टप्पल में लॉजिस्टिक हब के लिए 2 महीने में डीपीआर बनाएगी ब्रिटेन की डिलाइट

इस योजना की डीपीआर (DPR) पर भी काम शुरु हो गया है

इस योजना की डीपीआर (DPR) पर भी काम शुरु हो गया है

यमुना एक्सप्रेस-वे (Yamuna Expressway) के किनारे लॉजिस्टिक हब (Logistics Hub) और वेयर हाउसिंग कलस्टर बनना प्रस्तावित है. लॉजिस्टिक हब और वेयर हाउसिंग कलस्टर अलीगढ़ में आने वाले टप्पल (Tappal) में बनेगा. इस

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 14, 2021, 11:04 AM IST
  • Share this:
नोएडा. यमुना एक्सप्रेस-वे (Yamuna Expressway) के किनारे लॉजिस्टिक हब (Logistics Hub) और वेयर हाउसिंग कलस्टर बनना प्रस्तावित है. लॉजिस्टिक हब और वेयर हाउसिंग कलस्टर अलीगढ़ में आने वाले टप्पल (Tappal) में बनेगा. इस योजना की डीपीआर (DPR) पर भी काम शुरु हो गया है. आने वाले दो महीने यानि जून में डीपीआर बनकर तैयार हो जाएगी. यमुना अथॉरिटी (Yamuna Authority) ने डीपीआर के लिए ब्रिटेन की डिलाइट कंपनी के साथ एग्रीमेंट किया है. अगर इस योजना के मास्टर प्लान की बात करें तो यूपी सरकार उस पर पहले ही मुहर लगा चुकी है.

ऐसा होगा टप्पल में बनने वाला लॉजिस्टिक हब

अथॉरिटी के अफसरों की मानें तो टप्पल-बाजना अर्बन सेंटर को कुल 11104 हेक्टेयर जगह में बसाया जाएगा. लेकिन इसमें से 1794.4 हेक्टेयर ज़मीन बिजनेस करने के लिए छोड़ी जाएगी. यहां लॉजिस्टिक और वेयर हाउसिंग कलस्टर विकसित किया जाएगा. वहीं 1608.3 हेक्टेयर ज़मीन आवासीय होगी. यह नया शहर सेक्टर 35 के पास बसाया जाएगा.

मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक हब बनने के बाद वेयर हाउसिंग का पूरा सिस्टम विकसित किया जाएगा. वेयर हाउसिंग में 1500 से 2000 करोड़ रुपये का निवेश ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी करेगी. बाकी का पैसा सरकार लगाएगी. सीईओ का कहना है कि ग्रेटर नोएडा शहर की कनेक्टिविटी देश के दूसरे शहरों से कहीं बेहतर है.
रमजान के दौरान ऐसे नहीं टूटेगा डायबिटीज पेशेंट का रोजा, करने होंगे ये काम

यहां पर दुबई और सिंगापुर जैसे पोर्ट की तरह इनलैंड कंटेनर डिपो भी बनाया जाएगा. जिसके जरिए कोई भी सामान भारत के किसी भी हिस्से में सिर्फ 15 घंटे में पहुंच जाएगा. ऐसा होने के बाद ट्रांसपोर्ट पर लागत भी कम आएगी.

लॉजिस्टिक हब में ऐसा होगा ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम



नए शहर में यमुना अथॉरिटी की योजना स्मार्ट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम लागू करने की है. स्वच्छ पर्यावरण बनाए रखने और बेहतर ट्रांसपोर्ट सुविधा देने के लिए सड़कों पर निजी और कमर्शियल वाहनों के लिए अलग लेन बनाई जाएगी. वहीं शहर में कोई ट्रैफिक सिग्नल भी नहीं होगा. इतना ही नहीं नए शहरों से निकलने वाले सीवर के पानी को यमुना नदी में नहीं छोड़ा जाएगा. इस योजना को अंजाम देने के लिए सीवर के पानी को रिसाइकल किया जाएगा. वहीं रिसाइकल किए गए पानी को शहर की बागवानी के काम में लिया जाएगा.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज