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Crypto इंडस्ट्री ने सरकार को दिए सुझाव, इस तरीके से चल सकती है बेहतर क्रिप्टो ट्रेडिंग

Crypto इंडस्ट्री ने सरकार को दिए सुझाव, इस तरीके से चल सकती है बेहतर क्रिप्टो ट्रेडिंग

क्रिप्टो एक्सचेंजों (Crypto exchanges) ने सरकार को सुझाव दिया है कि वह एक्सचेजों व दूसरे बिचौलियों के लिए लाइसेंस व्यवस्था शुरू करे.

क्रिप्टो एक्सचेंजों (Crypto exchanges) ने सरकार को सुझाव दिया है कि वह एक्सचेजों व दूसरे बिचौलियों के लिए लाइसेंस व्यवस्था शुरू करे.

मनीकंट्रोल ने सूत्रों के हवाले से यह खबर लिखी है कि क्रिप्टो एक्सचेंजों (Crypto exchanges) ने सरकार को सुझाव दिया है. सुझाव यह है कि वह एक्सचेजों व दूसरे बिचौलियों के लिए लाइसेंस व्यवस्था शुरू करे और क्रिप्टो ट्रेडिंग (Crypto trading) में इस्तेमाल होने वाले फंड्स पर नजर रखने के लिए कड़े नियम बनाकर क्रिप्टोकरेंसी को रेगुलेट करे. ब्लॉकचैन एंड क्रिप्टो एसेट्स काउंसिल (BACC) ने कहा है कि रजिस्ट्रेशन या लाइसेंस व्यवस्था को लागू करके निवेशकों की सुरक्षा से जुड़ी चिंताओं को दूर किया जा सकता है.

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    नई दिल्ली. क्रिप्टो एक्सचेंजों (Crypto exchanges) ने सरकार को सुझाव दिया है कि वह एक्सचेजों व दूसरे बिचौलियों के लिए लाइसेंस व्यवस्था शुरू करे और क्रिप्टो ट्रेडिंग (Crypto trading) में इस्तेमाल होने वाले फंड्स पर नजर रखने के लिए कड़े नियम बनाकर क्रिप्टोकरेंसी को रेगुलेट करे.

    मनीकंट्रोल ने सूत्रों के हवाले से यह खबर लिखी है. खबर के अनुसार, ब्लॉकचैन एंड क्रिप्टो एसेट्स काउंसिल (BACC) ने कहा है कि रजिस्ट्रेशन या लाइसेंस व्यवस्था को लागू करके निवेशकों की सुरक्षा से जुड़ी चिंताओं को दूर किया जा सकता है. उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था से एक्सचेजों और दूसरे क्रिप्टो वॉलेट्स (Crypto wallet) को बेहतर तरीके से मैनेज करने के साथ-साथ जरूरी जानकारियों पाना सुनिश्चत करेगी.

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    बता दें कि BACC में क्रिप्टो एक्सचेंज शामिल हैं और यह इंटरनेट और मोबाइल एसोसिएशन ऑफ इंडिया (IAMAI) का हिस्सा है. CoinSwitch के फाउंडर आशीष सिंघल और CoinDCX के फाउंडर सुमित गुप्ता इसके को-चेयर यानी सह-अध्यक्ष हैं.

    संसदीय समिति के सवालों के जवाब में रखे ये सुझाव
    वित्त मामलों की संसदीय स्थायी समिति ने 15 नवंबर को क्रिप्टो इंडस्ट्री के सामले कुछ प्रश्न रखे थे. BACC ने यह सुझाव उन्हीं प्रश्नों के उत्तर में रखे हैं. मनीकंट्रोल ने इससे पहले 23 नवंबर को छापी एक रिपोर्ट में बताया था कि बीजेपी सासंद जयंत सिन्हा की अध्यक्षता वाली इस समिति के सामने BACC लिखित में जवाब सौंपेगी.

    इसके अलावा, इंडस्ट्री ने यह भी सुझाव दिया कि ट्रेडिंग को रेगुलेट करने और रियल-टाइम में ट्रांजैक्शन को ट्रैक करने के लिए नो-योर-कस्टमर (KYC) और एंटी-मनी लॉन्ड्रिंग (AML) नियमों का लागू किया जाना चाहिए. यह भी जानकारी मिली है कि BACC ने फॉरेन एक्सचेंज मैनजमेंट एक्ट (FEMA) और दूसरे टैक्स नियमों के तहत क्रिप्टो की स्थिति पर स्पष्टता मांगी है.

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    असली करेंसी को चुनौती नहीं देगी क्रिप्टोकरेंसी
    क्या क्रिप्टोकरेंसी का इस्तेमाल करेंसी को दुनिया की सरकारों के पहुंच से दूर कर देगा? स्थायी समिति के इस सवाल के जवाब पर BACC ने साफ किया कि क्रिप्टो-टेक्नोलॉजी का उद्देश्य संप्रभु देशों और उनकी मुद्राओं के साथ मुकाबला करना या उन्हें चुनौती देना नहीं है, बल्कि उनके साथ बने रहना है.

    सूत्रों ने बताया कि BACC ने अपने जवाब में यह भी कहा है कि क्रिप्टो-एसेट से जुड़े विकास का फिलहाल मॉनिटरी पॉलिसी पर कोई सीधा प्रभाव नहीं है, लेकिन इसकी निगरानी की आवश्यकता हो सकती है.

    Tags: Crypto, Crypto currency, Crypto Ki Samajh

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