Bihar Budget 2021-22: हंगामे के बीच बिहार विधानसभा में 19370 करोड़ रुपये का द्वितीय अनुपूरक बजट पेश

बिहार के डिप्टी सीएम तार किशोर प्रसाद (फाइल फोटो)

बिहार के डिप्टी सीएम तार किशोर प्रसाद (फाइल फोटो)

सभा की कार्यवाही भोजनावकाश के बाद शुरू होने पर विपक्षी सदस्यों के हंगामे के बीच तारकिशोर ने वित्तीय वर्ष 2020-21 के लिए 19370 करोड़ रुपए का द्वितीय अनुपूरक बजट पेश किया.

  • Share this:
पटना. बिहार विधान सभा (Bihar Legislative Assembly) में बुधवार को विपक्षी सदस्यों के हंगामे के बीच उपमुख्यमंत्री सह वित्त मंत्री तारकिशोर प्रसाद (Tar Kishore Prasad) ने वित्तीय वर्ष 2020-21 के लिए 19370 करोड़ रुपये का द्वितीय अनुपूरक बजट (Supplementary Budget) पेश किया. सीपीआई-माले के विधायक समाज कल्याण मंत्री मदन साहनी की टिप्पणी से आहत हुए थे और हंगामा हो गया था.

सभा की कार्यवाही भोजनावकाश के बाद शुरू होने पर विपक्षी सदस्यों के हंगामे के बीच तारकिशोर ने वित्तीय वर्ष 2020-21 के लिए 19370 करोड़ रुपए का द्वितीय अनुपूरक बजट पेश किया. विधान मंडल के दोनों सदनों में बुधवार को पेश किए गए द्वितीय अनुपूरक व्यय विवरण में वार्षिक स्कीम मद में 9530.27 करोड़ रुपए, स्थापना एवं प्रतिबद्ध व्यय मद में:प्रभृत सहितः 9399.99 करोड़ रुपए और केंद्रीय क्षेत्र स्कीम मद में 439.78 करोड रुपए सहित कुल 19370.03 करोड़ रुपए का स्कीम वार प्रस्तावित राशि शामिल है.

ये भी पढ़ें- NSE Trading Halts: क्या रही तकनीकी खामी, निवेशक कैसे हुए प्रभावित, जानिए सबकुछ



सीपीआई-माले के महबूब आलम के ध्यानाकर्षण के जरिए डीबीटी के माध्यम वृद्धावस्था पेंशन के भुगतान में हुए विलंब का जवाब देने के क्रम में समाज कल्याण मंत्री मदन सहनी द्वारा की गयी टिप्पणी से भड़के विपक्षी सदस्यों के सदन के वेषम में आकर हंगामा करने पर बिहार विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार सिन्हा ने सदन की कार्यवाही गुरुवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी.
भोजनावकाश के पूर्व आलम ने अपने ध्यानाकर्षण में पूछा था कि हजारों वृद्धों को तब से पेंशन नहीं मिल रही है जब से इसका भुगतान डीबीटी के जरिए शुरू किया गया है जब गांव और प्रखंड मुख्यालय स्तर पर शिविर लगाकर इसका भुगतान किया जा रहा था तो लाभार्थी पेंशन पा रहे थे. आलम के ध्यानाकर्षण का जवाब देते हुए सहनी ने कहा कि सदन में सब बात नहीं बोलना चाहते. इनकी दुकान इन सब चीज पे चल रही है. कह देंगे तो दुकान बंद हो जाएगी.

सहनी के इस जवाब से आहत भाकपा माले सहित राजद एवं कांग्रेस के अन्य विपक्षी सदस्य सदन के वेषम में आकर मंत्री से माफी की मांग करते हुए सरकार विरोधी नारे लगाने शुरू कर दिए. दोपहर के भोजन के सत्र में चूंकि यह सदन की कार्यवाही का अंतिम विषय था इसलिए अध्यक्ष ने मामले को दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया.

ये भी पढ़ें- मैजिकब्रिक्स के सर्वे में दावा! 38 फीसदी ग्राहक 30 लाख से 1 करोड़ रुपये तक लेना चाहते हैं होम लोन, बढ़ी बड़े कर्ज की मांग

भोजनावकाश के बाद 2 बजे जब सदन की कार्यवाही दोबारा शुरू होने पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की उपुस्थिति में विपक्षी सदस्यों के मंत्री के बर्खास्तगी की अपनी मांग को फिर से दोहराने पर अध्यक्ष ने अपने कक्ष में सभी राजनीतिक दलों के नेताओं के साथ इस मुद्दे को लेकर हुई बैठक का हवाला देते हुए विपक्षी सदस्यों से अपना अपना स्थान ग्रहण करने और सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलने देने आग्रह किया. लेकिन विपक्षी सदस्यों के नहीं मानने पर उनके हंगामें के बीच तारकिशोर प्रसाद ने वित्तीय वर्ष 2020-21 के लिए 19370 करोड़ रुपए का द्वितीय अनुपूरक बजट पेश किए जाने के बाद उन्हें सदन की कार्यवाही तीन बजे तक के लिए और बाद में गुरुवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित किए जाने की घोषणा करनी पड़ी.

इससे पहले संसदीय कार्य मंत्री विजय कुमार चौधरी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जदयू के मुख्य सचेतक और मंत्री श्रवण कुमार ने जिन्होंने विपक्षी सदस्यों को शांत करने की कोशिश करते हुए कहा कि अगर मंत्री सहनी की टिप्पणी ने किसी सदस्य की भावना आहत हुई है तो वे सरकार की ओर से खेद व्यक्त करते हैं. विपक्षी सदस्य सहनी जो कि सदन में मौजूद थे, के द्वारा खेद व्यक्त किए जाने पर अड़े रहे.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज