लॉकडाउन में लगा आम आदमी को बड़ा झटका! महंगी हुई खाने की थाली, इन सब चीजों के बढ़े दाम

लॉकडाउन में लगा आम आदमी को बड़ा झटका! महंगी हुई खाने की थाली, इन सब चीजों के बढ़े दाम
महंगी हुई आपके खाने की थाली

मार्च महीने के दौरान देश में खाने-पीने की चीजों (Food Inflation) के दाम घट गए थे. लेकिन कोरोना वायरस (Coronavirus Lockdown) की वजह से लगाए गए लॉकडाउन में इनकी कीमतें फिर से बढ़ रही हैं. चावल, दाल, गेहूं आदि जैसे खाने-पीने की की कीमतों में तेजी आई है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 30, 2020, 12:18 PM IST
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नई दिल्ली. देश में लॉकडाउन के बीच आम आदमी के लिए दिक्कतें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं. अब महंगाई ने आम आदमी की चिंताएं बढ़ा दी हैं. IGIDR ( Indira Gandhi Institute of Development Research) की रिपोर्ट के मुताबिक, लॉकडाउन के 28 दिनों के दौरान कई दालों की कीमत लॉकडाउन से पहले के माह के मुकाबले औसतन लगभग 6 फीसदी बढ़ गई है. ज्यादातर खाने के तेल 3.5 फीसदी महंगे हो गए हैं. आलू का भाव 15 फीसदी और टमाटर का 28 फीसदी बढ़ा है. छोटे शहरों में कीमतें ज्यादा बढ़ी हैं. कुछ छोटे शहरों में खुदरा खाद्य कीमतों में 20 फीसदी तक की वृद्धि हुई है.

सबसे ज्यादा कीमतें दाल और खाने के तेल की बढ़ी हैं. उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के मुताबिक, राजधानी दिल्ली में अरहर दाल की कीमत लॉकडाउन से पहले 93 रुपये प्रति किलो थी. 28 अप्रैल को यह 106 रुपये प्रति किलो दर्ज की गई.

>> चने की दाल की कीमत 72 रुपये प्रति किलो से बढ़कर 86 रुपये प्रति किलो हो गई है.
>> मसूर दाल की 71 रुपये प्रति किलो से बढ़कर 81 रुपये प्रति किलो हो गए है.
>> सरसों के तेल की कीमत 124 रुपये प्रति किलो से बढ़कर 132 रुपये प्रति किलो हो गई है.


>> सोया तेल की कीमत 111 रुपये प्रति किलो से बढ़कर 121 रुपये प्रति किलो पर जा पहुंची है.

ऐसा क्यों हुआ- लॉकडाउन की वजह से शहरी इलाकों में मार्केट्स अव्यवस्थित  हो गई है. अंग्रेजी के अखबार फाइनेंशियल एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, आवश्यक चीजों की खरीद और ट्रांसपोर्टेशन को लॉकडाउन से छूट के दिशा-निर्देशों के बावजूद उतनी छूट नहीं मिल पा रही है. IGIDR की रिपोर्ट कहती है कि सर्वे से संकेत मिले हैं कि लॉकडाउन में 11159 वर्कर्स में से लगभग 96 फीसदी को सरकार से राशन नहीं मिला है. 72 फीसदी का कहना है कि उनका राशन दो दिन में ही खत्म हो गया और 90 फीसदी का कहना है कि उन्हें वेतन/मजदूरी नहीं मिली है.

मार्च में घट गई थी महंगाई- आपको बता दें कि मार्च में  रिटेल महंगाई दर घटकर 5.91 फीसदी पर आ गई थी. खाने-पीने की चीजें सस्ती होने की वजह से इनके दाम घटे थे. लेकिन अगर हम इसे पिछले साल के इसी महीने के मुकाबले देखें तो यह ज्यादा है. पिछले साल इसी महीने में मंहगाई दर 2.86 फीसदी थी. एक महीना पहले फरवरी में खुदरा महंगाई दर 6.58 फीसदी थी. जानकारों का मानना है कि कोरोना वायरस की वजह से अप्रैल में भी महंगाई दर में नरमी रहेगी.

नेशनल स्टैटिस्टिकल ऑर्गेनाइजेशन ने सोमवार को इसके आंकड़े जारी किए. इसके मुताबिक खाने-पीने की चीजों की महंगाई घटकर मार्च में 8.76 फीसदी रही जो फरवरी में 10.81 फीसदी थी. मार्च में सब्जियों की महंगाई दर 18.63 फीसदी रही. एक महीना पहले यह 31.61 फीसदी थी.

हालांकि इस दौरान अनाज और दूसरे उत्पादों की महंगाई में थोड़ा इजाफा हुआ है. फरवरी के 5.23 फीसदी के मुकाबले मार्च में यह 5.30 फीसदी रहा. दालों की मंहगाई में मामूली कमी रही. फरवरी में यह 16.61 फीसदी थी जो मार्च में घटकर 5.23 फीसदी पर आ गई.

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