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लॉकडाउन में मोदी सरकार की इस स्कीम ने लोगों के बचाए ₹300 करोड़, ऐसे हुआ फायदा

लॉकडाउन में मोदी सरकार की इस स्कीम ने लोगों के बचाए ₹300 करोड़, ऐसे हुआ फायदा

300 करोड़ रुपये की कुल बचत हुई

300 करोड़ रुपये की कुल बचत हुई

देश भर में लगे लॉकडाउन के कारण खरीद व लॉजिस्टिक्स संबंधी दिक्कतों के बाद भी प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि केंद्रों (Pradhan Mantri Bhartiya Janaushadhi Kendras) ने अप्रैल में 52 करोड़ रुपये की बिक्री की है.

    नई दिल्ली. कोरोना वायरस (Coronavirus) के कारण देश भर में लगे लॉकडाउन (Lockdown) के कारण खरीद व लॉजिस्टिक्स संबंधी दिक्कतों के बाद भी प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि केंद्रों (Pradhan Mantri Bhartiya Janaushadhi Kendras) ने अप्रैल में 52 करोड़ रुपये की बिक्री की है. एक आधिकारिक बयान में इसकी जानकारी दी गयी. रसायन और उर्वरक मंत्रालय ने बयान में कहा कि इन केंद्रों ने पिछले साल अप्रैल में 17 करोड़ रुपये और मार्च 2020 में 42 करोड़ रुपये की बिक्री की थी. बयान के अनुसार, इससे लोगों को लगभग 300 करोड़ रुपये की कुल बचत हुई है.

    जनऔषधि केंद्रों 50 से 90 फीसदी सस्ती मिलती हैं दवाएं
    जनऔषधि केंद्रों पर दवाएं औसत बाजार मूल्य की तुलना में 50 से 90 प्रतिशत सस्ती मिलती हैं. बयान में कहा गया है कि मंत्रालय प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि परियोजना के माध्यम से देश के लोगों को सस्ती दवाओं की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है. अभी देश भर में 726 जिलों में 6,300 से अधिक जनऔषधि केंद्र हैं.

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    कैसे खोल सकते हैं जन औषधि केन्द्र?
    जन औषधि केन्द्र खोलने की प्रक्रिया काफी आसान है. यह पूरा काम आप चाहें तो ऑनलाइन भी कर सकते हैं. जन औषधि केन्द्र खोलने में ज्यादा खर्च भी नहीं आता है और जो भी खर्च आता है, वह सरकार धीरे धीरे आपको वापस भी कर देती है. वहीं अच्छा कमीशन मिलने से हर माह मोटी कमाई भी होती है.

    तीन कटेगिरी में हैं खोल सकते हैं जन औषधि केंद्र
    पहली कैटेगरी के तहत कोई भी व्यक्ति, बेरोजगार फार्मासिस्ट, डॉक्टर, रजिस्टर्ड मेडिकल प्रैक्टिशनर जन औषधि केंद्र खोल सकता है. दूसरी कैटेगरी के तहत ट्रस्ट, एनजीओ, प्राइवेट हॉस्पिटल, सोसायटी और सेल्फ हेल्प ग्रुप को जनऔषधि केंद्र खोल सकता है. तीसरी कैटेगरी में राज्य सरकारों की ओर से नॉमिनेट एजेंसी जनऔषधि केन्द्र खोल सकती है.

    मिलती है सरकारी मदद सरकार
    जन औषधि केंद्र खोलने पर 2.5 लाख रुपये तक की मदद करती है. जन औषधि केंद्र से दवाओं की बिक्री से 20 फीसदी तक का मार्जिन मिलता है. इसके अलावा हर महीने होने वाली बिक्री पर अलग से 15 फीसदी का इंसेंटिव दिया जाता है. हालांकि इंसेंटिव की अधिकतम सीमा 10 हजार रुपये महीने तक की फिक्स है. यह इंसेंटिव तब तक मिलेगा, जब तक कि 2.5 लाख रुपये पूरे न हो जाएं.

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    Tags: Business news in hindi, Coronavirus, Coronavirus in India, COVID 19, Generic medicines, Lockdown, Medicine, Modi government

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