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DBS Bank में लक्ष्मी विलास बैंक के विलय के बाद ग्राहकों को कितना ब्याज मिलेगा? यहां जानिए

लक्ष्मी विलास बैंक
लक्ष्मी विलास बैंक

बीते 27 नवंबर को डीबीएस ग्रुप (DBS Group) में लक्ष्मी विलास बैंक (LVB) का विलय पूरा हो गया है. इसके बाद अब इस बैंक के ग्राहकों को सभी माध्यमों से बैंकिंग सेवाएं सामान्य रूप से मिलनी शुरू हो गई हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: December 1, 2020, 9:27 PM IST
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नई दिल्ली. लक्ष्मी विलास बैंक (LVB) का विलय अब डीबीएस बैंक इंडिया लिमिटेड (DBIS) में हो चुका है. डीबीएस बैंक सिंगापुर की डीबीएस ग्रुप होल्डिंग्स लिमिटेड की सब्सिडियरी है. विलय के बाद डीबीएस बैंक (DBS Bank) ने कहा है कि लक्ष्मी विलास बैंक के सभी मौजूदा कर्मचारी अब डीबीएस बैंक इंडिया लिमिटेड के कर्मचारी होंगे. उनके लिए सभी नियम व शर्तें लक्ष्मी विलास बैंक के अनुसार ही होंगी.

LVB का विलय भारत सरकार और भारतीय रिज़र्व बैंक (Reserve Bank of India) के पास मौजूद स्पेशल पावर के आधार पर हुआ है. सरकार और RBI ने बैंकिंग रेगुलेशन एक्ट, 1949 के सेक्शन 45 के अंतर्गत लक्ष्मी विलास बैंक को लेकर यह फैसला लिया है. 27 नवंबर 2020 से इसे लागू भी कर दिया गया है.

सामान्य रूप से शुरू हो चुकी हैं सभी बैंकिंग सेवाएं
RBI द्वारा लक्ष्मी विलास बैंक पर लगाया गया मोरेटोरियम 27 नवंबर को हटा लिया गया, जिसके बाद सभी ब्रांचों, डिजिटल चैनल और एटीएम के माध्मय से मिलने वाले सभी बैंकिंग सर्विसेज रिस्टोर हो गए. इसके बाद लक्ष्मी विलास बैंक के सभी मौजूदा ग्राहक सामान्य रूप से सभी बैंकिंग सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं.
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कितना मिलेगा सेविंग्स आकउंट और एफडी पर ब्याज
डीबीएस बैंक ने कहा कि सेविंग्स बैंक अकाउंट (Savings Account) और फिक्स्ड डिपॉजिट (Fixed Deposits) पर ग्राहकों को मिलने वाला ब्याज दर लक्ष्मी विलास बैंक द्वारा तय की गई दर पर ही होगा. इसमें किसी भी तरह के बदलाव से पहले ग्राहकों को जानकारी दी जाएगी.

डीबीएस बैंक ने कहा, 'डीबीएस टीम एलवीबी कर्मचारियों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं ताकि आने वाले महीनों में एलवीबी के सिस्टम और नेटवर्क को डीबीएस बैंक में इंटीग्रेट किया जा सके. जब एक बार इंटीग्रेशन का कार्य पूरा हो जाएगा, उसके बाद से ग्राहकों अन्य कई तरह के प्रोडक्ट्स और सर्विसेज का लाभ मिलना शुरू हो जाएगा.'

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2500 करोड़ रुपये की अतिरि​क्त पूंजी डालेगा डीबीएस ग्रुप
बैंक ने कहा कि हमारे पास पर्याप्त पूंजी है और विलय के बाद भी कैपिटल एडिकेसी रेशियो (CAR) नियामकीय जरूरतों से ऊपर ही रहेगा. इसके अतिरिक्त, ​डीबीएस ग्रुप DBIL में 2,500 करोड़ रुपये की पूंजी डालेगी ताकि विलय आसानी से पूरा हो जाए और बैंक को भविष्य में ग्रोथ मिल सके.
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