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इस वजह से आनेवाले दिनों में जीवनरक्षक दवाइयों की हो सकती है कमी


Updated: April 4, 2020, 2:22 PM IST
इस वजह से आनेवाले दिनों में जीवनरक्षक दवाइयों की हो सकती है कमी
कूरियर सेवाओं बंद होने से जरूरी दवाओं की सप्लाई पर असर पड़ रहा है.

फार्मा विभाग ने गृह मंत्रालय (Ministry of Home Affaris) से निवेदन किया है कि कूरियर सेवाओं पर लगे प्रतिबंधों को आसान नहीं किया गया तो आने वाले समय में टियर-1 और टियर-2 शहरों में इन दवाइयों की कमी का सामना करना पड़ सकता है.

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नई दिल्ली. कोरोना वायरस (Covid- 19) संक्रमण महामारी से उबारने वाली जीवनरक्षक दवाइयों की आने वाले हफ्तों में कमी हो सकती है. मनीकंट्रोल को मिली एक्सक्लूसिव जानकारी के मुताबिक, फार्मा विभाग ने गृह मंत्रालय से निवेदन किया है कि कूरियर सेवाओं पर लगे प्रतिबंधों को आसान नहीं किया गया तो आने वाले समय में टियर-1 और टियर-2 शहरों में इन दवाइयों की कमी का सामना करना पड़ सकता है. फार्मा विभाग ने गृह मंत्रालय से कहा है कि दवाईयों की सप्लाई को सुचारू रखने के लिए सहायक सामानों जैसे पैकेजिंग सामग्री की आवाजाही और कूरियर सेवाओं पर से प्रतिबंधों को शिथिल करना आवश्यक है.

जरूरी वस्तुओं की सप्लाई बाधित हो रही है
फार्मा विभाग के सेक्रेटरी डॉ पी डी वाघेला ने केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला पत्र लिखकर बताया है कि पैकेजिंग सामग्री (टैबलेट और कैप्सुल उत्पादन के लिए आवश्यक), बॉइलर्स को चलाने के लिए जरूरी briquettes/gases जैसे युटिलिटी कंज्यूमेबल्स और स्पेयर पार्ट इस समय ऑपरेट और आपूर्ति नहीं कर पा रहे हैं क्योंकि कई बार ऐसा हो रहा है कि पुलिस और स्थानीय प्रशासन इन सामानों को समझ ही नहीं पाते कि ये अनिवार्य सामग्री और सेवाएं हैं.

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छोटे शहरों में कूरियर सेवाओं के बंद होने से परेशानी


वाघेला ने अपने पत्र में यह भी लिखा है कि दवाईयों की सप्लाई चैन में कूरियर सेवाएं बहुत महत्वपूर्ण कारक हैं. वाघेला ने आगे लिखा है कि फार्मा इंडस्ट्री के मुताबिक बड़े पैमाने पर कूरियर सर्विस नहीं चल रही हैं. कुछ मेट्रो शहरों में कूरियर सेवाएं बहाल हुई हैं परंतु टियर-1 और टियर-2 शहरों में ये सेवाएं बुरी तरह से प्रभावित हुई हैं.

ग्रामीण इलाकों के दवाओं की उलब्धता पर पड़ सकता है असर
वाघेला ने अपने पत्र में गृह सचिव से कहा है कि स्टॉकिस्ट्स के पास से सामान लाने और ले जाने वाले एजेंटो द्वारा किया जाने वाला डिस्पैच एक चुनौती बना हुआ है. यदि कूरियर सेवाएं जल्द ही बहाल नहीं हुईं तो टियर-1 और टियर-2 शहरों तथा देश के ग्रामीण इलाकों में दवाईयों की उपलब्धता पर बड़ा असर पड़ेगा.

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सप्लाई सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकारों को दी जाए जरूरी निर्देश
पत्र में वाघेला ने केंद्रीय गृह सचिव से कहा है कि इस संकट की घड़ी में जीवन रक्षक अनिवार्य दवाईयों की उपलब्धता को सुनिश्चित करने के लिए इस मुद्दे पर राज्य के अधिकारियों को तुरंत हस्तक्षेप करने की आवश्यकता है इसलिए केंद्र द्वारा इस मुद्दे से निपटने के लिए राज्य सरकारों को आवश्यक निर्देश दिये जाने की जरूरत है.

मनीकंट्रोल

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First published: April 4, 2020, 1:55 PM IST
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