Home /News /business /

Lockdown 2.0 : रेल मंत्रालय का बड़ा फैसला- बसों से मजदूरों की वापसी के बाद ही चलेंगीं ट्रेन

Lockdown 2.0 : रेल मंत्रालय का बड़ा फैसला- बसों से मजदूरों की वापसी के बाद ही चलेंगीं ट्रेन

बुधवार को गुजरात के सूरत से एक श्रमिक स्पेशल ट्रेन बरौनी स्टेशन पहुंची है.(प्रतीकात्मक चित्र)

बुधवार को गुजरात के सूरत से एक श्रमिक स्पेशल ट्रेन बरौनी स्टेशन पहुंची है.(प्रतीकात्मक चित्र)

देश में कोरोना (Coronavirus) के मामले में लगातार इजाफा हो रहा है. इसलिए भारतीय रेलवे (Indian Railway) की तरफ से मजदूरों के लिए स्पेशल ट्रेन चलाने के लिए कई योजनाओं पर विचार किया जा रहा है.

नई दिल्ली. केंद्र सरकार (Central Government) ने दूसरे राज्यों में फंसे मजदूरों को बसों से वापस उनके घर भेजने की मंजूरी दे दी है. दूसरी तरफ कई राज्य सरकारें इसके लिए स्पेशल ट्रेनों की मांग कर रही हैं. इंडियन रेलवे (Indian Railway) के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक पहले इस बात का इंतजार किया जाएगा कि कितने लोग बसों से अपने-अपने घर के लिए रवाना होते हैं, इस तरह से रेलवे पर लोड कम होने के बाद ही स्पेशल ट्रेनों को चलाने पर विचार किया जा सकता है. दरअसल, लंबी दूरी तक बसों से प्रवासी मजदूरों को ले जाना भी आसान नहीं होगा.

रेलवे पर लोड कम होने के बाद स्पेशल ट्रेनों पर होगा फैसला
सूत्रों के मुताबिक राज्य सरकार अपनी सहूलियत के मुताबिक जितने लोगों को बसों से वापस भेज सकती है, उसके बाद ही स्पेशल ट्रेनें चलाने की किसी योजना पर विचार किया जा सकता है. दूसरी तरफ बसों में भी सोशल डिस्टेंसिंग को फॉलो करने में एक बस में 25 से 30 लोगों को ही बिठाया जा सकता है. ऐसी स्थिति में बहुत सारी बसों का इंतजाम करना और हर बस की हर सवारी की निगरानी करना आसान नहीं होगा.

lockdown, Indian Railways, Modi government, state government, bus services, needy people, during lockdown, irctc, indian railway, Coronavirus, corona crisis, Indian Railways, North Western Railway, food packets, service to the needy, RPF, केंद्र सरकार, Central Government,इंडियन रेलवे, ट्रेन सेवा कब शुरू होगी, मोदी सरकार, 3 मई के बाद ट्रेन सेवा शुरू होंगी, भारत सरकार, रेल मंत्रालय
भारतीय रेल ने लॉकडाउन के 3 मई तक अपनी सारी पैसेंजर ट्रेनों को रद्द कर दिया है


केंद्र सरकार फैसला करेगी
बता दें कि भारतीय रेल ने लॉकडाउन यानी 3 मई तक अपनी सारी पैसेंजर ट्रेनों को रद्द कर दिया है. यही नहीं उसने 3 मई के बाद के रेलवे रिजर्वेशन को भी बंद कर रखा है. रेलवे लॉकडाउन के बाद जब भी ट्रेनें चलाएगा ये फैसला केंद्र सरकार करेगी. केंद्र भी इस मसले पर सभी राज्यों से बातचीत के बाद ही कोई निर्देश जारी करेगा. इस बीच कोरोना के मामले में लगातार इजाफा हो रहा है. इसलिए रेलवे की तरफ से मजदूरों के लिए स्पेशल ट्रेन चलाने के लिए कई योजनाओं पर विचार किया जा रहा है.

इन विकल्पों पर विचार कर रहा रेल मंत्रालय

1. ट्रेन ऑपेरशन शुरू होने पर पहले केवल कुछ चुनिंदा ट्रेनें चलाई जाएं. ये स्पेशल ट्रेनें हों जिनको चुनिंदा स्टॉपेज के साथ चलाया जाए.

2. रेलवे केवल स्लीपर क्लास के कोच वाली ट्रेन चलाए. 72 बर्थ वाले स्लीपर कोच में अधिकतम 54 लोगों को सफर करने दिया जाए. इस तरह से 20 कोच की ट्रेन में 1000 लोगों को सफर करने दिया जाए.

3. रेलवे ने स्लीपर क्लास के पांच हजार से ज्यादा डिब्बों को आइसोलेशन वार्ड में बदल दिया है. इसके लिए बीच की एक सीट को हटा दिया गया है. हालांकि, अभी आइसोलेशन वार्ड के तौर पर इन डिब्बों की जरूरत नहीं पड़ी है. साथ ही गर्मी की वजह से फिलहाल इनके उपयोग की संभावना कम है. ऐसे में रेलवे इन डिब्बों से स्लीपर-2 के तौर पर स्पेशल क्लास की ट्रेन भी चला सकता है. इससे सोशल डिस्टेंसिंग के पालन में भी मदद मिलेगी.

4. शुरू में ट्रेनें केवल चुनिंदा स्टेशनों के बीच चलाई जाएं और जिन इलाकों में कोरोना के ज्यादा मामले आ रहे हों वहां से न तो कोई आये न ही कोई ट्रेन जाए.

रेलवे के सामने सबसे बड़ी चुनौती अपने लाखों कर्मचारियों और मुसाफिरों को सुरक्षित रखने की है. साथ ही उसे स्वास्थ्य मंत्रालय और गृह मंत्रालय के निर्देशों के मुताबिक सभी तरह के प्रोटोकाल को भी फॉलो करना है. ऐसे में ट्रेन सेवा जब भी शुरू होगी, रेलवे के ऊपर हर किसी की सुरक्षा की बड़ी जिम्मेदारी होगी. इसलिए स्पेशल ट्रेनों को लेकर जो भी फैसला होगा वो सभी पक्षों से बात करने के बाद ही लिया जाएगा.

ये भी पढ़ें:- इंडियन रेलवे का दावा-लॉकडाउन के दौरान 30 लाख लोगों को खिलाया खाना

Tags: COVID-19 pandemic, Indian Railway Catering and Tourism Corporation, Indian Railways, Irctc, Lockdown, Modi government

विज्ञापन

विज्ञापन

टॉप स्टोरीज

अधिक पढ़ें

अगली ख़बर