Google-facebook विज्ञापन डील को लेकर उठी विस्तृत जांच की मांग...!

सुशील मोदी ने केंद्र सरकार से ऑस्ट्रेलिया के न्यूज मीडिया बारगेनिंग कोड की तर्ज पर कानून बनाने की मांग की है. (सांकेतिक तस्वीर)

सुशील मोदी ने केंद्र सरकार से ऑस्ट्रेलिया के न्यूज मीडिया बारगेनिंग कोड की तर्ज पर कानून बनाने की मांग की है. (सांकेतिक तस्वीर)

फेसबुक और गूगल (Facebook-Google) के बीच हुई ऑनलाइन विज्ञापन डील को लेकर लॉ मेकर्स ने विस्तृत जांच की मांग की है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 2, 2021, 12:13 PM IST
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फेसबुक और गूगल (Facebook-Google) के बीच हुई ऑनलाइन विज्ञापन डील को लेकर लॉ मेकर्स ने जांच की मांग की है. इनका मानना है कि इन दोनों कंपनियों ने नीलामी के दौरान धांधली की है. बता दें कि गूगल पर 11 राज्यों ने आरोप लगाया था कि गूगल अन्य कंपनियों के साथ कॉन्ट्रैक्ट और साझेदारी कर दूसरी सर्च इंजन कंपनियों को पूरी तरह से बाहर कर रहा था. गूगल पर अमेरिकी जस्टिस डिपार्टमेंट और 38 राज्यों ने केस लगाया. वहीं फेसबुक पर भी पहले फेडरल ट्रेड कमिशन ने एंटीट्रस्ट की शिकायत की तो वहीं बाद में 46 राज्यों ने.

मामले पर विस्तृत जांच की मांग- राज्य के अटॉर्नी जनरल ने पिछले महीने लगाये गये आरोप के आधार पर कहा कि 2018 में फेसबुक इंक और अल्फाबेट इंक के गूगल के बीच हुए हुई डील एक प्राइज फिक्सिंग डील है जो गैरकानूनी है. लॉ मेकर्स द्वारा इस मामले पर विस्तृत जांच की मांग की है. टेक्सास के केन पैक्सटन के नेतृत्व में 10 रिपब्लिकन्स की अटॉर्नी जनरल टीम ने कहा कि गूगल ने Google ने पूरे वेब पर विज्ञापन के लिए स्थान आवंटित करने के लिए फेसबुक को विशेष अनुमति दी है.

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फेसबुक और गूगल ने शिकायत को किया खारिज- फिलहाल, फेसबुक ने इस शिकायत को पूरी तरह खारिज कर दिया है और कहा है कि दोनों कंपनियों के बीच साझेदारी किसी को नुकसान पहुंचाने के लिए नहीं की गई थी बल्कि दूसरे एडवर्टाइजर्स और पब्लिशर्स को ऑप्शन देने के लिए ऐसा किया गया था. हालांकि गूगल ने यहां रिपोर्ट के तुरंत बाद जवाब नहीं दिया लेकिन इतना जरूर कहा कि, फेसबुक के साथ उसकी भी कोई इस तरह की साझेदारी नहीं थी. इस तरह के आरोप गलत हैं और हम किसी तरह की हेराफेरी नहीं करते.
लगाये ये आरोप- रिपब्लिकन्स के अटॉर्नी जनरल ने कहा कि गूगल वेब पर दिखाए जाने वाले विज्ञापनों के लिए ना केवल बहुत अधिक शुल्क ले रहा है बल्कि कंपनी के प्रभुत्व को चुनौती देने वाले प्रतिद्वंद्वियों को मैदान से ही बाहर कर दिया है. टेक्सस के अटॉर्नी जनरल केन पैक्सटन ने मुकदमे की योजना की घोषणा करते हुए ट्विटर पर जारी एक वीडियो में कहा, 'अगर मुक्त बाजार बेसबॉल का खेल होता तो कंपनी अपने आपको पिचर, बैटर और अंपायर तीनों जगह स्वयं को ही तैनात कर लेती.' टेक्सस के पूर्वी जिले में दायर की गई इस शिकायत में देश की सबसे बड़ी तकनीकी कंपनी की जमकर आलोचना की गई है.

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शिकायत में आरोप लगाया गया है कि गूगल और फेसबुक विज्ञापनों की कीमतें तय करने में लगे हुए हैं और उन्होंने सहयोग करना जारी रखा है. हालांकि इस खंड को कम कर दिया गया था और यह स्पष्ट नहीं किया गया था कि कंपनियों ने कब और कैसे बाजार आवंटन समझौते का इस्तेमाल किया.

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