Credit Card: क्या क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ानी चाहिए, जानें फायदे और नुकसान

क्रेडिट लिमिट बढ़ने पर वित्तीय संकट से निपटने में सहूलियत होती है.

क्रेडिट लिमिट बढ़ने पर वित्तीय संकट से निपटने में सहूलियत होती है.

आम तौर पर क्रेडिट कार्ड कंपनियां CUR को 30 फीसदी से ज्यादा के स्तर पर होने पर कर्ज का संकेत मानते हैं. इसलिए क्रेडिट लिमिट बढ़ाने से आपके क्रेडिट स्कोर में सुधार आ सकता है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 25, 2021, 5:48 PM IST
  • Share this:
नई दिल्ली. क्रेडिट कार्ड (Credit Card) जारी करने वाली कंपनी शुरू में नए कार्ड आवेदकों को कम क्रेडिट लिमिट (Credit Card) को मंजूरी देते हैं. बाद में कार्डधारक के रीपेमेंट और इनकम ग्रोथ को देखते हुए क्रेडिट लिमिट बढ़ाने का ऑफर दिया जाता है. हालांकि, हाई क्रेडिट लिमिट के प्रस्तावों को स्वीकार करने से ज्यादा खर्च करने के बाद लोन के जाल में फंसने का डर होता है. आइए जानते हैं कि क्रेडिट लिमिट बढ़ाने के फायदे और नुकसान.

क्रेडिट स्कोर में हो सकता है सुधार
क्रेडिट ब्यूरो आपके क्रेडिट स्कोर की गणना करते समय आपके क्रेडिट उपयोग अनुपात (Credit Utilization Ratio) को देखते हैं. यह अनुपात एक कार्डधारक द्वारा उपयोग की जाने वाली कुल क्रेडिट लिमिट का अनुपात है. आम तौर पर क्रेडिट कार्ड कंपनियां CUR को 30 फीसदी से ज्यादा के स्तर पर होने पर कर्ज का संकेत मानते हैं. इसलिए क्रेडिट लिमिट बढ़ाने से आपके क्रेडिट स्कोर में सुधार आ सकता है.

ये भी पढ़ें- Amazon पर करते हैं ज्यादा शॉपिंग तो इस क्रेडिट कार्ड से मिलेगा एक्सट्रा फायदा, जानिए क्या है खास
Paisabazaar.Com के निदेशक साहिल अरोड़ा ने कहा कि यदि आपके मौजूदा क्रेडिट कार्ड कंपनी आपके क्रेडिट कार्ड की सीमा को बढ़ाने से इनकार करते हैं, तो अन्य कार्ड जारी करने वालों से अतिरिक्त क्रेडिट कार्ड के लिए आवेदन करें.



उदाहरण के लिए, मान लें कि आपके क्रेडिट कार्ड की लिमिट 1 लाख रुपये है और आप आमतौर पर हर महीने लगभग 50 हजार खर्च होता है. तो ऐसे में आपका CUR 50 फीसदी होगा. अब यदि आपका जारीकर्ता आपकी क्रेडिट सीमा बढ़ाकर 1.7 लाख रुपये कर देता है, तो आपका CUR 29 फीसदी पर आ जाएगा. इसी तरह यदि आप 70 हजार रुपये की क्रेडिट लिमिट के साथ एक अतिरिक्त क्रेडिट कार्ड रखते हैं, तो आप अपने CUR पर समान प्रभाव देखेंगे.

ये भी पढ़ें- NSE Trading Halts: क्या रही तकनीकी खामी, निवेशक कैसे हुए प्रभावित, जानिए सबकुछ

वित्तीय संकट से निपटने में सहूलियत
क्रेडिट लिमिट बढ़ने पर वित्तीय संकट से निपटने में सहूलियत होती है. यह नौकरी छूटने, बीमारी, दुर्घटना, विकलांगता आदि वित्तीय संकट के कारण इमरजेंसी फंड के रूप में काम कर सकती है.

ज्यादा लोन मिलने की संभावना
एक बढ़ी हुई क्रेडिट लिमिट आपको ज्यादा लोन दिला सकती है. यह लिमिट आमतौर पर क्रेडिट कार्डधारक की क्रेडिट लिमिट के बदले स्वीकृत होते हैं. आमतौर पर क्रेडिट कार्ड के बदले लोन (Loan Against a Credit Card) प्री-अप्रूव्ड होते हैं.

कर्ज के जाल में फंसने का डर
एक बढ़ी हुई क्रेडिट कार्ड लिमिट के बाद आप अधिक खर्च कर सकते है, लेकिन अगर इसका यूज समझदारी नहीं किया तो कर्ज के जाल में फंस सकते हैं.

ज्यादा ब्याज चुकाना पड़ सकता है
यदि आप हर महीने अपने बिल का पेमेंट नहीं करते हैं, तो आप अपनी बकाया राशि पर ज्यादा ब्याज चुकाना पड़ सकता है.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज