क्या आपको क्रेडिट कार्ड बिल पर भी मिलेगा ब्याज माफी का फायदा? सरकार ने दी पूरी जानकारी

क्रेडिट कार्ड
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क्रेडिट कार्ड (Credit Card) पर सरकार द्वारा ऐलान किए गए लोन मोरेटोरियम (Loan Moratorium) के तहत ब्याज पर ब्याज माफी का लाभ मिलेगा. सरकार ने इसके बारे में जारी की गई गाइडलाइंस में जानकारी दी है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 26, 2020, 2:26 PM IST
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नई दिल्ली. त्योहारी सीजन में कर्ज लेने वालों को बड़ी राहत देते हुए केंद्र सरकार ने 2 करोड़ रुपये तक के लोन के 'ब्याज पर ब्याज' माफी का ऐलान किया है. इसमें लोन मोरेटोरियम (Loan Moratorium) लाभ लेने या न लेने से कोई फर्क नहीं पड़ेगा. सरकार की इस स्कीम का लाभ सभी लोन लेने वालों को मिलेगा. एक अनुमान के मुताबिक, इससे सरकार के खजाने पर करीब 6,500 करोड़ रुपये का बोझ बढ़ेगा. इसके लिए वित्त मंत्रालय की तरफ से गाइडलाइंस भी जारी कर दिया गया है. जिन लोन पर इस योजना का लाभ मिलेगा, उसमें 1 मार्च से लेकर 31 अगस्त 2020 के बीच क्रेडिट कार्ड बकाये से लेकर कई तरह के लोन अकाउंट्स शामिल होंगे.

अगर आप ड्यू डेट में पेमेंट नहीं करते हैं तो मिनिमम पेमेंट के जरिए भी काम चलाया जा सकता है. हालांकि इसके लिए आपको कुछ चार्ज अलग से भरना होगा. एक ट्रांजैक्शन पर आपको तब तक इंट्रेस्ट भरना पड़ता है, जब तक वह पूरी तरह समाप्त नहीं हो जाता है. इसके अलावा भी कई तरह के चार्जेज होते हैं. ऐसे में आप अगर ड्यू डेट के बाद पेमेंट करने के बारे में सोच रहे हैं तो यह समझ लें कि कई तरह के चार्जेज पे करने होंगे. इसके अलावा मिलने वाले कई फायदे से भी आप वंचित रहेंगे.

अगर ड्यू डेट तक फुल पेमेंट नहीं करते हैं तो आपको इंट्रेस्ट के साथ-साथ पेनाल्टी भी भरना होगा. इतना ही नहीं, आपको इंट्रेस्ट फ्री पीरियड का भी लाभ नहीं मिलेगा. ऐसे में हमेशा यह कोशिश होनी चाहिए कि ड्यू डेट तक आप पूरे बिल को चुका दें. अगर ऐसा नहीं होता है तो कम से कम 100 पर्सेंट मिनिमम अमाउंट जरूर चुका दें. इससे आप लेट फीस से बच सकते हैं. बिल को कैरी फॉरवर्ड करने पर आपको आउटस्टैंडिंग अमाउंट पर सालाना 36-42 पर्सेंट तक इंट्रेस्ट भरना होगा.



आइए जानें सरकार ने
इस योजना के तहत, कर्ज देने वाली संस्था लोन अकाउंट में संचयी ब्याज और साधारण ब्याज के बीच का अंतर भेजेगी. यह लोन मोरेटोरियम के 6 महीने के लिए अवधि के लिए ही होगा.
MSME, एजुकेशन, हाउसिंग, कंज्यूमर ड्यूरेबल, क्रेडिट कार्ड बकाया, ऑटो, पर्सनल और कंज्म्पशन लोन को इस स्कीम के दायरे में शामिल किया गया है.
क्रेडिट कार्ड के बकाया पर, ब्याज दर 1 मार्च 2020 से 31 अगस्त 2020 की अवधि के दौरान अपने ग्राहकों से EMI आधार पर वित्तपोषित लेनदेन के लिए कार्ड जारीकर्ता द्वारा भारित वेटेज एवरेज लेंडिग रेट(WALR) होगी.
क्रेडिट कार्ड बकाये पर WALR की गणना कार्ड जारीकर्ता के वैधानिक लेखा परीक्षक द्वारा प्रमाणित की जाएगी.
आमतौर क्रेडिट कार्ड जारीकर्ता ईएमआई फाइनेंस करने के लिए ब्याज दर की रेंज पर निर्भर रहते हैं. चूंकि, इसमें कोई यूर्निफॉर्म दर उपलब्ध नहीं है, ऐसे में WALR को ही बेंचमार्क दर के तौर पर माना जाएगा. सरकार ने इस बारे में जानकारी दी है.
क्रेडिट कार्ड समेत अन्य सभी तरह के योग्य लोन पर 29 फरवरी 2020 तक बकाये रकम पर ही ब्याज की गणना की जाएगी.
जो लोन अकांउट लोन मोरेटोरियम की 6 महीने की अवधि में ही बंद हो गए हैं, उनके ​लिए भी क्रेडिटिंग अवधि 1 मार्च से लेकर उस दिन तक के लिए होगा, जिस दिन लोन अकाउंट बंद हुआ है.
ब्याज की गणना करते समय प्रतिपूर्ति की जाने वाली अवधि के दौरान लोन अकाउंट में हुए पुनर्भुगतान को नजरअंदाज कर दिया जाएगा.
राशि जमा करने के बाद लोन देने वाली संस्थाएं केंद्र सरकार से प्रतिपूर्ति का दावा करेंगी. ब्याज भुगतानों को माफ करने के लिए उन्हें शनिवार को 5 नवंबर की समय सीमा निर्धारित की गई है.
अगर किसी उधारकर्ता द्वारा लिए गए कुल लोन (स्वीकृत सीमा या बकाया राशि) की सीमा 2 करोड़ रुपये से ज्यादा होने पर उन्हें इस योजना का लाभ नहीं मिल सकेगा. लोन अकाउंट 29 फरवरी तक स्टैंडर्ड होने चाहिए यानी यह गैर-निष्पादित परिसंपत्ति (एनपीए) नहीं होना चाहिए.
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