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बुजुर्गों में डिहाइड्रेशन: स्वास्थ्य से जुड़ा गंभीर खतरा, लेकिन अक्सर हम इसे अनदेखा कर देते हैं

जैसे-जैसे हमारी उम्र बढ़ती है, हमारे शरीर में संरक्षित फ्लूएड की मात्रा कम होने लगती है.

जैसे-जैसे हमारी उम्र बढ़ती है, हमारे शरीर में संरक्षित फ्लूएड की मात्रा कम होने लगती है.

क्या आप जानते हैं कि बढ़ती उम्र के साथ प्यास लगने का अहसास कम होने लगता है? आपके परिवार के बुजुर्ग शायद इस वजह से डिहाइ ...अधिक पढ़ें

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    इस सच को हमें स्वीकार करना होगा कि हर बीतते दिन के साथ हमारी उम्र बढ़ती है. हम वैसे ही बूढ़े होने की ओर बढ़ रहे हैं, जैसे कि हमारी नानी-दादी या हमारे माता-पिता. हमारे परिवार के बुज़ुर्ग अपनी देखभाल के लिए हम पर निर्भर हैं, लेकिन यह सच है कि हमारी उम्र भी रोज़ उनकी ही तरह कुछ और बढ़ती जा रही है. हममें से कुछ लोग ज़रूर ऐसे होंगे, जिन पर घर के वृद्धों की देखभाल की ज़िम्मेदारी है. इस बड़ी ज़िम्मेदारी को कैसे निभा सकते हैं? इसके लिए हमें अपने घर के बड़ों की ठीक तरह से देखभाल करने और उनकी बीमारी का पूरा ख्याल रखना है. साथ ही, यह भी कोशिश करनी है उन्हें किसी दूसरी बीमारी का खतरा न हो.

    डिहाइड्रेशन की वजह से हमेशा बुज़ुर्गों और गंभीर बीमारी का सामना करने वाले लोगों को खतरा रहता है. हालांकि, एक राहत की बात यह है कि सही समय पर इसका पता चल जाए, तो इससे ठीक हुआ जा सकता है.

    बुज़ुर्ग डिहाइड्रेशन के आसान शिकार कैसे बन सकते हैं?
    जैसे-जैसे हमारी उम्र बढ़ती है, हमारे शरीर में संरक्षित फ्लूएड की मात्रा कम होने लगती है. प्यास लगने की तीव्रता भी खुद-ब-खुद कम होने लगती है. इसके अलवा, ऐसे बुज़ुर्ग जो किसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे हों और नियमित तौर पर दवाइयां खाते हों, उन्हें डिहाइड्रेशन ज़ल्दी हो सकता है. इसकी वजह है कि बार-बार पेशाब लगने की वजह से किडनी के काम करने की क्षमता प्रभावित होती है. आम तौर पर बुर्जु़ग औसतन वयस्कों से ज़्यादा बार पेशाब करते हैं. इन सब वजहों से बुर्जु़गों के बीच डिहाइड्रेशन के लक्षण शुरुआत में पकड़ में नहीं आते हैं.

    इसके अलावा कुछ और भी चीज़ें हैं, जिनकी वजह से डिहाइड्रेशन हो सकता है:
    धूप या गर्मी की वजह से: अगर बहुत ज़्यादा गर्मी पड़ रही हो या धूप बहुत तेज़ हो या फिर ह्यूमिडिटी बहुत ज़्यादा हो, तो डिहाइड्रेशन होना आम है.

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    वॉशरूम या पानी की सुलभता नहीं होना: कई बार आप ऐसे हालात में फंस सकते हैं जहां पीने के लिए साफ पानी की दिक्कत हो या फिर यात्रा में हों, तो वॉशरूम उपलब्ध नहीं होना. पेशाब रोकने के लिए बहुत से लोग कम पानी पीने लगते हैं और यह डिहाइड्रेशन का कारण बन सकता है.

    अचानक बीमार पड़ जाने पर: बीमार होने पर भी डिहाइड्रेशन हो सकता है. बुखार, उल्टी और डायरिया की वजह से शरीर में अचानक ही फ़्लूएड कम हो सकता है. बुज़ुर्गों के साथ यह तेज़ी से हो सकता है और इस वजह से कई और परेशानी होने की आशंका भी रहती है.

