कोविड-19 वैक्सीनेशन। ‘संजीवनी गाड़ी’ अब सुदूर गांवों तक जाकर बढ़ाएगी वैक्सीन के प्रति जागरूकता

संजीवनी वाहन गांव के लोगों को कोविड-19 सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करने के लिए जागरूक करेगा.

संजीवनी वाहन गांव के लोगों को कोविड-19 सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करने के लिए जागरूक करेगा.

'संजीवनी गाड़ी' भारत में कोविड-19 से सबसे ज़्यादा प्रभावित पांच जिलों के हर गांव की यात्रा करेगी. यह गाड़ी अब इंदौर (मध्य प्रदेश), अमृतसर (पंजाब), दक्षिण कन्नड़ (कर्नाटक), नासिक (महाराष्ट्र) और गुंटूर (पंजाब) जिलों में जागरूकता अभियान चलाएगी.

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नेटवर्क18 (Network18) और फेडरल बैंक (Federal Bank) ने अपने महत्वाकांक्षी वैक्सीन जागरूकता अभियान 'Sanjeevani – A Shot of Life' में एक नई शुरूआत की है. जमीनी स्तर तक पहुंचने की कोशिश में 'संजीवनी गाड़ी' (Sanjeevani Gaadi) अब कोविड-19 से सबसे अधिक प्रभावित 5 जिलों के हर गांव तक जाएगी. इसे वर्ल्ड हेल्थ डे पर कैंपेन के एंबेसडर सोनू सूद ने लॉन्च किया था.

इन जिलों में जागरूकता फैलाएगी यह गाड़ी

यह गाड़ी अब इंदौर (मध्य प्रदेश), अमृतसर (पंजाब), दक्षिण कन्नड़ (कर्नाटक), नासिक (महाराष्ट्र) और गुंटूर (पंजाब) जिलों में जागरूकता अभियान चलाएगी. यह अमृतसर के 70 गांवों और इंदौर व दक्षिण कन्नड़ जिलों के लगभग 100-100 गांवों में भी जागरुकता फैलाने का काम करेगी.

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संजीवनी गाड़ी 500 से ज्‍यादा गांव की करेगी यात्रा

यह वाहन कोविड-19 वैक्सीन में जागरूकता फैलाने और भ्रम दूर करने के लिए पांच जिलों के 500 से अधिक गांवों की यात्रा करेगा. साथ ही यह गांव के लोगों को कोविड-19 सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करने के लिए भी जागरूक करेगा. इसके अलावा बाद में हेल्थ पार्टनर Apollo 247 और एनजीओ पार्टनर यूनाइटेड वे मुंबई (United Way Mumbai) के साथ मिलकर वैक्सीनेशन कैंप भी लगाए जाएंगे.

भारत इस महामारी से सबसे अधिक प्रभावित देशों में से एक है और कोरोना की दूसरी लहर से देश थम सा गया है. इस बिगड़ते हालात में नोवेल कोरोना वायरस को हराने का बस एक ही रास्ता नज़र आ रहा है और वह है 18 साल से अधिक उम्र के सभी लोगों को वैक्सीन लगाना.

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