Fitch Ratings का अनुमान, FY22 में 12.8 फीसदी रह सकती है GDP ग्रोथ

फिच रेटिंग्स

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फिच रेटिंग्स (Fitch Ratings) ने कहा है कि कोरोना वायरस मामलों में तेजी से जीडीपी (GDP) में सुधार होने में देरी हो सकती है.

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नई दिल्ली. क्रेडिट रेटिंग एजेंसी फिच रेटिंग्स (Fitch Ratings) ने भारत के लिए सॉवरेन रेटिंग को BBB- माइनस रखा है. फिच ने वित्त वर्ष 2021-22 (FY22) के लिए जीडीपी (GDP) वृद्धि दर के 12.8 फीसदी रहने का अनुमान जताया है. उसने यह भी कहा कि कोरोना वायरस मामलों में तेजी से जीडीपी में सुधार होने में देरी हो सकती है लेकिन इससे अर्थव्यवस्था के विकास का पहिया पटरी से उतरेगा नहीं.

फिच ने आउटलुक निगेटिव रखा है. यह कर्ज वृद्धि को लेकर लंबे समय तक अनिश्चिता बने रहने की स्थिति को प्रतिबिंबित करता है. रेटिंग एजेंसी ने कहा, ''हमारा अनुमान है कि वित्त वर्ष 2021-22 में जीडीपी वृद्धि दर 12.8 फीसदी रहेगी जो 2022-23 में नरम होकर 5.8 फीसदी पर आ जाएगी. वित्त वर्ष 2020-21 में वृद्धि दर में 7.5 फीसदी गिरावट का अनुमान है.''

उसने कहा, ''हालांकि हाल में कोरोना वायरस संक्रमण के मामलों में तेजी से 2021-22 के परिदृश्य के कमजोर होने का जोखिम है. संक्रमण के मामलों में तेजी से पुनरूद्धार में देरी हो सकती है लेकिन अर्थव्यवस्था के विकास का पहिया पटरी से उतरने की आशंका नहीं है.''

फिच का मानना है कि महामारी संबंधित पाबंदियां स्थानीय स्तर पर सीमित रहेंगी और यह 2020 में राष्ट्रीय स्तर पर लगाये गए लॉकडाउन से कम कड़ी होगी. साथ ही टीकाकरण अभियान में तेजी लाई जा रही है.
केयर रेटिंग्स ने भारत की आर्थिक वृद्धि दर के अनुमान को कम कर 10.2 % किया

गौरतलब है कि रेटिंग एजेंसी केयर रेटिंग्स (Care Ratings) ने वित्त वर्ष 2021-22 के लिए भारत की जीडीपी वृद्धि दर के अनुमान को घटाकर 10.2 फीसदी कर दिया है. पूर्व में वृद्धि दर 10.7 से 10.9 फीसदी रहने की संभावना जताई गई थी.

एसएंडपी ग्लोबल रेटिंग्स का अनुमान, FY22 में 11 फीसदी रहेगी ग्रोथ रेट



उल्लेखनीय है कि एसएंडपी ग्लोबल रेटिंग्स (S&P Global Ratings) ने चालू वित्त वर्ष 2021-22 में भारतीय अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर 11 फीसदी रहने का अनुमान लगाया है. इसके साथ उसने व्यापक लॉकडाउन के अर्थव्यवस्था पर प्रभाव को लेकर आशंका भी जताई है.
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