेकर प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) को लेकर चिट्ठी लिखी, इसके बाद कॉर्पोरेट अफेयर्स मंत्रालय (Corporate Affairs Ministry) ने कंपनी के खातों की जांच के आदेश दिए हैं.

व्हिसिल ब्लोअर पारस कुहद ने Edelweiss के खिलाफ लगाया आरोप

व्हिसिल ब्लोअर और पूर्व एडिशनल सॉलिसीटर जनरल पारस कुहद ने एडलवाइस ऐसेट रीकंस्ट्रक्शन कंपनी के खिलाफ आरोप लगाया है कि कंपनी ने कम से कम 1800 करोड़ रुपये निकाले हैं और उसको दूसरी जगह डाले हैं. यानी व्हिसिल ब्लोअर की तरफ से कंपनी पर 1800 करोड़ रुपये के फ्रॉड के आरोप लगाए गए हैं. पारस का आरोप है कि EARC में कंट्रोलिंग स्टेक रखने वाली एडलवाइज ग्रुप और उसके पार्टनर Canadian pension fund Caisse de depot et placement du Quebec (CDPQ) ने मिलकर ये फंड डायवर्ट किया है.

गौरतलब है कि EARC में पारस कुहद और उनके परिवार की करीब 14 फीसदी हिस्सेदारी है. EARC करीब 45,000 करोड़ रुपये के असेट मैनेज करती है.
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कंपनी ने आरोपों का किया खंडन

एडलवाइस EARC ने अपने ऊपर लगे इन आरोपों का खंडन करते हुए कहा है कि उसने सभी नियमों का पालन किया है. उसने कोई भी कानून नहीं तोड़ा है. वहीं CDPQ ने इस खबर पर कोई भी टिप्पणी करने से इनकार किया है.



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बता दें कि किसी कंपनी के अकाउंट्स के जांच के आदेश का यह मतलब नहीं हो जाता है कि कंपनी दोषी है और उसने किसी कानून का उल्लंघन किया है. यह किसी मामले पर उठाई गई शंका के निवारण के लिए उठाया गया पहला कदम है. जिसमें जांच अधिकारी संबंधित कंपनियों के रिकॉर्ड दर्ज कर सकते हैं. इस पूछताछ के निष्कर्ष के आधार पर कंपनी मामलों का मंत्रालय यह निर्णय ले सकता है कि जांच को बंद कर दिया जाए या फिर इस जांच को आगे बढ़ाया जाए।
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