पैसे बचाने में 5 साल की देरी से हो सकता है 1 करोड़ का नुकसान! यहां समझिए

अब 'मोक्ष' दिलाएगा दिल्ली के प्रदूषण और कोरोना से राहत
अब 'मोक्ष' दिलाएगा दिल्ली के प्रदूषण और कोरोना से राहत

भविष्य को वित्तीय रूप से सुरक्षित करने के लिए जरूरी है कि कमाई शुरू होने के साथ ही निवेश किया जाएगा. बचत में जितनी देरी होगी, रिटायरमेंट के समय में वित्तीय स्थिति पर उतना ही असर पड़ेगा.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 19, 2020, 9:36 AM IST
  • Share this:
नई दिल्ली. अपने पहले निवेश (Investment) में मात्र कुछ सालों की देरी से ही आपको करोड़ों रुपये का नुकसान हो सकता है. अधिकतर फाइनेंशियल एक्सपर्ट्स का कहना है कि नौकरी शुरू होने के साथ ही बचत करना भी शुरू कर देना चाहिए. इसके लिए आपको कोई बड़ी रकम नहीं बचानी है. छोटी-छोटी रकम की बचत के साथ ही निवेश शुरू किया जा सकता है. हर महीने इस एक छोटी सी रकम से आपके भविष्य के लिए बचत के रूप में एक बड़ा फंड तैयार हो सकता है. आज हम आपको हर महीने 5,000 रुपये की बचत के आधार पर बताएंगे कि कैसे लंबी अवधि में यह आपके लिए कितना फायदेमंद साबित हो सकता है. आप जानकर हैरान हो जाएंगे कि बचत करने में केवल 5 साल की देरी से आपको एक करोड़ रुपये का नुकसान हो सकता है.

उदाहरण के लिए हम तीन निवेशकों को लेते हैं. इन तीनों निवेशकों ने अलग-अलग उम्र में हर महीने 5,000 रुपये निवेश करने की शुरुआत की है. ये सभी निवेशक 58 साल की उम्र तक अपने रिटायरमेंट के लिए निवेश कर रहे हैं.

यह भी पढ़ें: एसबीआई दे रहा सबसे सस्ता होम लोन! प्रोसेसिंग फीस पर भी 100 फीसदी की छूट



>> निवेशक 'क' ने 23 साल की उम्र में निवेश करना शुरू किया है. हर महीने में 5,000 रुपये के निवेश पर इन्हें औसतन 11 फीसदी के रिटर्न की उम्मीद है. 58 साल की उम्र तक इनके पास रिटायरमेंट फंड के तौर पर 2.64 करोड़ रुपये होगा.
>> निवेशक 'ख' ने 28 साल की उम्र से हर महीने में 5,000 रुपये का निवेश करना शुरू किया है. इन्हें भी 11 फीसदी की रिटर्न की उम्मीद है. 58 साल की उम्र तक इनके पास रिटायरमेंट फंड के तौर पर 1.40 करोड़ रुपये होगा.

>> निवेशक 'ग' के 33 साल की उम्र में निवेश करना शुरू होना. इन्हें भी हर महीने 5,000 रुपये के निवेश पर 11 फीसदी के रिटर्न की ही उम्मीद है. इस हिसाब से निवेशक 'ग' को 58 साल की उम्र में रिटायरमेंट फंड के तौर पर केवल 79 लाख रुपये ही होंगे.

यह भी पढ़ें: दुनिया के सबसे बड़े व्यापार समझौते में क्यों शामिल नहीं हुआ भारत, क्या होगा इसका असर?

उपरोक्त उदाहरण से साफ पता चलता है कि 11 फीसदी सालाना रिटर्न के लिए हर महीने 5,000 रुपये का निवेश में 5 साल की देर 1 करोड़ रुपये तक का अंदर पैदा कर सकता है. अगर 10 साल के अंतराल में देखें तो यह रकम और भी बड़ी हो रही है. इस उदाहरण के बाद यह कहा जा सकता है कि जितनी जल्दी निवेश शुरू किया जाएगा, अपने ​भविष्य को वित्तीय रूप से उतना ही ज्यादा मजबूत किया जा सकेगा.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज