• Home
  • »
  • News
  • »
  • business
  • »
  • 470 इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर प्रोजेक्‍ट्स की लागत तय अनुमान से 4.37 लाख करोड़ रुपये बढ़ी, केंद्र सरकार ने बताई वजह

470 इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर प्रोजेक्‍ट्स की लागत तय अनुमान से 4.37 लाख करोड़ रुपये बढ़ी, केंद्र सरकार ने बताई वजह

देश में 400 से ज्‍यादा बुनियादी ढांचा परियेाजनाओं की लागत में अनुमान से ज्‍यादा बढ़ोतरी हो गई है.

देश में 400 से ज्‍यादा बुनियादी ढांचा परियेाजनाओं की लागत में अनुमान से ज्‍यादा बढ़ोतरी हो गई है.

सांख्यिकी व कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय की रिपोर्ट में कहा गया है कि 1,718 परियोजनाओं के क्रियान्वयन की लागत 21,99,181.52 करोड़ रुपये थी. इसके बढ़कर 26,36,710.50 करोड़ रुपये पर पहुंचने का अनुमान है.

  • News18Hindi
  • Last Updated :
  • Share this:

    नई दिल्ली. बुनियादी ढांचा क्षेत्र की 150 करोड़ रुपये या इससे ज्‍यादा खर्च वाली 470 परियोजनाओं की लागत (Infrastructure Projects Cost) में तय अनुमान से 4.37 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई है. सांख्यिकी व कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय (Ministry of Statistics and Program Implementation) 150 करोड़ रुपये या इससे अधिक लागत वाली बुनियादी ढांचा क्षेत्र की परियोजनाओं की निगरानी करता है. मंत्रालय की अगस्त 2021 की रिपोर्ट में कहा गया है कि इस तरह की 1,718 परियोजनाओं में से 470 की लागत बढ़ी है, जबकि 560 परियोजनाएं देरी से (Delayed Infra Projects) चल रही हैं.

    केंद्र सरकार ने परियोजनाओं की लागत में बढ़ोतरी के लिए देरी को जिम्‍मेदार ठहराया है. मंत्रालय की रिपोर्ट में कहा गया है कि इन 1,718 परियोजनाओं के क्रियान्वयन की लागत 21,99,181.52 करोड़ रुपये थी, जिसके बढ़कर 26,36,710.50 करोड़ रुपये पर पहुंचने का अनुमान है. दूसरे शब्‍दों में कहें तो इन परियोजनाओं की लागत 19.90 फीसदी यानी 4,37,528.98 करोड़ रुपये बढ़ी है. रिपोर्ट के अनुसार, अगस्त 2021 तक इन परियोजनाओं पर 12,52,298.40 करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं, जो कुल अनुमानित लागत का 47.49 फीसदी है.

    ये भी पढ़ें- Pensioner के लिए अच्‍छी खबर! अब घर बैठे-बैठे जमा कर सकते हैं वार्षिक जीवन प्रमाणपत्र, चेक करें डिटेल्‍स

    कितनी देरी से चल रहे हैं इंफ्रा प्रोजेक्‍ट्स
    मंत्रालय का कहना है कि अगर परियोजनाओं के पूरा होने की हालिया समयसीमा के हिसाब से देखें तो देरी से चल रही परियोजनाओं की संख्या कम होकर 373 पर आ जाएगी. हालांकि, रिपोर्ट में 871 परियोजनाओं के शुरू होने की अवधि के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई है. रिपोर्ट में कहा गया है कि देरी से चल रही 560 परियोजनाओं में 96 परियोजनाएं एक महीने से 12 महीने की, 128 परियोजनाएं 13 से 24 महीने की, 210 परियोजनाएं 25 से 60 महीने की और 126 परियोजनाएं 61 महीने या ज्‍यादा समय की देरी से चल रही हैं. इन 560 परियोजनाओं की देरी का औसत 46.94 महीने है.

    ये भी पढ़ें- LIC Housing दे रही सस्‍ते में घर खरीदने का मौका, सबसे कम दर पर मिलेगा 2 करोड़ तक का होम लोन, चेक करें डिटेल्‍स

    क्‍यों देरी से चल रही हैं ये परियोजनाएं
    इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर परियोजनाएं भूमि अधिग्रहण में देरी, पर्यावरण व वन विभाग की मंजूरियां मिलने में समस्‍या और बुनियादी संरचना की कमी के कारण देरी से चल रही हैं. इनके अलावा परियोजना का वित्तपोषण, विस्तृत इंजीनियरिंग को अमलीजामा पहनाने में देरी, परियोजनाओं की संभावनाओं में बदलाव, निविदा प्रक्रिया में देरी, ठेके देने व उपकरण मंगाने में देरी, कानूनी व अन्य दिक्कतें, अप्रत्याशित भू-परिवर्तन जैसे कारण भी देरी के लिए जिम्मेदार हैं.

    पढ़ें Hindi News ऑनलाइन और देखें Live TV News18 हिंदी की वेबसाइट पर. जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश, बॉलीवुड, खेल जगत, बिज़नेस से जुड़ी News in Hindi.

    हमें FacebookTwitter, Instagram और Telegram पर फॉलो करें.

    विज्ञापन
    विज्ञापन

    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज