4 महीने से बंद पड़ी दिल्ली मेट्रो नहीं कर पा रही लोन का भुगतान, मांगी केंद्र सरकार से मदद

दिल्ली मेट्रो को अब तक 1,200 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है

दिल्ली मेट्रो को अब तक 1,200 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है

बीते 22 मार्च से ही ठप पड़े दिल्ली मेट्रो (DMRC) के लिए लोन रिपेमेंट की समस्या खड़ी हो गई है. इसी को देखते हुए DMRC ने केन्द्र सरकार का दरवाजा खटखटाया है. एक अनुमान के मुताबिक, बीते 4 महीने में दिल्ली मेट्रो को करीब 1,200 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है.

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नई दिल्ली. करीब दो दशक में ऐसा पहली बार होगा कि दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) 35,198 करोड़ रुपये के लोन का पहला इंस्टॉलमेंट नहीं जमा कर पाएगी. डीएमआरसी ने यह लोन जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी (JICA) से कंस्ट्रक्शन कार्यों के लिए लिया है.  डीएमआरसी ने अब राहत के लिए केंद्र सरकार का दरवाजा खटखटाया है, ताकि लोन रिपेमेंट को अगले एक साल के लिए बढ़ा दिया जाए.

1200 करोड़ रुपये के नुकसान का अनुमान

दरअसल, बीते 22 मार्च से ही कोविड-19 के मद्देनजर दिल्ली मेट्रो सेवाएं बंद हैं. इसके बाद से दिल्ली मेट्रो को अब तक 1,200 करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है. बीते 4 महीने में पैसेंजर​ टिकटों से एक रुपये की भी कमाई नहीं हुई है. टाइम्स ऑफ इंडिया ने अपनी एक रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से कहा है कि अन्य सेक्टर्स के प्रभावित होने की वजह से अन्य सोर्सेज से होने वाली कमाई भी अब कम हो चुकी है.

मेट्रो कर्मचारियों को मिल रही सैलरी
हालांकि, इस दौरान DMRC ने 389 किलोमीटर के नेटवर्क और कुल 285 स्टेशनों को वर्किंग मोड में रखा है. साथ ही, करीब 10,000 वर्कफोर्स को सैलरी भी दे रही है. इस रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से यह भी कहा गया है कि DMRC कुछ और समय के लिए भी बिना रेवेन्यू के आगे बढ़ सकता है. लेकिन, उसके लिए सबसे बड़ी चुनौती लोन का भुगतान करना है.

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30 साल के लिए लिया है लोन



DMRC को JICA से 30 साल के लिए 1.2 फीसदी से 2.30 फीसदी की रियायत दर पर लोन मिला है. इसमें 10 साल की मोरेटोरियम अवधि भी शामिल है. हालांकि, इस लोन का भुगतान DMRC ही करती है. लेकिन, इसे JICA से भारत सरकार ने दिल्ली मेट्रो प्रोजेक्ट के लिए लिया है. इस लोन का पहला इन्स्टॉलमेंट 1997 में मिला था और इसका रिपेमेंट 2007 में शुरू हुआ. DMRC ने अब तक 3,337 करोड़ रुपये का भुगतान कर दिया है. अन्य सभी प्रोजेक्ट के लिए DMRC ने JICA से ही लोन लिया है और समय पर इसका भुगतान भी कर दिया है.

इस साल कितना करना है भुगतान?

वित्त वर्ष 2020-21 के लिए DMRC को 1,242.8 करोड़ रुपये का भुगतान करना है. इसमें 434.1 करोड़ रुपये ब्याज और 808.7 करोड़ रुपये मूल राशि है. DMRC ने इसमें से अब तक केवल 79.2 करोड़ रुपये के ब्याज का ही भुगतान किया है.

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22 मार्च तक हर रोज 10 करोड़ रुपये कमाए

वित्त वर्ष 2018-19 में DMRC ने कुल किराये के जरिए 3,121 करोड़ रुपये की कमाई की थी. वहीं, नॉन-पैसेंजर रेवेन्यू के जरिए 594 करोड़ रुपये आए थे. इसमें शॉप रेंटल्स, नीलामी और विज्ञापन के जरिए होने वाली कमाई शामिल है. चूंकि, बीते एक साल में मेट्रो विस्तार का काम आगे नहीं बढ़ा है और प्रति दिन मेट्रो से 30 लाख लो यात्रा करते हैं. यह माना जा रहा है कि 22 मार्च तक DMRC को हर रोज 10 करोड़ रुपये की कमाई हुई है.

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