RBI के डिप्टी गवर्नर बोले- ग्राहकों की प्राइवेसी और डेटा सुरक्षा पर कोई समझौता नहीं

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एम राजेश्वर राव (M Rajeshwar Rao) ने कहा कि जहां एक तरफ टेक्नोलॉजिकल इनोवेशन काफी महत्वपूर्ण हैं वहीं ग्राहकों की नजता और डेटा सुरक्षा को लेकर भी कोई समझौता नहीं किया जा सकता है.

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मुंबई. भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के डिप्टी गवर्नर एम राजेश्वर राव (M Rajeshwar Rao) ने कहा है कि बैंकों में टेक्नोलॉजिकल इनोवेशन (Technological Innovation) काफी महत्वपूर्ण है लेकिन यह ग्राहकों की प्राइवेसी और डेटा सुरक्षा की कीमत पर आगे नहीं बढ़ाया जा सकता है.

राव ने टाटा कंसल्टेंसी सविर्सिज (TCS) द्वारा ब्राजील स्थित भारतीय दूतावास के साथ मिलकर ओपन बैंकिंग (Open Banking) पर 14 अप्रैल को आयोजित एक वेबिनार में कहा, ''हमें अपने ग्राहकों के बीच यह विश्वास पैदा करना होगा कि उनके साथ होने वाली तमाम वित्तीय लेनदेन में उनकी पूरी जानकारी और आंकड़े सब कुछ सुरक्षित है. इसके लिए इनोवेशन और रेगुलेशन दोनों को एक साथ चलना होगा.'' रिजर्व बैंक ने राजेश्वर राव के भाषण को शुक्रवार को अपनी वेबसाइट पर डाला है.

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ओपन बैंकिंग से तात्पर्य यहां ग्राहक की उनसे अनुमति प्राप्त आंकड़ों को किसी तीसरे पक्ष के साथ शेयर करने से है. तीसरे पक्ष यहा उन कंपनियों के बारे में कहा गया है जो कि खाताधारकों को बेहतर वित्तीय पारदर्शिता विकल्प, मार्केटिंग और क्रास- सेलिंग अवसर आदि उपलब्ध कराती हैं. यह काम वह ऐप बनाकर अथवा दी जाने वाली सेवाओं के जरिए करती हैं.
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टेक्नोलॉजिकल इनोवेशन काफी महत्वपूर्ण

राव ने इस मौके पर कहा कि सभी पक्षकार इस बात को समझेंगे कि जहां एक तरफ टेक्नोलॉजिकल इनोवेशन काफी महत्वपूर्ण हैं वहीं ग्राहकों की नजता और डेटा सुरक्षा को लेकर भी कोई समझौता नहीं किया जा सकता है. देश में आरबीआई और एनपीसीआई ने मिलकर यूपीआई जैसी एक पेमेंट सिस्टम तैयार की है और इसकी ऐप को बैंकों और तीसरी पक्ष के ऐप प्रोवाइडर लिये जारी किया है.
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