लॉकडाउन में यहां के किसानों ने अल्फांसो आम बेचकर की लाखों में कमाई, अपनाया ये तरीका

लॉकडाउन में यहां के किसानों ने अल्फांसो आम बेचकर की लाखों में कमाई, अपनाया ये तरीका
किसानों ने बिचौलियों को बेचने के बजाय सीधे उपभोक्ताओं को बेचे आम

लॉकडाउन (Lockdown) के बावजूद महाराष्ट्र के कोंकण क्षेत्र के आम किसानों (Mango Farmers) ने अच्छी कमाई की है. किसानों ने बिचौलियों को अपनी उपज बेचने की प्रथा को तोड़कर, उन्होंने अल्फांसो आम (Alphonso Mango) को सीधे उपभोक्ताओं को बेची.

  • Share this:
नई दिल्ली. कोरोना वायरस महामारी (Coronavirus Pandemic) के प्रकोप को रोकने के लिए लॉकडाउन (Lockdown) के बावजूद महाराष्ट्र के कोंकण क्षेत्र के आम किसानों (Mango Farmers) ने अच्छी कमाई की है. किसानों ने बिचौलियों को अपनी उपज बेचने की प्रथा को तोड़कर, उन्होंने अल्फांसो आम (Alphonso Mango) को  सीधे उपभोक्ताओं को बेची. किसानों ने फल के आकार के आधार पर तीन से छह दर्जन आम के हर डिब्बे को 800 रुपए से लेकर 1,000 रुपए में बेचे.

द हिन्दू बिजनेस लाइन की रिपोर्ट के मुताबिक, महाराष्ट्र के सिंधुदुर्ग, रत्नागिरी और रायगढ़ जिले अल्फांसो (Alphonso) आम की वेरायटी के लिए जाने जाते हैं. आम का सीजन मार्च में शुरू होता है और यह जून मध्य तक जारी रहता है. हालांकि कोविड-19 के प्रसार के बाद लॉकडाउन ने आम उत्पादकों को तंगी में पहुंचा दिया.

ये भी पढ़ें- बड़ी खबर! 31 जुलाई तक रजिस्ट्रेशन कराने वाले किसानों के ही खाते में आएंगे पैसे



सरकार ने किसानों को जारी किए स्पेशल पास



लॉकडाउन के कारण बिचौलियों की वर्चस्व वाली पारंपरिक सप्लाई चेन टूट गई. राज्य सरकार ने किसानों को अपनी उपज सीधे राज्य के अन्य हिस्सों में उपभोक्ताओं तक ले जाने को कहा. फलों का ट्रांसपोर्ट करने वाले किसानों को सरकार ने स्पेशल पास जारी किए गए.

लाखों में हो रही कमाई
एक पेड़ से आम के लगभग 10 बक्से निकलते हैं. 100 पेड़ों की खेती के लिए एक किसान हर साल लगभग 1 लाख रुपए से 1.25 लाख रुपए खर्च करता है. प्रत्येक 100 पेड़ों के लिए किसान को सालाना लगभग 8 लाख रुपए मिलते थे. लेकिन अब बिचौलियों को कोई कमीशन नहीं देना पड़ा. ये किसान एक ही पेड़ से लगभग 10 लाख रुपए कमा रहे हैं.

ये भी पढ़ें- 1 जून से शुरू हो रहीं 200 ट्रेनें, यात्रा से पहले जानें रेलवे के ये जरूरी नियम

इसके अलावा, उपभोक्ताओं को पहले की तुलना में सस्ते दाम पर आम मिल रहे हैं, क्योंकि बिचौलियों ने फलों को बहुत अधिक कीमत पर बेचा है. डागरे की तरह देवगढ़ तालुका के बहुत सारे किसानों ने राज्य सरकार के फैसला का फायदा मिला है. बिचौलिए किसानों को आम के दाम तुरंत नहीं देते और उन्हें पेमेंट के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता था. लेकिन अब किसानों को नई सप्लाई सिस्टम से तुरंत रिटर्न मिल रहा है.

ये भी पढ़ें- कल से पूरे देश में लागू होगा 'वन नेशन, वन राशन कार्ड', बदल जाएंगे ये नियम

आज से इन ट्रेनों में बदल गए टिकट बुकिंग के नियम, बुक करने से पहले जानें यहां
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज

corona virus btn
corona virus btn
Loading