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    Crackers Ban: दुकानदार बोले- हर दुकान में भरे हैं 5 से 10 लाख के पटाखे, अब क्या करें

    दिल्ली के बाद महाराष्ट्र और हरियाणा में पटाखों पर लिया गया बड़ा फैसला.
    दिल्ली के बाद महाराष्ट्र और हरियाणा में पटाखों पर लिया गया बड़ा फैसला.

    दिल्ली सरकार (Delhi Government) ने पटाखों पर बैन लगा दिया है. इससे कारोबारियों को लाखों रुपये का नुकसान होगा.

    • News18Hindi
    • Last Updated: November 9, 2020, 1:42 PM IST
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    नई दिल्ली. दिल्ली-एनसीआर (Delhi-NCR) में ग्रीन पटाखे खरीदने-बेचने और चलाने की छूट है. कोरोना-लॉकडाउन (Lockdown) के चलते बीते 6 महीने से घरों में बैठे हुए हैं. एक ढेले भर की भी कमाई नहीं हुई. दीवाली पर चार पैसे कमा लेंगे, यही सोचकर लाखों रुपये ग्रीन पटाखों पर लगा दिए. हर किसी दुकान में 5 से 10 लाख रुपये के ग्रीन पटाखे (Green Crackers) भरे हुए हैं. अभी बामुश्किल 15 से 20 फीसदी ही पटाखे बिके हैं. बिक्री का वक्त आने ही वाला था कि दिल्ली सरकार (Delhi Government) ने पटाखों पर बैन लगा दिया है. अब हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं. यह कहना है जामा मस्जिद के पास पटाखों का थोक कारोबार करने वाली दुकानदारों का.

    सरकार करे हमारे नुकसान की भरपाई-जामा मस्जिद की पटाखा मार्केट में एक दुकान राजेश की भी है. राजेश बताते हैं कि 5 से 10 लाख का माल हर दुकानदार ख़रीदकर बेचने की तैयारी में बैठा है. लेकिन जब बिक्री का समय आया तो सरकार ने पटाखे ही बैन कर दिये.  अब लाखों के नुक़सान की भरपाई आख़िर कैसे होगी. सरकार को दुकानदारों के नुक़सान की भरपाई करनी चाहिये.

    पटाखो पर बैन की वजह से नाराज़गी सिर्फ़ दुकानदारों में ही नहीं बल्कि कुछ ख़रीददारों मे भी देखने को मिल रही है. ख़रीदारों ने बताया कि बच्चे पटाखो की माँग करते हैं, ऐसे में बच्चों को कैसे मनाएं. हालाँकि कुछ लोग ऐसे भी मिले जिन्होंने बढ़ते प्रदूषण के बीच सरकार के इस फ़ैसले को सही ठहराया.




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    एनजीटी अध्यक्ष जस्टिस आदर्श कुमार गोयल की बेंच ने गुरुवार को मामले में अपना आदेश सुरक्षित रखने से पहले संबंधित राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के साथ पटाखे बनाने वालों के संगठन को भी सुना था. इंडियन फायरवर्क मैनुफक्चरर्स असोसिएशन की ओर से सीनियर एडवोकेट महेश जेठमलानी ने दलीलें रखीं. एमिकस के तौर पर सीनियर एडवोकेट राज पंजवानी, केंद्र और सीपीसीबी की दलीलों पर भी गौर किया.
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