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कच्चे तेल की वजह से नहीं महंगा होगा पेट्रोल-डीजल! ये है वजह

भाषा
Updated: September 17, 2019, 10:36 PM IST
कच्चे तेल की वजह से नहीं महंगा होगा पेट्रोल-डीजल! ये है वजह
लंदन में नार्थ सी ब्रेंट क्रुड तेल (Brent Crude Oil) का नवंबर डिलीवरी भाव दोपहर के आसपास 65.35 डॉलर प्रति बैरल पर चला गया. यह सोमवार के बंद भाव के मुकाबले 5.35 डालर नीचे रहा.

लंदन में नार्थ सी ब्रेंट क्रुड तेल (Brent Crude Oil) का नवंबर डिलीवरी भाव दोपहर के आसपास 65.35 डॉलर प्रति बैरल पर चला गया. यह सोमवार के बंद भाव के मुकाबले 5.35 डालर नीचे रहा.

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  • Last Updated: September 17, 2019, 10:36 PM IST
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नई दिल्ली. अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) के दाम मंगलवार को पांच डालर प्रति बैरल से ज्यादा नीचे आ गए. विश्लेषकों ने कहा है कि उन्हें सऊदी अरब (Saudi Arab) में तेल उत्पादन में जल्द सुधार आने की उम्मीद है. इससे पहले माना जा रहा था कि सऊदी अरब को तेल उत्पादन (Crude Oil Production) पहले की स्थिति में पहुंचाने में काफी समय लग सकता है.

अमेरिका के रिएक्शन का इंतजार कर हे थे व्यापारी
सऊदी अरब के सबसे बड़े तेल संयंत्रों (Saudi Aramco) पर पिछले दिनों ड्रोन हमला (Drone Attack) होने के बाद से कच्चे तेल बाजार (Crude Oil Market) में अचानक तेजी आ गई. इस हमले के बाद सऊदी अरब का करीब आधा तेल उत्पादन ठप पड़ गया. ड्रोन हमले के बाद तेल व्यापारी इस पर अमेरिका की प्रतिक्रिया की प्रतीक्षा कर रहे थे. उनका मानना था कि हमले के लिये ईरान पर दोष मढ़ा जा सकता है.

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सोमवार को 20 फीसदी तक उछले थे दाम
हमले की खबर के बाद सोमवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार (International Crude Market) में ब्रेंट कच्चे तेल का दाम करीब 20 फीसदी उछलकर 71.95 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गये थे.  यह पिछले 30 साल में एक दिन की सबसे बड़ी वृद्धि हुई है. इस दौरान अमेरिका का वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट वायदा भाव भी 15.5 प्रतिशत बढ़कर 63.34 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गया था.


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सऊदी अरब के तेल संयंत्रों पर ड्रोन हमले के बाद खाड़ी क्षेत्र में एक बार फिर से तनाव पैदा हो गया. इसके साथ ही दुनियाभर में तेल प्रतिष्ठानों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ गई है. सऊदी अरब दुनिया में कच्चे तेल का बड़ा उत्पादक देश है.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने क्या कहा
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हमले के बाद कहा कि वह रियाद की सहायता के लिये तैयार है लेकिन इससे पहले वह इस बात को लेकर सुनिश्चित होना चाहता है कि इसके लिये कौन जिम्मेदार है. हमले को लेकर ईरान के समर्थन वाले यमन के हूती विद्रोहियों ने जिम्मेदारी ली है. लेकिन वाशिंगटन और रियाद ने इसको लेकर तेहरान की तरफ ऊंगली उठाई है. हालांकि, ईरान ने इससे इनकार कर दिया है.

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First published: September 17, 2019, 9:52 PM IST
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