सदानंद गौड़ा बोले- Remdesivir पर कस्टम ड्यूटी माफ करने से बढ़ेगी घरेलू उपलब्धता

रेमडेसिविर इंजेक्शन संक्रमण के उपचार में काम आता है. (File pic)

रेमडेसिविर इंजेक्शन संक्रमण के उपचार में काम आता है. (File pic)

राजस्व विभाग (Department of Revenue) की ओर से जारी नोटिफिकेशन में कहा गया है कि केंद्र सरकार ने जन हित में इन प्रोडक्ट्स पर कस्टम ड्यूटी समाप्त करने का फैसला किया है.

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नई दिल्ली. देश में कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों के बीच रेमडेसिविर (Remdesivir) की मांग काफी ज्यादा हो गई है. केंद्र सरकार ने मंगलवार को रेमडेसिविर, इसके कच्चे माल और वायरल रोधी दवा बनाने में इस्तेमाल होने वाले अन्य सामान पर कस्टम ड्यूटी (Customs Duty) समाप्त करने की घोषणा की थी. वहीं, रसायन और उर्वरक मंत्री सदानंद गौड़ा (Sadananda Gowda) ने बुधवार को कहा कि एंटीवायरल दवा रेमडेसिविर पर कस्टम ड्यूटी माफ करने के सरकार के फैसले से इस दवा की आपूर्ति बढ़ाने में मदद मिलेगी.

राजस्व विभाग (Department of Revenue) की ओर से जारी नोटिफिकेशन में कहा गया है कि केंद्र सरकार ने जन हित में इन प्रोडक्ट्स पर कस्टम ड्यूटी समाप्त करने का फैसला किया है. गौड़ा ने एक ट्वीट में कहा, ''फार्मास्यूटिकल्स विभाग की सिफारिश पर तत्काल आवश्यकता को देखते हुए राजस्व विभाग ने रेमडेसिविर और इसके एपीआई/ केएसएम पर कस्टम ड्यूटी घटा दिया है. यह कदम घरेलू उपलब्धता को और बढ़ाएगा.''



जिन उत्पादों पर अब आयात शुल्क नहीं लगेगा उनमें रेमडेसिविर एक्टिव फार्मास्युटिकल इंग्रिडिएंट्स (API), इंजेक्शन रेमडेसिविर और रेमडेसिविर के मैन्युफैक्चरिंग में काम आने वाली बीटा साइक्लोडेक्ट्रिन शामिल है. आयात शुल्क की यह छूट इस साल 31 अक्टूबर तक लागू रहेगी.
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इससे पहले 11 अप्रैल को रेमडेसिविर की बढ़ती मांग के मद्देनजर केंद्र ने इसके इंजेक्शन और एपीआई के निर्यात को स्थिति में सुधार आने तक प्रतिबंधित कर दिया था. राष्ट्रीय औषधि मूल्य प्राधिकरण (एनपीपीए) ने पिछले सप्ताह कहा था कि सरकार के हस्तक्षेप के बाद विभिन्न दवा कंपनियों ने रेमडेसिविर के दाम घटाए हैं.
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