Exclusive: ई-कॉमर्स कंपनियों को 30 तरीख तक मानने होंगे ये नियम, नहीं तो होगी कार्रवाई

ई-कॉमर्स कंपनियों पर नकेल कसने की तैयारी में सरकार
ई-कॉमर्स कंपनियों पर नकेल कसने की तैयारी में सरकार

ई-कॉमर्स कंपनियों को 30 सितंबर तक अपने पोर्टल पर लिस्टेड उत्पादों पर कंट्री ऑफ ओरिजिन के बारे में जानकारी देना अनिवार्य करना होगा. कंट्री ऑफ ओरिजिन (Country of Origin) लिखने के नियम पर 30 सितंबर तक खरा नहीं उतरने वाली कंपनियों के खिलाफ एक्शन लिया जा सकता है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 19, 2020, 2:26 PM IST
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नई दिल्ली. ई-कॉमर्स कंपनियों (E-commerce Companies) के खिलाफ वाणिज्य मंत्रालय (Ministry of Commerce ) सख्त रुख आपनाने की तैयारी में है. सूत्रों के मुताबिक प्रोडक्ट्स पर कंट्री ऑफ ओरिजिन (Country of Origin) लिखने के नियम पर 30 सितंबर तक खरा नहीं उतरने वाली कंपनियों के खिलाफ एक्शन लिया जा सकता है. DPIIT अगले हफ्ते स्टेटस रिपोर्ट सौपने को लेकर चिट्ठी लिखेगा. नए कानून को लेकर सभी कंपनियों को 30 सितंबर तक का डेडलाइन दिया गया है.

30 सितंबर को विभाग के अधिकारी स्टेटस रिपोर्ट की समीक्षा करेंगे. डेडलाइन तक काम नहीं हुआ तो कंपनियों पर जुर्माना लग सकता है. समीक्षा के बाद सरकार डेडलाइन को सशर्त बढ़ाने को लेकर फैसला ले सकती है.

नई लिस्टिंग पर पहले से लागू है नियम
जुलाई 2002 में ही इन ई-कॉमर्स कंपनियों ने इच्छा जाहिर की थी कि उन्हें कम से कम तीन महीने का समय मिले ताकि वो इस नियम का पालन कर सकें. उसी वक्त केंद्र सरकार ने साफ कर दिया था कि टेक्निकल टीम और सेलर्स से बात करने के बाद ये कंपनियां डेडलाइन के बारे में जानकारी दें. ई-कॉमर्स पोर्टल पर सभी प्रोडक्ट की पर कंट्री ऑफ ओरिजिन के बारे में जानकारी देना अनिवार्य होगा. नई लिस्टिंग पर कंट्री ऑफ ओरिजिन का नियम पहले से लागू है.
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GeM प्लेटफ़ॉर्म से प्रोडक्ट को हटाने का फैसला
मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत मिशन को बढ़ाने के मकसद से सरकार ने कुछ महीने पहले ही इस पर बड़ा फैसला लिया था. सरकारी ई-मार्केटप्लेस (GeM) पर प्रोडक्ट रजिस्टर करने के लिए 'कंट्री ऑफ ओरिजन' बताना जरूरी होगा. सभी विक्रेताओं को अपने प्रोडक्ट के मूल देश (country of origin) की जानकारी देनी ही होगी. प्रोडक्ट के बारे में सभी जानकारी और प्रोडक्ट के मूल देश की जानकारी नहीं देने पर प्रोडक्ट को GeM प्लेटफ़ॉर्म से हटा दिया जाएगा.

GeM के नए फीचर लागू होने से पहले जिन सेलर्स ने अपने प्रोडक्ट अपलोड किए हुए हैं, उनको भी कंट्री ऑफ ओरिजिन अपडेट करना होगा. इसके लिए उन्हें लगातार रिमाइंडर भेजे जाएंगे. रिमाइंडर के बाद भी प्रोडक्ट पर जानकारी अपडेट नहीं करने पर प्रोडक्ट को प्लेटफॉर्म से हटा दिया जाएगा. विक्रेता को यह जानकारी देनी होगी कि सामान का निर्माण कहां पर हुआ है या उसका इंपोर्ट कहां से हुआ है.
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