लॉकडाउन में लोगों का पेट भरने को लुटा दी अपनी पूंजी, अब उन्‍हीं के लिए क्राउडफंडिंग से जुटाए गए 30 लाख रुपये

मुंबई के एक दंपति ने लॉकडाउन के दौरान लोगों की मदद करने में अपनी पूरी बचत खर्च कर दी. अब लोगों ने इस दंपति को 30 लाख रुपये जुटाकर दिए हैं.
मुंबई के एक दंपति ने लॉकडाउन के दौरान लोगों की मदद करने में अपनी पूरी बचत खर्च कर दी. अब लोगों ने इस दंपति को 30 लाख रुपये जुटाकर दिए हैं.

मुंबई (Mumbai) के मलाड में रहने वाले फयाज शेख और उनकी पत्‍नी मिजगा शेख ने लॉकडाउन (Lockdown) के दौरान 1,500 लोगों की मदद के लिए अपनी बचत (Personal Savings) के 5 लाख रुपये खर्च कर दिए. इसके बाद लोगों ने शेख दंपति की आर्थिक मदद के लिए हाथ आगे बढ़ाए.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 4, 2020, 5:31 PM IST
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नई दिल्‍ली. कोरोना वायरस के कारण लगाए गए लॉकडाउन (Lockdown) के दौरान लोगों के सामने खाने-पीने तक की मुसीबत खड़ी हो गई थी. ऐसे में काफी लोगों ने आगे बढ़कर उनकी परेशानियों में हाथ बंटाया. ऐसे ही मुंबई के एक दंपति (Couple) ने लॉकडाउन के दौरान जीवनभर की अपनी बचत (Savings) 1,500 लोगों का पेट भरने (Feed) पर लुटा दी. जब ये बात सोशल मीडिया के जरिये फैली तो लोगों ने ऑनलाइन क्राउडफंडिंग प्‍लेटफॉर्म (Crowd-Funding) ने पति-पत्‍नी को 30 लाख रुपये जुटाकर दिए.

झुग्‍गी बस्‍ती में चलाते हैं स्‍कूल, पढ़ते हैं 350 बच्‍चे
मुंबई (Mumbai) के मलाड में रहने वाले फयाज शेख औ उनकी पत्‍नी मिजगा ने बताया कि उन्‍होंने लॉकडाउन के दौरान लोगों को खिलाने-पिलाने पर अपनी बचत के 5 लाख रुपये खर्च कर दिए. इसके बाद हमारे काम को लेकर एक अखबार में खबर छपी. इसके बाद हमें एक उद्योगपति ने हमें 4 लाख रुपये का दान दिया. शेख दंपति मलाड के मलवानी में रहते हैं और झुग्‍गी बस्‍ती में एक स्‍कूल चलाते हैं. स्‍कूल में 350 बच्‍चे हैं.

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'बच्‍चों के लिए जुटाएंगे स्‍वास्‍थ्‍य सुविधाएं-राशन'


फयाज शेख ने कहा, 'खुशी है कि हमारे अच्‍छे काम को लोगों ने सराहा. हमारी आर्थिक मदद करने वाले क्राउड-फंडिंग प्‍लेटफॉर्म ने हमसे भविष्‍य की योजना के बारे में पूछा है. उन्‍होंने कहा कि फिलहाल वे जुटाए गए 30 लाख रुपये से अपने स्‍कूल के बच्‍चों के लिए स्‍वास्‍थ्‍य सुविधा और राशन की व्‍यवस्‍था करेंगे. उन्‍हेंने बताया कि उनके स्‍कूल में टॉयलेट नहीं है. ऐसे में टीचर्स और स्‍टूडेंट्स को सार्वजनिक शौचालय का इस्‍तेमाल करना पड़ता है.

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लाइब्रेरी, कंप्‍यूटर, ब्‍लैकबोर्ड्स पर खर्च होंगे पैसे
शेख ने कहा कि स्‍कूल को एक लाइब्रेरी की भी जरूरत है. वहीं, हर दिन बदलती शिक्षा पद्धति के बारे में बच्‍चों को जागरूक रखने के लिए कंप्‍यूटर और ऑडियो-जिुअल उपकरणों की दरकार है. यह नहीं पांच कमरों के हमारे स्‍कूल में बच्‍चों के बैठने की बेंचें और ब्‍लैकबोर्ड्स तक खराब हालत में हैं. क्राउड-फंडिंग प्‍लेटफॉर्म की ओर से मिले 30 लाख रुपये का इस्‍तेमाल इन सभी सुविधाओं को जुटाने में किया जएगा.
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