कोरोना की दूसरी लहर का इकोनॉमिक इंपैक्ट लोकलाइज्ड, मई में ज्यादा असर : नोमुरा

कोरोना के बढ़ते मामलों के कारण लगाए गए स्टेट-वाइड लॉकडाउन से लोगों की आवाजाही बुरी तरह प्रभावित हुई है

कोरोना के बढ़ते मामलों के कारण लगाए गए स्टेट-वाइड लॉकडाउन से लोगों की आवाजाही बुरी तरह प्रभावित हुई है

ग्लोबल रेटिंग एजेंसी नोमुरा (Nomura) ने कहा है कि दूसरी लहर इकोनॉमिक क्राइसिस से ज्यादा मानवीय त्रासदी

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नई दिल्ली. ग्लोबल रेटिंग एजेंसी नोमुरा (Nomura) ने देश में कोरोनावायरस महामारी की दूसरी लहर में इकोनॉमिक इंपैक्ट को लोकलाइज्ड बताया है. इसी वजह से बीते साल लगाए गए लॉकडाउन के मुकाबले इस बार असर कम है.

नोमुरा ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि भारत में कोविड का सेंकेंड वेव इकोनॉमिक क्राइसिस के बदले मानवीय त्रासदी अधिक है. इससे हजारों लोगों की जान गई है. नोमुरा ने कहा कि कोविड-19 के सेकेंड वेव का इकोनॉमिक इंपैक्ट लोकलाइज्ड है और यह कुल मिलाकर म्यूटेड है. रिपोर्ट के मुताबिक कोरोना के बढ़ते मामलों के कारण लगाए गए स्टेट-वाइड लॉकडाउन से लोगों की आवाजाही काफी प्रभावित हुई है और इसका आर्थिक असर मई में सबसे अधिक दिखेगा.

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पिछले साल के मुकाबले ग्रोथ में मामूली गिरावट

नोमुरा ने कहा कि कोविड-19 के कारण लगाए गए लॉकडाउन का असर साल 2021 की दूसरी तिमाही में दिखेगा. नोमुरा के इकोनॉमिस्ट ऑरोदीप नंदी और सोनल वर्मा ने कहा कि कोविड-के कारण अप्रैल-जून तिमाही में ग्रोथ हिट हुआ है, लेकिन पिछले साल के मुकाबले ग्रोथ में मामूली गिरावट आएगा.

जीडीपी में तिमाही आधार पर 3.8% की गिरावट आ सकती है



नोमुरा ने अनुमान लगाया कि FY22 के Q1 में GDP में तिमाही आधार पर 3.8% की गिरावट आ सकती है, जो कि पहली लहर में FY21 के Q1 में -24.6% रहा था. वहीं, FY21 में ओवरऑल GDP ग्रोथ रेट सालाना आधार पर 9.8% और FY22 में 10.8% रहने का संभावना है.

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जून से लॉकडाउन हटने लगेगा पर प्रतिबंध जारी रहेंगी

नोमुरा ने अपनी रिपोर्ट में उम्मीद जताई कि महाराष्ट्र जैसे राज्यों में लॉकडाइन मिड-जून में हटाया जा सकता है, जबकि कोरोना प्रतिबंध और आगे जारी रह सकते हैं. नोमुरा ने कहा कि लॉकडाइन का सबसे ज्यादा असर मई में होगा और जून से इसमें सुधार आने लगेगा.

जुलाई के अंत तक देश की 10.5% आबादी को वैक्सीन लग चुकी होगी

नोमुका ने कहा कि भारत में जून के बाद कोविड वैक्सीनेशन की रफ्तार में काफी तेजी आने की उम्मीद है. रेटिंग एजेंसी ने अनुमान लगाया कि जुलाई के अंत तक देश की 10.5% आबादी को वैक्सीन लग चुका होगी और सितंबर अंत तक 26% आबादी वैक्सीनेशन के दायरे में आ जाएगी.

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वर्ष 2021 के अंत तक भारत के 52% लोगों को वैक्सीन लगने की उम्मीद

वर्ष 2021 के अंत तक भारत के 52% लोगों को वैक्सीन लगने की उम्मीद है. आपको बता दें कि भारत में अब तक 184 मिलियन लोगों को वैक्सीन लग चुकी है, जो देश की कुल आबादी का 13.4% है. इसमें 10.3% लोगों को पहली डोज और 3.1% लोगों को दोनों डोज लग चुकी है.

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