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ग्रामीण भारत में मांग बढ़नी शुरू, क्या गांवों से शुरू होगी आर्थिक तरक्की की कहानी?

ग्रामीण इलाकों में मांग में इजाफा हो रहा है.

ग्रामीण इलाकों में मांग में इजाफा हो रहा है.

लॉकडाउन के बाद आर्थिक गतिविधियां अब रफ्तार पकड़ने लगी है. यही कारण है कि ग्रामीण इलाकों में मांग में इजाफा हो रहा है. स ...अधिक पढ़ें

    नई दिल्ली. ग्रामीण भारत अब इंडिया इंक के लिये राहत की एक उम्मीद लेकर आया है. कोरोना वायरस महामारी (Coronavirus Pandemic) के बीच शहरी क्षेत्रों में मांग में भारी गिरावट रही है, लेकिन ग्रामीण भारत में अब मांग (Demand in Rural India) में तेजी दिखनी शुरू हो गई है. मई और जून के बीच आर्थिक गतिविधियां शुरू होने, अच्छी फसल और मनरेगा के तहत अधिक आवंटन की वजह से मांग में तेजी देखने को मिल रही है.

    ग्रामीण इलकों में खर्च मापने के लिये डोमेस्टिक ट्रैक्टर की बिक्री (Domestic Tractor Sales) को एक बेहतर सूचक माना जाता है. हाल ही में जारी इंडस्ट्री आंकडों से पता चलता है कि यह 5 फीसदी बढ़ा है और 61,000 ट्रैक्टर्स बिके हैं. इसका प्रमुख कारण है कि इस साल फसल उत्पादन अच्छी रही है.

    अनाज उत्पादन का लक्ष्य पूरा
    अंग्रेजी बिजनेस अखबार द बिजनेस स्टैंडर्ड ने शनिवार को अपनी एक रिपोर्ट में एक प्रमुख ट्रैक्टर मैन्युफैक्चरिंग कंपनी के हवाले से लिखा कि किसानों के पास केंद्र व राज्यों से मिले डिस्पोजेबल कैश उपलब्ध है. फसल वर्ष 2019-20 में भारत में अनुमानत: 291.95 मिलियन टन अनाज का उत्पादन हुआ है. इसके लिये तय लक्ष्य 291 मिलियन टन का था. उत्पादन में इजाफा होने से ग्रामीण इलाकों में मांग में तेजी आई है.

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    स्टील और सीमेंट की मांग बढ़ी
    जानकारों का कहना है कि ग्रामीण इलाकों में मई महीने में कंस्ट्रक्शन एक्टिविटी शुरू हो गई थी. जुलाई के बाद इसमें और भी इजाफा होगा. मानसून के बाद सितंबर महीने में यह बेहतर स्थिति में पहुंच जायेगा. चूंकि, यहां लॉकडाउन में सबसे पहले ढील मिली, इसीलिये यहां कंस्ट्रक्शन एक्टिविटी जल्द शुरू हो गई. इससे स्टील और सीमेंट की मांग में इजाफा हुआ. इस रिपोर्ट के मुताबिक, स्टील के डिमांड में 3,035 फीसदी का इजाफा ​हुआ है. इसमें से करीब 50 फीसदी ग्रामीण इलकों से आया है.

    दरअसल मॉनसून से पहले ग्रामीण भारत में छत बनाने और मरम्मत करने काम, शेड्स तैयार करने काम सबसे ज्यादा होता है. इससे स्टील की मांग बढ़ जाती है. आमतौर पर यह काम मार्च महीने में ही शुरू हो जाता है. रिपोर्ट में कहा गया कि स्टील और सीमेंट उन ​हाउ​स बिल्डर्स में प्रमुख तौर पर देखने को मिल रही है, जिनके कंस्ट्रक्शन का काम लॉकडाउन की वज ह से रुक गया गया था.

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    मजदूरों की वापसी से ग्रामीण इलाकों में मांग बढ़ेगी
    लॉकडाउन के ऐलान के बाद से लाखों की संख्या में मजदूर अपने गृह राज्य चले गये हैं. कंपनियों का मानना है इससे मांग में इजाफा होगा. अच्छी फसल के बाद रिटेल मार्केट भी अब खुल चुका है. इस महीने माइक्रो फाइनेंस इंस्टीट्यूशंस ने भी अपन ऑपरेशन शुरू कर दिया है. इनके द्वारा जारी किये गये लोन रिपेमेंट में भी बढ़ोतरी देखने को मिल रही है.

    हालांकि, शहरी क्षेत्रों में अभी भी मांग में तेजी नहीं देखने को मिल रही है. ऐसे में केवल ग्रामीण क्षेत्रों में स्टील की मांग बढ़ना पर्याप्त नहीं होगा क्योंकि कंस्ट्रक्शन, इन्फ्रा ऑटो सेक्टर में बड़े स्तर पर स्टील की खपत होती है.

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    Tags: Business news in hindi, Economic Reform, Indian economy

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