COVID-19 के हैं मामूली लक्षण और नहीं मिला हॉस्पिटल बेड? Oyo समेत इन होटल्स में रुकें, अस्‍पताल जैसी मिलेगी सुविधा

यदि मरीज की स्थिति गंभीर होती है तो उसे अस्पताल तक पहुंचाने के लिए एंबुलेंस की सुविधा भी यहां मिलेगी

यदि मरीज की स्थिति गंभीर होती है तो उसे अस्पताल तक पहुंचाने के लिए एंबुलेंस की सुविधा भी यहां मिलेगी

हॉस्पिटैलिटी फर्मों ने होटल रूम्‍स को हेल्थकेयर यूनिट (Healthcare unit) की शक्ल दी है, जहां कोरोना संक्रमित व्‍यक्ति को ऑक्सीजन कंसंट्रेटर्स, डॉक्टर्स और नर्स की देखभाल मिलेगी. इस दौरान यदि मरीज की स्थिति गंभीर होती है तो उसे अस्पताल तक पहुंचाने के लिए एंबुलेंस की सुविधा भी मिलेगी.

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नई दिल्ली. कोविड 19 के इस समय में यदि आप को कोरोना (Corona) के हल्के लक्षण हैं और अपने लिए अस्पताल (Hospital) में बेड खोज रहे हैं, लेकिन वो मिल नहीं रहा तो अब ज्यादा परेशान होने की जरूरत नहीं है. दरअसल, बढ़ते मामलों और अस्पतालों में बेड की कमी को ध्यान में ध्यान में रखते हुए ओयो (Oyo), ट्रीबो (Treebo) और फैब होटल्स (Feb Hotels) ने अपने कमरों को कोविड के नॉन क्रिटिकल पेशंट के लिए खोल दिया है. साथ ही अपने होटल रूम्‍स को हेल्थकेयर यूनिट (Healthcare unit) की शक्ल दी है. इनमें आपको ऑक्सीजन कंसंट्रेटर्स, डॉक्टर्स और नर्स की देखभाल मिलेगी. इस दौरान अगर मरीज की स्थिति गंभीर होती है तो उसे अस्पताल तक पहुंचाने के लिए एंबुलेंस की सुविधा भी मिलेगी. हालांकि, यह अस्पताल में बेड की उपलब्धता पर निर्भर करता है. 


हॉस्पिटैलिटी फर्म का यह कदम इसलिए भी बेहद महत्वपूर्ण हो जाता है क्योंकि इस वक्त भारत में कोविड 19 से प्रभावितों की संख्या जहां 2.49 करोड़ तक पहुंच गई है, वहीं 2.74 लाख लोग इस बीमारी से अपनी जान गंवा चुके हैं. स्थिति यह है कि कई अस्पतालों में मरीजों को भर्ती करने के लिए जगह नहीं है. लगभग कई शहरों में अस्पताल फुल हो चुके हैं. 


समय पर ट्रीटमेंट हो तो 90 फीसदी मरीज ठीक हो सकते है

विशेषज्ञ कहते हैं कि कोरोना भले ही जानलेवा बीमारी है, लेकिन 90 प्रतिशत मरीज सही मेडिकेशन और समय पर मेडिकल सुपरविजन मिल जाए तो आसानी से रिकवर हो सकते हैं. इस वायरस के नेचर को अभी कोई ठीक से समझ नहीं पाया है, यही वजह है कि इसके चपेट में आने वाले लोगों को यही सलाह दी जाती है कि वो तुरंत खुद को आइसोलेट कर लें. हालांकि, कईयों के पास यह विकल्प भी नहीं रहता कि वो घर में खुद के लिए अलग से कोई जगह निकाल सकें. वहीं, यह डर हमेशा बना रहता है कि उनके जरिए यह वायरस परिवार में किसी दूसरे सदस्य को ना पहुंच जाए.  


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L1 हेल्थ केयर फेसिलिटी  दे रहे होटल्स

इस संकट की घड़ी में हॉस्पिटैलिटी फर्म ने हेल्थकेयर सर्विस प्रोवाइडर्स के साथ टायअप करते हुए नॉन क्रिटिकल कोविड पेशेंट के लिए  L1 हेल्थ केयर फेसिलिटी शुरू की है. सरकार ने हेल्थकेयर यूनिट्स को तीन कैटिगिरी में डिवाइड किया है. इसमें L1, L2 व L3 शामिल है. L1 में नॉन क्रिटिकल पेशेंट जबकि L2 व L3 वो सेंटर है जहां ज्यादा गंभीर मरीजों के साथ डील किया जा रहा है. 




Oyo ने किया इनसे टायअप

इसके तहत Oyo  ने दिल्ली में लेडी हार्डिंग, अंबेडकर और लोक नायक हॉस्पिटल के साथ पार्टनरशिप की है अपने रूम के अलावा मेडकिल असिस्टेंट देने के लिए अपने कॉरपोरेट क्लाइंट्स को. ओयो इनसिया के चीफ एग्जिक्यूटिव ऑफिसर रोहित कपूर कहते है कि हल्के लक्षण वाले कर्मचारियों के लिए हमने आइसोलेशन फैसिलिटी हेल्थकेयर सर्विस प्रोवाइड के साथ मिलकर देना शुरू की है. इसमें 24*7 नर्स केयर, ऑन डिमांड पैथालॉजी, फॉर्मसी सपोर्ट, डेली डॉक्टर विटिज और खाने के साथ अन्य सुविधा भी है. 


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Treebo की इनसे पार्टनरशिप

दूसरी तरफ ट्रीबो (Treebo) ने हेल्थटेक स्टार्टअप मेड्डो के साथ पार्टनरशिप की है. जबकि ट्रीबो के को फाउंडर सिद्धार्थ गुप्ता ने इस बारे में कोई भी कमेंट करने से मना कर दिया, मेड्डो फाउंडर सौरभ कोचर ने बताया कि 150 बेड तैयार किए गए है जिसे निशुल्क में मरीजों को ऑफर किए जा रहे है. इसके लिए  लोग खुद को रजिस्टर्ड करके केवल मेडिकल व पैथालॉजी टेस्ट के लिए पैसा देना होगा. बकौल कोचर कंपनी ने खाने के लिए ऑनलाइन फूड डिलिवरी फर्म स्विगी से भी पार्टनरशिप है जिससे मरीजों को कस्टमाइज फूड प्रोवाइड करवाया जा सके. 


Fab Hotel में यह सुविधाएं

फैब होटल ने अपने कॉरर्पोरेट ग्राहकों के लिए पोर्टिया बर्मन फैमिली समर्थित हेल्थकेयर सर्विस प्रोवाइडर जो घर व कुछ स्थानीय अस्पतालों जैसे हेल्थ सर्विस प्रोवाइडर्स के साथ करार किया है. फैब होटल्स के को-फाउंडर आदर्श मनपुरिया ने मनीकंट्रोल से बात करते हुए कहा कि इन सुविधाओं में मरीज घर के कामों की चिंता किए बिना पूरी तरह से स्वस्थ होने पर ध्यान केंद्रित कर सकते हैं. अब तक दिल्ली, एनसीआर, बैंगलोर, चेन्नई, हैदराबाद, पुणे और कोलकाता में 350 बेड के साथ दस सुविधाएं उपलब्ध करवाई गई है. फैब इसके लिए पांच हजार रुपए पर नाइट चार्ज कर रहा है जिसमें रूकने से लेकर खाने-पीने और मेडिकल असिस्टेंस शामिल है. मेडिकेशन और जांच के लिए अलग से चार्ज देना होगा. 

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