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बीते 2 साल में सबसे महंगा हुआ कॉटन, इससे कपड़े की कीमतों में आ सकता है उछाल!

बीते 2 साल में सबसे महंगा हुआ कॉटन, इससे कपड़े की कीमतों में आ सकता है उछाल!

कॉटन की कीमतों में तेजी देखने को मिल रही हैं.

कॉटन की कीमतों में तेजी देखने को मिल रही हैं.

लॉकडाउन से पहले जनवरी में भी कॉटन (Cotton) की कीमत 20 हजार रुपये प्रति बेल्स के आसपास थी. जिसमें कि लॉकडाउन (Lockdown) के दौरान तेजी से गिरावट आई थी. कोरोना वैक्सीन की खबरों के बीच एक बार फिर से कॉटन की कीमतों (Price) में तेजी देखी जा रही हैं.

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    नई दिल्ली.  कोरोना वैक्सीन के बाजार में आने की उम्मीद के बाद कॉटन की कीमतों में तेजी आ गई है. मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर कॉटन के भाव बीते 2 साल में आज सबसे ज्यादा 20,100 रुपये प्रति बेल्स पर पहुंच गया है. वहीं अमेरिकी कॉटन पर मई 2019 के बाद तेजी देखी जा रही है. कॉटन की बढ़ती कीमतों असर आम आदमी पर सीधे तौर पड़ेगा. क्योंकि कॉटन से कपड़े के साथ रोज़मर्रा के इस्तेमाल में होने वाली चीजें जैसे तौलिया, बेडशीट और रूमाल बनाए जाते हैं.

     आपको बता दें लॉकडाउन से पहले जनवरी में भी कॉटन की कीमत 20 हजार रुपये प्रति बेल्स के आसपास थी. जिसमें कि लॉकडाउन के दौरान तेजी से गिरावट आई थी. ऐसे में कोरोना वैक्सीन के बनने की खबरों के बीच एक बार फिर आर्थिक गतिविधियां तेज हो गई है. ऐसे में बाजार में कॉटन की मांग भी तेजी से बढ़ी है. जिससे इसकी कीमतों में उछाल देखा जा रहा हैं. 

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    कॉटन की कीमतों में गिरावट की उम्मीद कम- मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज के एक अधिकारी ने बताया कि फिलहाल कॉटन की कीमतों गिरावट आने की उम्मीद नहीं है. क्योंकि देश के साथ विदेशों में भी कॉटन की डिमांड तेजी से बढ़ी है. ऐसे में कॉटन के भाव 20 हजार रुपये प्रति बेल्स से ऊपर रहने की संभावना है. जिसका सीधा फायदा निवेशकों को मिलेगा.

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    उत्पादन में गिरावट से भी बढ़ी कीमत- इस साल तेज बारिश की वजह से कॉटन की फसल बुरी तरह से प्रभावित हुई थी. जिसके चलते इस साल कॉटन के उत्पादन में भी गिरावट दर्ज की गई है. आपको बता दें बीते साल देश में कॉटन का कुल उत्पादन 360 लाख बेल्स था. जो कि इस साल 356 लाख बेल्स के आसपास हुआ है. 

    1 बेल्स में होते हैं 170 किलोग्राम- बेल्स कॉटन को माप की इकाई है. जिसका कि पूरे विश्व में इस्तेमाल किया जाता है. वहीं कॉटन कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया के अनुसार देश में फिलहाल 450 केंद्रों में से 390 केंद्रों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य पर कॉटन की खरीदी जारी है. आपको बता दें सरकार ने अक्टूबर 2020 से सितंबर 2021 के लिए रॉ कॉटन की एमएसपी 5 हजार 850 रुपये प्रति कुंतल निर्धारित की है.

    Tags: Business news, Multi Commodity Exchange

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