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अब नहीं मिलेंगे शराब के ये दो टॉप ब्रांड! CSD ने आयात पर लगाई रोक

शराब के दो बेहद ही पसंदीदा ब्रांड के नए आर्डर नहीं लिए गए

शराब के दो बेहद ही पसंदीदा ब्रांड के नए आर्डर नहीं लिए गए

कैंटीन स्टोर्स डिपार्टमेंट (Canteen stores Department) ने शराब के दो बेहद ही पसंदीदा आयातित ब्रांड के नए आर्डर नहीं लिए ...अधिक पढ़ें

    नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister of India Narendra Modi) की अपील के बाद कैंटीन स्टोर्स डिपार्टमेंट (Canteen stores Department) ने शराब के दो बेहद ही पसंदीदा आयातित ब्रांड के नए आर्डर नहीं लिए हैं. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, नए आर्डर नहीं लिए जाने के कारण सेना के अधिकारियों को अब अपने पसंदीदा ब्रांड के बिना ही रहना पड़ेगा. हालांकि इस पर CSD ने अभी कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है. लेकिन सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार हिलहाल पेरनॉड रिकार्ड (Pernod Ricard) और डियाजियो (Diageo) के आयात पर रोक लगा दी गई है.

    50 फीसदी आयातित शराब आर्मी कैंटीन को होता है सप्लाई- अंग्रेजी के अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक, एक अधिकारी ने कहा कि यह मुद्दा अभी विचाराधीन है, अंतिम निर्णय सरकार द्वारा ही लिया जाएगा. उन्होंने कहा कि ये मामला सिर्फ आयातित शराब का नहीं है, विभाग द्वारा कोरोना संक्रमण के दौरान लगे लॉकडाउन में सिर्फ जरूरी सामान की खरीद का ही आदेश जारी किया गया था. एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, आयातित शराब पर प्रतिबंध से व्यापार पर कुछ ख़ास फर्क नहीं पड़ेगा क्योंकि उसका शेयर बहुत कम है.

    भारत में हैं लगभग 5,000 स्टोर
    फ्रेंच कंपनी पेरनोड रिकार्ड और UK की कंपनी डियाजियो दोनों को मिलाकर लगभग 50 फीसदी आयातित शराब आर्मी कैंटीन को सप्लाई किया जाता है. सीएसडी पूरे भारत में लगभग 5,000 स्टोर चलाती है जो हर साल शराब के 11 मिलियन केस बेचता है. इसमें से लगभग आधा रम होता है, जबकि 1 से 1.2 लाख केस करीब इम्पोर्टेड शराब के होते हैं. एक केस में लगभग 9 लीटर शराब या 750 ml की 12 बोतलें होती हैं.

    कैंटीन में ये शराब डिस्काउंट में बेची जाती है. साथ ही नॉर्मल दिकानों के मुकाबले इनका रजिस्ट्रेशन अलग तरीके से होता है. एक अधिकारी ने बताया कि इन शराब को भारत में कहीं और नहीं बेचा जा सकता है.

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    Tags: Liquor, New Liquor Policy, Price of Liquor

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