    डिहाइड्रेशन के लक्षणों को आसानी से पकड़ा जा सकता है, सिर्फ़ इनका रखें ध्यान
    किसी भी उम्र के लोगों में डिहाइड्रेशन के लक्षण आसानी से पकड़े जा सकते हैं, क्योंकि ज़्यादातर लक्षण सबमें एक जैसे ही होते हैं.
    1. सामान्य डिहाइड्रेशन (1-3% तक वज़न कम होना), उदाहरण के लिए, प्यास का अहसास होना और बार-बार गला सूखना.
    2. अगर शरीर से पानी की मात्रा लगातार घटती रहेगी (4-6% तक वज़न कम ), ऐसी हालत में बहुत ज़्यादा थकान और कमज़ोरी महसूस होती है. साथ ही, होंठ सूखने लगते हैं और पेशाब का रंग भी पीला हो जाता है.
    3. अगर डिहाइड्रेशन खतरनाक लेवल पर पहुंच जाए (6% या ज़्यादा तक वज़न कम होना), तो बहुत ज़्यादा प्यास लगती है, सिर दर्द, धड़कनों का तेज़ होना और थकान. इन लक्षणों के साथ पेशाब का रंग भूरापन लिए पीला होता है.
    4. जब हमारा 10% से ज़्यादा वज़न कम हो जाता है, तो हो सकता है कि हम नीम-बेहोशी की हालत में चले जाएं. ऐसी हालत में डिहाइड्रेशन की वजह से मौत का भी खतरा बना रहता है.

    सामान्य भाषा में कहें, तो डिहाइड्रेशन से जूझ रहे वयस्कों के लिए बार-बार प्यास लगने और गला सूखने की समस्या को रोकना मुश्किल है. इसकी वजह है कि शरीर में हाइड्रेशन लेवल ठीक न हो, तो सामान्य से ज़्यादा प्यास लगती है. अगर आपके परिवार में किसी को डिहाइड्रेशन की परेशनी है, तो दिन भर में वह कितना पानी पी रहे हैं, इसका ख्याल रखें. हर थोड़ी देर पर उन्हें पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स पीने के लिए दें. अगर प्यास और गला सूखने के अलावा, बहुत ज़्यादा थकान, शरीर में दर्द, सिर में दर्द या भारीपन लग रहा है और वह सामान्य देखभाल से ठीक नहीं हुआ है, तो संभल जाएं. ये लक्षण गंभीर हो सकते हैं और स्थिति बिगड़ने पर धड़कनों के तेज़ होने से लेकर बेहोशी तक की नौबत आ सकती है.

    यहां एक और बात का भी ध्यान रखें कि अगर डिहाइड्रेशन का स्तर गंभीर हो जाता है, तो बच्चों और बुजुर्गों के लिए जानलेवा भी हो सकता है. शरीर में पानी की कमी की वजह से किडनी से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं. जैसे कि किडनी स्टोन और गंभीर स्थिति होने पर किडनी खराब होना. इन समस्याओं के साथ-साथ पाचन की भी दिक्कत हो सकती है. इस वजह से आपको बार-बार बाथरूम के चक्कर लगाने पड़ सकते हैं. कुछ केस में, पोटेशियम और सोडियम लेवल कम होने पर स्ट्रोक और ब्रेकडाउन की नौबत आ जाती है. हाइपोवेलमिक शॉक जिसे आम भाषा में अचानक शुगर और ब्लड प्रेशर का गिरना कहते हैं, यह खतरा भी डिहाइड्रेशन की वजह से होता है.

    डिहाइड्रेशन से कैसे बचा जा सकता है?
    सबसे पहले यह समझना ज़रूरी है कि सही हाइड्रेशन का मतलब सिर्फ़ ज़रूरत के मुताबिक पानी पीना भर नहीं है. सिर्फ़ पानी पीने से हाइड्रेशन ज़रूरत पूरी नहीं होती है. शरीर के सभी अंगों के सही तरीके से काम करने के लिए इलेक्ट्रोलाइट्स की भी ज़रूरत होती है. डिहाइड्रेशन से बचने के लिए आपको फ़्लूएड बैलेंस का ध्यान रखना है: ज़्यादा से ज़्यादा मात्रा में पानी पीना ज़रूरी है, लेकिन साथ ही,इलेक्ट्रोलाइट्स बैलेंस की भी ज़रूरत है.

    ज़्यादा उम्र के लोगों के लिए, ज़रूरी है कि वह दिन भर में कितना पानी पी रहे हैं, इसका ध्यान रखें. घर से बाहर निकलते हुए अपने साथ पानी की बोतल लेकर जाएं. दिन भर में कितना पानी पी रहे हैं, इसकी हमेशा गिनती करते रहें. यकीन मानिए कि यह टारगेट पूरा करने की तरह है, जैसे रोज़ 10,000 कदम चलना हो या ऑफ़िस का कोई टारगेट. परिवार के दूसरे सदस्यों को ध्यान रखना चाहिए कि घर के बुजुर्ग सही मात्रा में पानी पी रहे हैं या नहीं.

    रोज के खाने-पीने में हाइड्रेशन में मदद करने वाली चीज़ों को शामिल करें. बहुत से फल और सब्ज़ियां हैं जो हाइड्रेशन के लिहाज़ से बेहतरीन विकल्प हैं. जैसे कि खरबूजे, तरबूजे, बेरी और खीरा, लौकी, तोरई जैसी सब्ज़ियां. दिन भर के खाने में इन्हें ज़रूर शामिल करें. साथ ही, दिन में एक या दो बार सूप पीने की आदत डालें. आपकी रोज़मर्रा की डाइट में चीनी के इस्तेमाल पर नज़र रखें और जितना हो सके, चीनी सेवन की मात्रा को कम करने की कोशिश करें. हाई शुगर या ज़्यादा मीठा डिहाइड्रेशन को बढ़ाता है और खास तौर पर बुजुर्गों के लिए यह और भी खतरनाक है. बड़ी उम्र के लोगों में पानी की मात्रा वयस्कों से कम रहती है और ऐसे में ज़्यादा मीठा उनके हाइड्रेशन के स्तर को गड़बड़ कर सकता है.

    बाथरूम जाने में शर्माएं नहीं, ज़्यादा देर तक पेशाब नहीं रोकें. आम तौर पर घर से बाहर रहने पर या यात्रा में बहुत से लोग पब्लिक टॉयलेट का इस्तेमाल नहीं कर पाते हैं. खास तौर पर बड़े लोग काफ़ी देर तक पेशाब को रोकने की कोशिश करते हैं. बाहर वॉशरूम का इस्तेमाल न करना पड़े, इसके लिए बहुत से लोग कम पानी पीते हैं. सार्वजनिक जगहों पर इसलिए भी साफ़ टॉयलेट का होना ज़रूरी है. अगर ऐसी स्थिति बने तब भी पेशाब को रोकने के बजाय कोई ऐसी व्यवस्था करनी चाहिए कि बच्चे-बुज़ुर्ग सब ज़रूरत के मुताबिक वॉशरूम का इस्तेमाल कर पाएं.

    यात्रा करने से पहले कुछ चीज़ों का ख्याल रखें. घर से बाहर जाते हुए पैकिंग बहुत ध्यान से करनी चाहिए. अपने सूटकेस में हाइड्रेटिंग ड्रिंक्स रखना न भूलें. साथ ही, आपको ऐसे फल भी ज़रूर खाते रहना चाहिए जिनसे शरीर में पानी की ज़रूरत पूरी होती हो. अगर आप लंबी दूरी की यात्रा कर रहे हैं, तो कोशिश करें कि बीच में कुछ स्टॉप ज़रूर हों. इसके अलावा, डिहाइड्रेशन ठंड लगने या लू लगने से भी हो सकता है, तो मौसम के हिसाब से कपड़े और खान-पान का ध्यान रखना ज़रूरी है.

    जब डिहाइड्रेशन से लड़ने और ठीक होने की बात हो, तो Electral जितनी तेज़ी से काम करता है, वैसा कुछ और नहीं कर सकता है. Electral भारत में डॉक्टरों की ओर से सुझाया नंबर 1 डब्ल्यूएचओ प्रमाणित ओआरएस है.

    शरीर की हाइड्रेशन ज़रूरतों को देखते हुए इसमें सटीक फ़ॉर्म्युला का इस्तेमाल किया गया है. डब्ल्यूएचओ के नियमों के मुताबिक, इसे तैयार किया जाता है और पैकेट पर लिखे मिश्रण के अनुपात में ही इसे बनाया जाता है. हाइड्रेशन के लिए अपने साथ Electral के टेट्रापैक हमेशा साथ रखें.

    निष्कर्ष
    डिहाइड्रेशन ज्यादा उम्र के लोगों के लिए नुकसानदेह है और अगर वह इसके शिकार हो गए, तो स्थिति गंभीर भी हो सकती है. बुज़ुर्गों में डिहाइड्रेशन के लक्षण शुरुआत में पकड़ में नहीं आते हैं. खास तौर पर अगर पहले से ही उन्हें कई तरह की बीमारियां हो. हालांकि, अगर हम अपने बुज़ुर्गों से लगातार बात करें और उनके लिए सहानुभूति भरा बर्ताव करें, तो हमें समय रहते बहुत कुछ पता चल सकता है. हम इससे सतर्क भी हो सकते हैं और बीमारी को गंभीर होने से रोक सकते हैं. हमेशा इस बात का ध्यान रखें कि बीमारी से बेहतर परहेज है, तो इस सूत्र को बुज़ुर्गों की देखभाल के लिए गांठ बांध लें. जहां तक डिहाइड्रेशन की बात है, तो आपने उसके हर पहलू के बारे में बारीकी से जान लिया है.

    (यह पार्टनर्ड पोस्ट है.)

    Tags: Dehydration, Health, Hydrationforhealth

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