सस्ती हुई कोरोना की दवाई, Glenmark ने 25 फीसदी से ज्‍यादा घटाई कीमत, 1 गोली की कीमत हुई 80 रुपये से कम

सस्ती हुई कोरोना की दवाई, Glenmark ने 25 फीसदी से ज्‍यादा घटाई कीमत, 1 गोली की कीमत हुई 80 रुपये से कम
फार्मास्‍युटिकल्‍स कंपनी ग्‍लेनमार्क ने कोरोना वायरस की दवा FabiFlu की कीमत घटा दी है.

ग्‍लेनमार्क फार्मास्‍युटिकल्‍स (Glenmark Pharmaceuticals) ने पिछले महीने कोविड-19 की दवा FabiFlu बाजार में उतारी थी. इसकी एक टैबलेट की कीमत 103 रुपये तय की गई थी. कीमत घटाए जाने के बाद अब एक टैबलेट महज 75 रुपये की हो गई है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: July 13, 2020, 10:16 PM IST
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नई दिल्‍ली. कोविड-19 प्रकोप फैलने के बाद दुनियाभर में इसका इलाज (Covid-19 Treatment) खोजने की होड़ मच गई. इसके बाद कोरोना वायरस के इलाज में कारगर पाई गईं दवाइयों (Corona Medicines) की कीमत बहुत ज्‍यादा रखी गई. इससे कोविड-19 की चपेट में आए आम आदमी पर दोहरी मार पड़ने लगी. पहली स्‍वास्‍थ्‍य पर और दूसरी आर्थिक मार ने लोगों के लिए मुसीबत को बड़ा बना दिया. ऐसे में गलेनमार्क फार्मास्‍युटिकल्‍स (भारत में ) ने पिछले महीने उतारी कोविड-19 की दवा फैबीफ्लू (FabiFlu) की कीमत 25 फीसदी से ज्‍यादा घटा दी है. बता दें कि जिस समय कंपनी ने इस दवा को बाजार में उतारा था, उस समय इसकी एक टैबलेट की कीमत 103 रुपये थी. दाम घटाए जाने के बाद अब इसकी एक टैबलेट 80 रुपये से कम की मिलेगी.

इस वजह से घटाई गई कोरोना मेडिसिन FabiFlu की कीमत
ग्‍लेनमार्क ने घोषणा की है कि उसने कोरोना वायरस के इलाज में इस्‍तेमाल होने वाली दवा फैबीफ्लू की कीमत में 27 फीसदी कमी कर दी है. अब इसकी एक अैब्‍लेट महज 75 रुपये की मिलेगी. इस दवा का इस्‍तेमाल मामूली लक्षण वाले कोविड-19 के मरीजों के इलाज में किया जा रहा है. कंपनी ने बताया, 'ज्‍यादा फायदे और बड़े पैमाने पर उत्‍पान के कारण दवा की कीमत में कमी संभव हो पाई है. दवा का एक्टिव फार्मास्‍युटिकल इंग्रेडिएंट (API) और अंतिम उत्‍पाद (Formulation) तैयार किया जा रहा है. इस सबका फायदा भारत में कोरोना के मरीजों को दिया जा रहा है.'

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'बाकी देशों के मुकाबले FabiFlu की कीमत रखी गई है कम'


ग्‍लेनमार्क फार्मा के सीनियर वाइस प्रेसिडेंड एंड हेड (इंडिया बिजनेस) आलोक मलिक ने बताया, 'हमारे इंटरनल रिसर्च में साफ हो गया है कि कंपनी ने भारतीय बाजार में फेबीफ्लू के नाम से सबसे सस्‍ती दवा उतारी है. वहीं, दूसरे देशों में Favipiravir नाम से उतारी गई यही दवा काफी महंगी है. अब इसकी कीमत में की गई कमी के बाद हमें उम्‍मीद है कि भारत में Fabiflu कोविड-19 के हर मरीज के लिए आसानी से उपलब्‍ध होगी.' कंपनी ने एक पोस्‍ट मार्केटिंग सर्विलांस स्‍टडी के जरिये फैबीफ्लू के कोविड-19 के मरीजों पर असर और सुरक्षा का अध्‍ययन किया. इसके लिए 1,000 ऐसे मरीजों का अध्‍ययन किया गया, जिन्‍हें इलाज के दौरान फैबीफ्लू दी गई थी.

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FabiFlu का तीसरे चरण का क्‍लीनिकल ट्रायल भी हुआ पूरा
मलिक ने कहा कि हमारा ये अध्‍ययन कोविड-19 के इलाज में फैबीफ्लू को बड़े पैमाने पर इस्‍तेमाल करने में डॉक्‍टरों की काफी मदद करेगा. बता दें कि ग्‍लेनमार्क ने 20 जून 2020 को बताया था कि उसे भारतीय दवा नियामक से फैबीफ्लू की मैन्‍युफैक्‍चरिंग और मार्केटिंग की अनुमति मिल गई है. इसके बाद उसने कोविड-19 के मॉडरेट पेशेंट्स के इलाज में इस्‍तेमाल होने वाली दवा का भारत में उत्‍पादन शुरू कर दिया था. ग्‍लेनमार्क ने भारत में कोरोना रोगियों पर Favipiravir (FabiFlu) का तीसरे चरण का क्‍लीनिकल ट्रायल भी पूररा कर लिया है. इसके नतीजे बहुत जल्‍द सार्वजनिक कर दिए जाएंगे.
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