अब राज्य सरकार के कर्मचारियों को लग सकता है झटका! महंगाई भत्ते पर बड़ा फैसला संभव

अब राज्य सरकार के कर्मचारियों को लग सकता है झटका! महंगाई भत्ते पर बड़ा फैसला संभव
...तो क्या अब सरकारी कर्मचारियों के मेडिकल रीइंबर्समेंट और LTC में भी होगी कटौती, जानिए क्या है सच?

एक दिन पहले ही वित्त मंत्रालय ने ऐलान किया कि केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनधारकों को महंगाई भत्ते में इजाफे का लाभ नहीं दिया जाएगा. पिछले महीने ही सरकार ने महंगाई भत्ते को 4 फीसदी से बढ़ाकर 6 फीसदी करने का ऐलान किया था.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 24, 2020, 4:19 PM IST
  • Share this:
नई दिल्ली. कोरोना वायरस महामारी (Coronavirus Pandemic) की वजह से सरकारी खजाने पर पड़ी मार को देखते हुए गुरुवार को केंद्र सरकार ने केंद्रीय कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ते (Dearness Allowances) में बढ़ोतरी को रोकने का ऐलान किया. सरकार के इस फैसले से 48 लाख केंद्रीय कर्मचारी और 65 लाख केंद्रीय पेंशनधारकों (Pensioners) को निराशा हाथ लगी है. वित्त मंत्रालय (Ministry of Finance) ने सोमवार को एक ऑफिस मेमोरेंडम में जानकारी दी कि 1 जनवरी से केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनधारकों को दिए जाने वाले महंगाई भत्ता रोका जाएगा. हालांकि, महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी की रकम को भले ही रोक दिया गया है लेकिन केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनधारकों को मौजूदा दर पर डीए और डीआर मिलता रहेगा.

क्या केंद्र सरकार के नक्शे कदम पर चलेंगे राज्य?
अब माना जा रहा है कि केंद्र सरकार के बाद राज्य सरकारें भी अपने कर्मचारियों की महंगाई भत्ते में कटौती का ऐलान कर सकती हैं. कई राज्यों ने हाल ही में अपने कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी करने का ऐलान किया था. इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट में इस बारे में कहा गया है. इस रिपोर्ट में कहा गया है कि कई राज्य सरकारें भी केंद्र सरकार की तर्ज पर अपने कर्मचारियों को बढ़े हुए दर पर महंगाई भत्ते का पेमेंट रोक सकती हैं.

यह भी पढ़ें:- SBI में है खाता तो ना करें पैसों की चिंता, घर बैठे मिनटों में हो जाएगा इंतजाम
DA रोकने से कितना बचा पाएंगी सरकारें?


एक अन्य रिपोर्ट के मुताबिक, महंगाई भत्ते (DA) को लेकर इस फैसले के बाद केंद्र सरकार को वित्त वर्ष में करीब 25,000 करोड़ रुपये बचाने में मदद मिलेगी. वहीं, अगर राज्य सरकारें ऐसा फैसला लेती हैं तो इससे उन्हें चालू वित्त वर्ष में 55,000 करोड़ रुपये बचाने में मदद मिलेगी. इस प्रकार सरकारें वित्त वर्ष 2021 के जनरल बजट में कुल 80,000 करोड़ रुपये बचा पाएंगी. वहीं, राज्य और केंद्र सरकार मिलकर वित्त वर्ष 2022 में कुल 40,000 करोड़ रुपये बचा पाएंगी.

बची रकम का कहां इस्तेमाल करेगी सरकार?
कहा जा रहा है कि महंगाई भत्ते में इस कटौती के बाद केंद्र सरकार इस रकम को हेल्थकेयर सेक्टर (Healthcare Sector) के लिए अतिरिक्त मांग को पूरा करने में खर्च करेगी. साथ ही इसका कुछ हिस्सा कोरोना वायरस महामारी से प्रभावित लोगों पर जनकल्याण के तौर पर खर्च करेगी.

यह भी पढ़ें:- PF खाताधारकों के लिए बड़ी खबर! जरुरी है ये काम करना वरना फंसा रह सकता है पैसा

2 फीसदी DA बढ़ाने का किया था ऐलान
गौरतलब है कि पिछले महीने ही केंद्र सरकार ने अपने कर्मचारियों और पेंशनधारकों को मिलने वाले महंगाई भत्ते में 2 फीसदी का इजाफा करने का ऐलान किया था. इसके बाद यह मौजूदा 4 फीसदी की दर से बढ़कर 6 फीसदी हो गया था. सरकार ने कहा था कि बढ़े हुए महंगाई भत्ते को 1 जनवरी 2020 से लागू किया जाएगा. केंद्रीय कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ते में इस बढ़ोतरी का ऐलान 7वें वेतन आयोग की सिफारिशों के आधार पर लिया गया था.

यह भी पढ़ें:- क्या म्यूचुअल फंड्स स्कीम में पैसा लगाने वालों को अब घबराने की जरूरत है?
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज