भारत को कोरोना वायरस संकट से बाहर निकलने में लगेंगे 9 महीने- दीपक पारेख

भारत को कोरोना वायरस संकट से बाहर निकलने में लगेंगे 9 महीने- दीपक पारेख
गरीबी से बाहर लाने के लिए कदम उठाए जाने की जरूरत

एचडीएफसी (HDFC) के चेयरमैन दीपक पारेख ने भारत का फाइनेंशियल सेक्टर मजबूत होना चाहिए वरना अर्थव्यवस्था तबाह हो जाएगी. उन्होंने नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनियों (NBFCs) को रेगुलेट करने पर जोर दिया.

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  • Last Updated: April 12, 2020, 12:04 PM IST
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नई दिल्ली. एचडीएफसी (HDFC) के चेयरमैन दीपक पारेख ने मौजूदा संकट को ह्यूमन इकोनॉमिक फाइनेंशियल (HEF) क्राइसिस करार दिया है, जो 2008 के वैश्विक वित्तीय संकट से पूरी तरह से अलग है और उन्होंने कहा कि इससे पूरी तरह रिकवर करने में कम से कम नौ महीने लगेंगे. एचडीएफसी के चेयरमैन सिफारिश की कि भारत का फाइनेंशियल सेक्टर मजबूत होना चाहिए वरना अर्थव्यवस्था तबाह हो जाएगी.  उन्होंने नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनियों (NBFCs) को रेगुलेट करने पर जोर दिया.

कोरोनो वायरस महामारी (Coronavirus Pandemic) ने दुनिया भर में जीवन और अर्थव्यवस्था को तबाह कर दिया है और भारत भी इससे अछूता नहीं है. भारत में अब तक 272 लोगों की मौत हो चुकी है और 8,000 से ज्यादा कोरोनो वायरस मामले सामने आए हैं.

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गरीबी से बाहर लाने के लिए कदम उठाए जाने की जरूरत



इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने कहा, गरीबों को अधिक समर्थन दिया जाना चाहिए और उनके लिए गरीबी से बाहर लाने के लिए कदम उठाए जाने चाहिए. किसी भी संकट में वे सबसे पहले प्रभावित होते हैं और रिकवर आखिर में होता है. वे राष्ट्र की रीढ़ हैं. उन्हें उम्मीद है कि सरकार सोमवार को प्रोत्साहन योजना ला सकती है. इसके साथ ही, पारेख ने जटिल टैक्स नियमों को हटाने पर जोर दिया. उन्होंने चेतावनी दी कि क्रेडिट जोखिमों को देखते हुए बैंक लोन देन में भारी कटौती कर सकते हैं.

उन्होंने कहा कि संकट के बाद बिलियन डॉलर के स्टार्टअप वैल्यूएशन को चुनौती होगी. स्टार्टअप के लिए नकदी जुटाना का कठिन समय होगा. उन्होंने चेताया कि लेव्रज दोधारी तलवार है. यह आपको उठा भी सकता है और आपको नीचे धकेल भी सकता है.

विनिर्माण को फिर से शुरू करना मुश्किल
पारेख ने चिंता व्यक्त की कि विनिर्माण को फिर से शुरू करना मुश्किल है, क्योंकि श्रम बल को जिंदगी या आजीविका के डर के बीच चुनने के लिए मजबूर होंगे. इसे मैनेज करने के लिए, मजदूरों को लौटने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए. उन्होंने कहा, मैनेजमेंट को उनके जिंदगी की सुरक्षा, भोजन और रहने की गरांटी देनी चाहिए. उन्हें आपकी पहली प्राथमिकता होनी चाहिए.

उन्होंने कहा, मैनेजमेंट को कॉस्ट कटिंग, डाउनसाइजिंग और नो इंक्रीमेंट/बोनस द्वारा अधिक विवेकी बनना होगा. कैश फ्लो वापस पाना पहली प्राथमिकता होनी चाहिए.

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